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अ
अंगदरामायण एवं रामचरितमानस · सुग्रीव का पुत्र अंगद, जो राम के दूत बनकर रावण के दरबार में गया।अंगिरावेद एवं पुराण · ब्रह्मा के मानस पुत्र और दिव्य ऋषि; अंगिरस वंश तथा अनेक वैदिक सूक्तों के द्रष्टा।अंगुलिमालकथाएँ एवं घटनाएँ · हिंसक डाकू अंगुलिमाल बुद्ध के उपदेश से अहिंसक भिक्षु बन गया।अंत्येष्टि संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · मृत्यु के बाद शरीर का दाह-संस्कार और प्रेत-कर्म; सोलहवाँ संस्कार।अंधकासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · शिव ने अंधकासुर का वध किया, जो अंत में शिव का गण बन गया।अंबामहाभारत · काशी की ज्येष्ठ राजकुमारी, जिन्होंने भीष्म से प्रतिशोध लेने के लिए अगले जन्म में शिखंडी का रूप लिया।अंबाजीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · गुजरात के बनासकांठा में अंबाजी विराजती हैं; यह सती के हृदय का शक्तिपीठ है।अंबालिकामहाभारत · काशी की सबसे छोटी राजकुमारी, विचित्रवीर्य की पत्नी और वेदव्यास के नियोग से पांडु की माता।अंबिकामहाभारत · काशी की राजकुमारी, विचित्रवीर्य की पत्नी और वेदव्यास के नियोग से धृतराष्ट्र की माता।अंशुमानरामायण एवं रामचरितमानस · राजा सगर के पौत्र, जिन्होंने गंगा को पृथ्वी पर लाने हेतु घोर तपस्या की।अक्रूरवेद एवं पुराण · यदुवंशी महाभक्त, जिन्होंने कृष्ण-बलराम को मथुरा ले जाकर कंस-वध का मार्ग बनाया।अक्षय कुमाररामायण एवं रामचरितमानस · रावण का सबसे छोटा पुत्र, जिसे अशोक वाटिका में हनुमान ने मार गिराया।अक्षय तृतीयाव्रत एवं त्योहार · वैशाख शुक्ल तृतीया; अक्षय पुण्य और शुभ कार्यों का दिन।अक्षि उपनिषदग्रंथ · सूर्यदेव के मुख से चाक्षुष्मती विद्या और अद्वैत ब्रह्मज्ञान का उपदेश देने वाला उपनिषद।अगस्त्यवेद एवं पुराण · अगस्त्य मुनि, सप्तर्षि, समुद्र पीने वाले, वातापि-इल्वल के संहारक और दक्षिण भारत के आदि-गुरु।अग्निवेद एवं पुराण · अग्निदेव, देवताओं के मुख, यज्ञ-हवन के माध्यम, ऋग्वेद के प्रथम स्तुत देव और मेषवाहन।अग्नि (आयुर्वेद)आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · जठराग्नि — पाचन की केंद्रीय शक्ति, जिसके मंद होने से आम बनता है और रोग उत्पन्न होते हैं।अग्नि परीक्षाकथाएँ एवं घटनाएँ · लोक-निंदा के कारण राम सीता से अग्नि परीक्षा देने को कहते हैं और अग्निदेव सीता को निर्दोष सिद्ध करके सुरक्षित लौटाते हैं।अग्नि पुराणग्रंथ · विश्वकोशात्मक महापुराण; व्याकरण, ज्योतिष, राजनीति, चिकित्सा और मंत्र आदि विविध विषय।अग्नि सूक्त (ऋग्वेद 1.1.1)रोज़ का श्लोक · मैं अग्नि की स्तुति करता हूँ, जो यज्ञ का पुरोहित, देवता, होता और रत्नों का श्रेष्ठ दाता है।अघासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · अघासुर ने विशाल अजगर का रूप लेकर कृष्ण को निगलना चाहा, किंतु कृष्ण ने देह बढ़ाकर उसका वध कर दिया।अजवेद एवं पुराण · सूर्यवंशी राजा, रघु के पुत्र और दशरथ के पिता; इंदुमती के पति।अजमीढ वंशवंशावली · राजा अजमीढ से चला पुरुवंश की शाखा, जिससे कुरु और पांचाल वंश चले।अजामिल कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · अजामिल ने मरण के समय नारायण-नाम के स्मरण से मुक्ति पाई।अज्ञातवासकथाएँ एवं घटनाएँ · तेरहवें वर्ष पांडवों ने विराट नगर में भिन्न-भिन्न वेश धारण करके अज्ञातवास किया।अतिकायरामायण एवं रामचरितमानस · रावण का पर्वत-सा विशाल पुत्र, जो ब्रह्मा के कवच के कारण केवल ब्रह्मास्त्र से लक्ष्मण के हाथों मारा गया।अत्रिवेद एवं पुराण · ब्रह्मा के मानस पुत्र, सप्तर्षि में से एक; अनसूया के पति तथा दत्तात्रेय, दुर्वासा और चंद्र के पिता।अथर्ववेदशब्दावली · अथर्वा ऋषि का वेद; दैनिक जीवन, रोगनाश, रक्षा और ब्रह्मविद्या के मन्त्र।अथर्ववेद संहिताग्रंथ · अथर्वा और अंगिरा ऋषियों का वेद; दैनिक जीवन, चिकित्सा और रक्षा के मंत्रों का संग्रह।अदितिस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · दक्ष की पुत्री, कश्यप की पत्नी और आदित्यों (देवों) की माता।अधर्मशब्दावली · धर्म का विपरीत — शास्त्र-विरुद्ध तथा अन्यायपूर्ण आचरण, जो पतन तथा दुःख की ओर ले जाता है।अध्यात्म उपनिषदग्रंथ · देह और आत्मा के विवेक तथा सोऽहम् ध्यान का उपदेश देने वाला उपनिषद।अनन्त चतुर्दशीव्रत एवं त्योहार · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को अनंतसूत्र बाँधकर भगवान अनंत (विष्णु) की पूजा की जाती है।अनसूयारामायण एवं रामचरितमानस · अत्रि ऋषि की पत्नी, जिन्होंने सीता को पातिव्रत धर्म का उपदेश दिया।अनुशासन पर्वग्रंथ · महाभारत का तेरहवाँ पर्व; भीष्म का दानधर्म और राजधर्म का उपदेश।अन्नपूर्णा उपनिषदग्रंथ · अन्नपूर्णा देवी और अन्न को ब्रह्म बताने वाला उपनिषद; ज्ञान और वैराग्य का उपदेश।अन्नप्राशन संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · शिशु को छठे मास में पहली बार अन्न खिलाने वाला संस्कार।अपरोक्षानुभूतिग्रंथ · शंकराचार्य को समर्पित वेदांत-ग्रंथ, जो प्रत्यक्ष आत्म-अनुभूति का मार्ग बताता है।अपालास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · अत्रि की पुत्री, जिन्होंने इंद्र की आराधना से रोगमुक्ति पाई।अभिनवगुप्त गीतार्थसंग्रहग्रंथ · अभिनवगुप्त द्वारा गीता के काश्मीर पाठ पर रचित काश्मीर शैव भाष्य, जिसे गीतार्थसंग्रह कहते हैं।अभिमन्युमहाभारत · अर्जुन और सुभद्रा के पुत्र, चक्रव्यूह भेदते हुए षड्यंत्र से वीरगति पाने वाले युवा योद्धा।अभिमन्यु वधकथाएँ एवं घटनाएँ · सोलह वर्षीय अभिमन्यु ने चक्रव्यूह में अकेले अनेक महारथियों से युद्ध कर वीरगति पाई।अमरकंटकतीर्थ एवं स्थान · मध्य प्रदेश में मैकल पर्वतमाला पर नर्मदा का उद्गम-स्थल।अमरनाथतीर्थ एवं स्थान · कश्मीर हिमालय की गुफा में हिम-शिवलिंग, अमरकथा का स्थल।अमावस्याव्रत एवं त्योहार · प्रत्येक मास की अमावस्या; पितृ-तर्पण और दान का दिन।अमृतकथाएँ एवं घटनाएँ · समुद्र मंथन से निकले अमृत का वितरण मोहिनी रूपधारी विष्णु ने किया।अमृत मंथनकथाएँ एवं घटनाएँ · देवताओं और दैत्यों ने मिलकर समुद्र मंथन से अमृत प्राप्त किया।अमृतबिंदु उपनिषदग्रंथ · मन को बंध और मोक्ष का कारण बताने वाला उपनिषद; मन की शुद्धि पर बल।अयोध्यातीर्थ एवं स्थान · सरयू तट पर बसी कोसल की राजधानी, भगवान राम की जन्मभूमि।अयोध्याकांडग्रंथ · रामायण का द्वितीय कांड — वनवास, दशरथ-मृत्यु और भरत-मिलाप की कथा।अरण्यकांडग्रंथ · रामायण का तृतीय कांड — पंचवटी, शूर्पणखा-प्रसंग, खर-दूषण-वध और सीता-हरण।अरावलीनदियाँ एवं पर्वत · अरावली संसार की प्राचीनतम वलित पर्वत-श्रेणी है, जो राजस्थान से गुजरात तक फैली है।अरुंधतीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · वसिष्ठ की पत्नी, पतिव्रता का आदर्श और अरुंधती नक्षत्र।अरुणवेद एवं पुराण · सूर्य के सारथि, गरुड़ के ज्येष्ठ भाई; सम्पाति और जटायु के पिता।अर्जुनमहाभारत · कुंती और इंद्र के पुत्र, पांडवों में तीसरे, गांडीव धारी महारथी और गीता के श्रोता।अर्थशास्त्र (उपवेद)ग्रंथ · कौटिल्य (चाणक्य) का राजनीति और अर्थशास्त्र का प्रसिद्ध ग्रंथ।अलंबुषमहाभारत · दुर्योधन-पक्ष का मायावी राक्षस योद्धा, जिसने इरावन को मारा और घटोत्कच के हाथों मारा गया।अवतारशब्दावली · ईश्वर का धर्म-रक्षा हेतु पृथ्वी पर जन्म लेना, विष्णु के दशावतार।अश्वगंधाआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · बल और वीर्य बढ़ाने वाला वात-शामक रसायन, जिसे भारतीय जिनसेंग भी कहते हैं।अश्वत्थामामहाभारत · द्रोणाचार्य के पुत्र, चिरंजीवियों में एक, जिन्होंने ब्रह्मास्त्र से परीक्षित को मारा और शापित हुए।अश्वमेध यज्ञकथाएँ एवं घटनाएँ · युद्ध-जनित पाप के प्रायश्चित्त और सार्वभौम सत्ता हेतु युधिष्ठिर ने अश्वमेध यज्ञ किया।अश्वमेधिक पर्वग्रंथ · महाभारत का चौदहवाँ पर्व; अश्वमेध यज्ञ और अर्जुन-बभ्रुवाहन का युद्ध।अश्विनी कुमारवेद एवं पुराण · सूर्य और संज्ञा के जुड़वाँ पुत्र, देवताओं के वैद्य और प्रभात के दिव्य अश्वसारथी।अष्टविनायक यात्रातीर्थ यात्राएँ · महाराष्ट्र में गणेश के आठ स्वयंभू स्वरूपों के दर्शन की यात्रा।असुरवेद एवं पुराण · देवों के प्रतिद्वंद्वी दैत्य-दानव; कश्यप की दिति-दनु से उत्पन्न।अस्ताचलनदियाँ एवं पर्वत · अस्ताचल पश्चिम दिशा का पर्वत है, जहाँ सूर्य अस्त होते माने गए।अहल्यारामायण एवं रामचरितमानस · गौतम ऋषि की पत्नी, जो इंद्र के छल से शापित होकर पत्थर बनीं और राम के चरण-स्पर्श से मुक्त हुईं।अहोई अष्टमीव्रत एवं त्योहार · कार्तिक कृष्ण अष्टमी को संतान-रक्षा हेतु माताओं का व्रत।
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आत्मबोधग्रंथ · शंकराचार्य का संक्षिप्त वेदांत-ग्रंथ, जो आत्मा के स्वरूप का सुबोध ज्ञान देता है।आत्माशब्दावली · प्रत्येक प्राणी का चेतन स्वरूप; देह-इन्द्रिय-मन से भिन्न, अविनाशी साक्षी।आत्मा उपनिषदग्रंथ · अंगिरा के उपदेश में आत्मा के तीन रूप — बहिरात्मा, अंतरात्मा और परमात्मा — का वर्णन।आदि पर्वग्रंथ · महाभारत का प्रथम पर्व; वंश-परिचय, पांडवों का जन्म, लाक्षागृह और द्रौपदी स्वयंवर।आदित्य हृदय स्तोत्रग्रंथ · वाल्मीकि रामायण में अगस्त्य-कथित सूर्य-स्तोत्र, जो युद्ध से पूर्व श्रीराम को सिखाया गया।आदित्य हृदय स्तोत्र (प्रारंभ)रोज़ का श्लोक · युद्ध से थके और चिन्तित श्रीराम को सामने खड़े रावण को देखकर अगस्त्य मुनि ने आदित्य हृदय स्तोत्र सुनाया।आमआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अपचित अन्न और दोषों से बना अपाच्य पदार्थ, जो स्रोतस् में रुककर रोग का कारण बनता है।आमलकीआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · आँवला — वात-पित्त-कफ तीनों को शांत करने वाला, विटामिन-सी से भरपूर रसायन फल।आयुर्वेदग्रंथ · उपवेद आयुर्वेद; स्वास्थ्य, रोग-निवारण और दीर्घ आयु का चिकित्सा-शास्त्र।आरण्यकशब्दावली · वन में पढ़े जाने वाले वेद-भाग; कर्मकाण्ड से ज्ञान की ओर संक्रमण।आरुणि-उद्दालक कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · उद्दालक आरुणि ने पुत्र श्वेतकेतु को 'तत् त्वम् असि' का उपदेश देकर उसका अभिमान दूर किया।आश्रमवासिक पर्वग्रंथ · महाभारत का पंद्रहवाँ पर्व; धृतराष्ट्र-गांधारी का वनगमन और देह त्याग।आश्वलायन शाखाग्रंथ · ऋग्वेद की शाखा; आश्वलायन श्रौत व गृह्य सूत्रों के लिए प्रसिद्ध।आसनआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अष्टांग योग का तीसरा अंग; शरीर की स्थिर और सुखद स्थिति।
इ
इंद्रवेद एवं पुराण · देवताओं के राजा इंद्र, वज्रधारी, अमरावती के स्वामी, ऐरावत के अधिपति और वृत्रासुर के संहारक।इंद्र का अहंकारकथाएँ एवं घटनाएँ · वृत्रासुर-वध के बाद इंद्र के अहंकार को एक बालक और चींटियों के दृष्टांत से तोड़ा गया।इंद्रप्रस्थतीर्थ एवं स्थान · यमुना तट पर पांडवों की बसाई राजधानी, आज के दिल्ली क्षेत्र में।इक्ष्वाकुवेद एवं पुराण · सूर्यवंश के संस्थापक, वैवस्वत मनु के पुत्र; राम के पूर्वज।इक्ष्वाकु वंशवंशावली · इक्ष्वाकु से चला सूर्यवंश की अयोध्या शाखा, जिसमें राम का जन्म हुआ।इडा-पिंगलाआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · सुषुम्ना के दोनों ओर स्थित चंद्र तथा सूर्य की दो प्रमुख नाड़ियाँ।इतिहासशब्दावली · ऐसा ही हुआ — रामायण तथा महाभारत को कहा जाने वाला इतिहास-ग्रंथ, जो धर्म तथा नीति की शिक्षा देता है।इरावानमहाभारत · अर्जुन और नागकन्या उलूपी के पुत्र, जो कुरुक्षेत्र युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए।इलास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · वैवस्वत मनु की पुत्री, जो पुरुष सुद्युम्न बनीं और चंद्रवंश की जननी हुईं।इला-सुद्युम्नकथाएँ एवं घटनाएँ · राजा सुद्युम्न शाप से इला (स्त्री) बने और उनसे चंद्रवंश चला।
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ईश उपनिषदग्रंथ · शुक्ल यजुर्वेद का उपनिषद; 18 मंत्रों में ईश्वर और कर्म का समन्वय।ईशोपनिषद 1रोज़ का श्लोक · यह सब जगत ईश्वर से व्याप्त है; त्याग भाव से उपभोग करो और किसी के धन का लोभ मत करो।ईशोपनिषद 5रोज़ का श्लोक · ब्रह्म चलता भी है और नहीं; दूर भी है और पास भी — वह सबके भीतर और बाहर व्याप्त है।ईशोपनिषद 7रोज़ का श्लोक · जिसने सब भूतों को अपना ही आत्मा जाना, उस एकत्व-दर्शी को मोह और शोक कहाँ रह सकते हैं?
उ
उगादिव्रत एवं त्योहार · कर्नाटक-आंध्र का नववर्ष; चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का उत्सव।उग्रसेनवेद एवं पुराण · मथुरा के यदुवंशी राजा, जिन्हें पुत्र कंस ने बंदी बनाकर सिंहासन छीना।उच्चैःश्रवावेद एवं पुराण · समुद्र मंथन से निकला श्वेत अश्व, जिसे असुरराज बलि ने लिया।उज्जैनतीर्थ एवं स्थान · मध्य प्रदेश में शिप्रा तट पर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, कुम्भ का स्थान।उत्तमौजामहाभारत · युधामन्यु का भाई और अर्जुन का रथ-रक्षक; सौप्तिक पर्व की निशाकालीन हत्या में मारा गया।उत्तरकांडग्रंथ · रामायण का सप्तम कांड — रामराज्य, सीता-त्याग, लव-कुश और उपसंहार।उत्तरामहाभारत · विराट नरेश की पुत्री, अभिमन्यु की पत्नी और परीक्षित की माता।उदयनकथाएँ एवं घटनाएँ · वीणा-प्रेमी वत्सराज उदयन ने वासवदत्ता और पद्मावती से विवाह किया।उद्धववेद एवं पुराण · श्रीकृष्ण के परम मित्र और सचिव, जिनके नाम से उद्धव-गीता का उपदेश प्रसिद्ध है।उद्योग पर्वग्रंथ · महाभारत का पाँचवाँ पर्व; युद्ध-टालने के प्रयास और श्रीकृष्ण का शांति-दौत्य।उपचरीकथाएँ एवं घटनाएँ · आकाश-विहारी राजा उपरिचर वसु के कारण सत्यवती और मत्स्य का जन्म हुआ।उपदेशसाहस्रीग्रंथ · आदि शंकराचार्य का स्वतंत्र अद्वैत प्रकरण ग्रंथ, जो शिष्यों को आत्मज्ञान का उपदेश देता है।उपनयन संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · बालक को यज्ञोपवीत धारण कराकर गायत्री दीक्षा देने वाला द्विजत्व का संस्कार।उपनिषदशब्दावली · वेदों का ज्ञान-कांड, ब्रह्म और आत्मा के स्वरूप का सिद्धांत।उपमन्युकथाएँ एवं घटनाएँ · दूध की लालसा से उपमन्यु ने शिव की तपस्या की और दूध के सागर पाए।उभयभारतीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · मंडन मिश्र की पत्नी, जिन्होंने आदि शंकराचार्य से शास्त्रार्थ किया।उर्मिलारामायण एवं रामचरितमानस · मिथिला के राजा जनक की पुत्री तथा लक्ष्मण की पत्नी; जिन्होंने वियोग में धैर्य धारण किया।उर्वशीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · स्वर्ग की अप्सरा, जो राजा पुरूरवा की प्रियतमा बनीं।उलूकमहाभारत · शकुनि का पुत्र, जिसने युद्ध से पूर्व पांडवों को दुर्योधन का अपमानजनक संदेश सुनाया; सहदेव ने इसका वध किया।उलूपीमहाभारत · नागराज की पुत्री, जिनसे अर्जुन को इरावान पुत्र हुआ।उशनस् पुराणग्रंथ · शुक्राचार्य (उशना) द्वारा कथित उपपुराण; 'औशनस पुराण' के नाम से भी जाना जाता है।उषास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · वैदिक काल की उषा (प्रभात) देवी, जो प्रतिदिन प्रकाश लाती हैं।
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ऋग्वेदशब्दावली · चार वेदों में प्राचीनतम; देवताओं की स्तुति के सूक्त दस मण्डलों में संकलित।ऋग्वेद संहिताग्रंथ · सबसे प्राचीन वेद; देवताओं की स्तुति के दस मंडलों में 1028 सूक्तों का संग्रह।ऋतुचर्याआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · प्रत्येक ऋतु के अनुसार आहार-विहार का नियम, जो दोषों के संतुलन से स्वास्थ्य बनाए रखता है।ऋषभदेव का त्यागकथाएँ एवं घटनाएँ · राज्य-सिंहासन सौंपकर ऋषभदेव ने वैराग्य धारण किया और जंगल में तप किया।ऋषिशब्दावली · तपस्या और मंत्र-दर्शन करने वाले महात्मा, वेद-मंत्रों के द्रष्टा।ऋषिकुल्या नदीनदियाँ एवं पर्वत · ऋषिकुल्या ओडिशा की पवित्र नदी है, जिसके तट पर ऋषियों के आश्रम रहे।ऋष्यमूकनदियाँ एवं पर्वत · ऋष्यमूक रामायण का प्रसिद्ध पर्वत है, जहाँ सुग्रीव और हनुमान रहे।ऋष्यशृंगवेद एवं पुराण · विभाण्डक के पुत्र, जिनके पुत्रेष्टि यज्ञ से राजा दशरथ को पुत्र प्राप्त हुए।
ए
एकं सद्विप्रा (ऋग्वेद 1.164.46)रोज़ का श्लोक · सत्य एक ही है; विद्वान उसे इन्द्र, मित्र, वरुण, अग्नि आदि अनेक नामों से कहते हैं।एकलव्यमहाभारत · निषादराज का पुत्र, जिसने मिट्टी की द्रोण-प्रतिमा से धनुर्विद्या सीखी और गुरु-दक्षिणा में अंगूठा दिया।एकादशी व्रतव्रत एवं त्योहार · प्रत्येक पक्ष की एकादशी को विष्णु-व्रत; अन्न-त्याग।एकोद्दिष्ट श्राद्धसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · किसी एक विशेष पितर की मृत्यु-तिथि पर प्रतिवर्ष किया जाने वाला श्राद्ध।
ऐ
ऐतरेय उपनिषदग्रंथ · ऋग्वेद का उपनिषद; 'प्रज्ञानं ब्रह्म' महावाक्य और आत्मा की उत्पत्ति का विवेचन।ऐतरेय की कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · उपेक्षित पुत्र महिदास ऐतरेय ने तपस्या से विद्या पाई और ऐतरेय ब्राह्मण की रचना की।ऐतरेय ब्राह्मणग्रंथ · ऋग्वेद का प्रमुख ब्राह्मण ग्रंथ; यज्ञ-विधि और आख्यानों का संग्रह।ऐरावतवेद एवं पुराण · समुद्र मंथन से निकला चार दाँतों वाला श्वेत हाथी, इंद्र का वाहन।
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ओंकारेश्वरतीर्थ एवं स्थान · मध्य प्रदेश में नर्मदा के ॐ-आकार द्वीप पर स्थित ज्योतिर्लिंग।ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के मांधाता द्वीप पर स्थित ज्योतिर्लिंग।ओजआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · सभी धातुओं का सार — शरीर की प्रतिरोधक शक्ति और जीवन-तेज का आधार।ओणमव्रत एवं त्योहार · केरल का फसल उत्सव; चिंगम मास में राजा महाबली का स्वागत।
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कंसवेद एवं पुराण · मथुरा का अत्याचारी राजा, जिसने पिता को बंदी बनाया और जिसका वध श्रीकृष्ण ने किया।कंस वधकथाएँ एवं घटनाएँ · मथुरा में धनुष-यज्ञ के अवसर पर कृष्ण और बलराम मल्ल-युद्ध में चाणूर आदि को मारकर अत्याचारी कंस का वध करते हैं।कच-देवयानीकथाएँ एवं घटनाएँ · बृहस्पति के पुत्र कच ने शुक्राचार्य से संजीवनी विद्या सीखी, पर देवयानी से विवाह से इनकार किया।कठ उपनिषदग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद का उपनिषद; नचिकेता और यम का संवाद, श्रेय-प्रेय का विवेचन।कठ शाखाग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद की शाखा; काठक संहिता और कठोपनिषद इससे सम्बद्ध।कठोपनिषद 1.2.20रोज़ का श्लोक · आत्मा अणु से सूक्ष्म और महत् से महान् है; शांत कामनाओं वाला पुरुष ही उसकी महिमा देखता है।कठोपनिषद 1.2.23रोज़ का श्लोक · आत्मा उपदेश, बुद्धि या बहुश्रुत से नहीं मिलता; जिसे वह स्वयं चुन ले, उसी को प्राप्त होता है।कठोपनिषद 1.3.14रोज़ का श्लोक · उठो, जागो और श्रेष्ठ पुरुषों से जानो; आत्म-ज्ञान का मार्ग छुरे की धार जैसा तीक्ष्ण और दुर्गम है।कद्रूस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · दक्ष की पुत्री, कश्यप की पत्नी और नागों की माता।कपिलवेद एवं पुराण · सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि, विष्णु के अवतार; सगर-पुत्रों को भस्म करने वाले।कपिल पुराणग्रंथ · कपिल मुनि द्वारा कथित उपपुराण; तीर्थ-महिमा तथा ज्ञान-योग का वर्णन।कपिष्ठल शाखाग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद की शाखा; कपिष्ठल-कठ संहिता इससे सम्बद्ध है।कफआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · जल और पृथ्वी तत्व प्रधान दोष, जो शरीर की संरचना, स्नेहन और स्थिरता बनाए रखता है।कबंधरामायण एवं रामचरितमानस · शापित गंधर्व विश्ववसु का विकृत रूप; राम-लक्ष्मण द्वारा मुक्त, जिन्होंने सुग्रीव की मित्रता बताई।करवा चौथव्रत एवं त्योहार · कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को सुहागिनों का निर्जला व्रत।कर्णमहाभारत · कुंती और सूर्य के पुत्र, अंगराज, अद्वितीय दानवीर और कुरुक्षेत्र के महारथी।कर्ण पर्वग्रंथ · महाभारत का आठवाँ पर्व; कर्ण के नेतृत्व में युद्ध और कर्ण-अर्जुन का अंतिम संग्राम।कर्ण वधकथाएँ एवं घटनाएँ · युद्ध के सत्रहवें दिन अर्जुन ने कर्ण का वध किया, जब उसका रथ कीचड़ में फँसा था।कर्णवेध संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · शिशु के कान छेदने का संस्कार, जो बालक और बालिका दोनों के लिए किया जाता है।कर्मशब्दावली · क्रिया और उसके फल का सिद्धांत, जन्म-मरण का आधार।कल्कि अवतारवेद एवं पुराण · कल्कि अवतार, विष्णु के भावी दसवें अवतार, जो कलियुग का अंत कर सतयुग की स्थापना करेंगे।कल्प (वेदांग)ग्रंथ · वेदांग कल्प; यज्ञ, संस्कार और धर्म की विधियों के सूत्रों का शास्त्र।कल्पसूत्रग्रंथ · वेदांग-रूप में यज्ञ, संस्कार और आचार की विधि बताने वाला सूत्र-साहित्य।कश्यपवेद एवं पुराण · प्रजापति कश्यप, देवता-दैत्य-नाग-गरुड़ आदि समस्त प्रजातियों के पिता और मरीचि के पुत्र।कश्यप वंशवंशावली · प्रजापति कश्यप से चला वंश, जिससे देवता, दैत्य, दानव, नाग और गरुड़ उत्पन्न हुए।कांचीपुरमतीर्थ एवं स्थान · तमिलनाडु में वेगवती नदी के तट पर सप्तपुरी में गिनी जाने वाली पवित्र नगरी।काकभुशुंडिरामायण एवं रामचरितमानस · काक (कौए) के रूप में जन्मे महाज्ञानी भक्त काकभुशुंडि, जिन्होंने गरुड़ को रामकथा सुनाई।काण्व शाखाग्रंथ · शुक्ल यजुर्वेद की शाखा; वाजसनेयी संहिता के काण्व पाठ के लिए प्रसिद्ध।कात्यायनीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · वृंदावन के राधाबाग में कात्यायनी देवी विराजती हैं; यह सती के केशों का प्राचीन सिद्ध पीठ है।कामदहनकथाएँ एवं घटनाएँ · शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया, जो उन्हें मोहित करने आया था।कामदेववेद एवं पुराण · प्रेम और काम के देवता कामदेव, पुष्पबाण धारी, रति के पति, अनंग और वसंत के सहचर।कामधेनुवेद एवं पुराण · समुद्र मंथन से निकली इच्छापूर्ति करने वाली दिव्य गाय, समस्त गायों की माता।कामाक्षीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · तमिलनाडु के कांचीपुरम में कामाक्षी देवी विराजती हैं; यह सती की नाभि का शक्तिपीठ है।कामाख्यामंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · असम के गुवाहाटी में नीलाचल पर्वत पर सती का योनि-अंग गिरा, जहाँ कामाख्या देवी विराजती हैं।कार्तिक पूर्णिमाव्रत एवं त्योहार · कार्तिक पूर्णिमा को दीपदान, स्नान और व्रत का महापर्व।कार्तिकेयवेद एवं पुराण · शिव-पार्वती के पुत्र और देवताओं के सेनापति, जिन्होंने तारकासुर का वध किया।कार्तिकेय जन्मकथाएँ एवं घटनाएँ · शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया।कालनेमिरामायण एवं रामचरितमानस · रावण का मामा, मायावी राक्षस; जिसने संजीवनी ले जाते हनुमान का मार्ग रोका और मारा गया।कालयवनवेद एवं पुराण · यवन सेनापति, जिसने जरासंध के सहयोग से मथुरा पर चढ़ाई की और मुचुकुंद के हाथों मारा गया।कालसर्प दोषआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · राहु और केतु के बीच सभी ग्रहों की स्थिति से उत्पन्न दोष।कालिका पुराणग्रंथ · काली (देवी) की महिमा तथा कामाख्या-क्षेत्र का वर्णन करने वाला शाक्त उपपुराण।कालियवेद एवं पुराण · यमुना में रहने वाला विषैला सर्प, जिसे बालक कृष्ण ने दमन किया।कालिय मर्दनकथाएँ एवं घटनाएँ · कालिय नाग के विष से दूषित यमुना में कूदकर कृष्ण उस पर विजय पाकर उसे निर्वासित करते हैं और यमुना को शुद्ध करते हैं।कालीघाटमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · कोलकाता के आदि गंगा तट पर सती के दाहिने चरण की अँगुलियाँ गिरीं; यहाँ कालिका देवी विराजती हैं।कावेरी नदीनदियाँ एवं पर्वत · कावेरी कर्नाटक की तालकावेरी से निकलकर दक्षिण भारत को सींचने वाली पुण्य नदी है।काशीतीर्थ एवं स्थान · गंगा के तट पर बसी शिव की नगरी काशी, जहाँ मरण मात्र से मोक्ष माना जाता है।काशी पंचकोशी यात्रातीर्थ यात्राएँ · काशी क्षेत्र की पाँच कोस की पैदल परिक्रमा, जिसमें 108 तीर्थ पड़ते हैं।काशी वंशवंशावली · काश से चला वाराणसी का वंश, जिसमें धन्वन्तरि, दिवोदास और प्रतर्दन हुए।काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · उत्तर प्रदेश की काशी (वाराणसी) नगरी में गंगा के तट पर स्थित, अत्यंत पवित्र ज्योतिर्लिंग।काश्मीर गीता-भाष्यग्रंथ · गीता के काश्मीर पाठ पर आधारित कश्मीरी भाष्य-परंपरा, जिसका प्राचीनतम ग्रंथ राजानक रामकण्ठ का सर्वतोभद्र है।किरातार्जुनीयग्रंथ · भारवि का महाकाव्य, जिसमें अर्जुन की तपस्या और शिव से पाशुपतास्त्र-प्राप्ति की कथा है।किष्किंधातीर्थ एवं स्थान · वानरों की राजधानी, सुग्रीव-वाली और हनुमान का क्षेत्र।किष्किंधाकांडग्रंथ · रामायण का चतुर्थ कांड — सुग्रीव-मित्रता, वालि-वध और हनुमान का लंका-गमन।कीचकमहाभारत · विराट नरेश की सेना का सेनापति और सुदेष्णा का भाई, जो द्रौपदी पर अनाचार के कारण भीम द्वारा मारा गया।कीचक वधकथाएँ एवं घटनाएँ · विराट के सेनापति कीचक के दुर्व्यवहार से क्रुद्ध होकर भीम ने उसका वध किया।कुंडलिनीआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · मूलाधार में सुप्त सर्पिणी-शक्ति, जो साधना से ऊर्ध्वगामी होकर सहस्रार पहुँचती है।कुंडलीआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · जन्म-समय के ग्रह, नक्षत्र और लग्न का भाव-चक्र में अंकित चित्र।कुंतिभोजमहाभारत · यदुवंशी राजा, जिन्होंने कुंती को पाला और उनके पालक पिता कहे गए।कुंतीमहाभारत · यदुवंश की पृथा, पांडु की पत्नी और पाँचों पांडवों की माता, जिन्होंने कर्ण को त्यागा।कुंती का त्यागकथाएँ एवं घटनाएँ · पुत्रों को राज्य सौंपकर कुंती वन में तप करने चली गईं।कुंभ मेलातीर्थ एवं स्थान · चार स्थानों पर बारह वर्ष के अंतराल पर लगने वाला अमृत-स्नान का महामेला।कुंभकर्णरामायण एवं रामचरितमानस · रावण का विशालकाय भाई, जो छह माह सोता था; जिसने रावण को सीता लौटाने की सलाह दी।कुबेरवेद एवं पुराण · धन-निधियों के स्वामी, यक्षों के राजा, उत्तर दिशा के लोकपाल और देवताओं के कोषाध्यक्ष।कुबेर-पुत्रों का उद्धारकथाएँ एवं घटनाएँ · कुबेर के पुत्र नलकूबर और मणिग्रीव नारद के शाप से वृक्ष बने और कृष्ण के स्पर्श से मुक्त हुए।कुब्जास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · मथुरा की कुबड़ी दासी, जिसे कृष्ण ने सीधा कर सुंदर बनाया।कुमारसंभवग्रंथ · कालिदास का महाकाव्य, जिसमें शिव-पार्वती विवाह और कार्तिकेय के जन्म की कथा है।कुरुवेद एवं पुराण · संवरण और तपती के पुत्र, कुरुवंश के प्रवर्तक; कौरव-पांडवों के पूर्वज।कुरुक्षेत्रतीर्थ एवं स्थान · हरियाणा में महाभारत युद्ध की भूमि, जहाँ गीता का उपदेश हुआ।कुरुक्षेत्र युद्धकथाएँ एवं घटनाएँ · कौरवों और पांडवों के बीच कुरुक्षेत्र में अठारह दिन का महायुद्ध हुआ, जिसमें पांडव विजयी हुए।कुरुवंशवंशावली · राजा कुरु से चला पुरुवंश की शाखा, जिसमें कौरव और पांडव हुए।कुलार्णव तंत्रग्रंथ · शिव-पार्वती संवाद रूपी प्रमुख तंत्र ग्रंथ; कुल-आचार तथा तांत्रिक साधना।कुवलयापीड़कथाएँ एवं घटनाएँ · मथुरा के रंगभूमि-द्वार पर कृष्ण ने महावत के वश में दौड़ते हाथी कुवलयापीड़ को मार गिराया।कुशरामायण एवं रामचरितमानस · राम-सीता के ज्येष्ठ पुत्र, लव के जुड़वाँ भाई; वाल्मीकि आश्रम में जन्मे और कुशावती के राजा हुए।कूर्म अवतरणकथाएँ एवं घटनाएँ · विष्णु ने कूर्म रूप में मंदर पर्वत को पीठ पर धारण किया।कूर्म अवतारवेद एवं पुराण · कूर्म अवतार, विष्णु का कछुआ रूप, जिसने समुद्र मंथन में मंदराचल पर्वत को थामा।कूर्म पुराणग्रंथ · कूर्म-अवतार प्रधान महापुराण; ईश्वर-गीता तथा सृष्टि-वर्णन।कृतवर्मामहाभारत · यदुवंशी भोज वीर जो कौरवों की ओर से लड़ा; सौप्तिक निशाकालीन हमले में अश्वत्थामा का साथी बना।कृत्तिवासाकथाएँ एवं घटनाएँ · गजासुर का वध कर शिव उसका चर्म धारण कर 'कृत्तिवासा' कहलाए।कृपाचार्यमहाभारत · शरद्वान के पुत्र, कौरव-पांडवों के कुलगुरु और चिरंजीवियों में एक।कृष्ण जन्माष्टमीव्रत एवं त्योहार · भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव।कृष्ण जन्माष्टमी व्रत-कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की अर्धरात्रि में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ; इस व्रत से पाप नष्ट होते हैं।कृष्ण तीर्थ यात्रातीर्थ यात्राएँ · मथुरा, वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन और द्वारका सहित कृष्ण-लीला स्थलों की यात्रा।केतुवेद एवं पुराण · नवग्रहों में छाया-ग्रह, स्वर्भानु का धड़; वैराग्य और मोक्ष से जुड़े ग्रह।केदारनाथतीर्थ एवं स्थान · हिमालय में मंदाकिनी के निकट शिव का ज्योतिर्लिंग, चार धाम में एक।केदारनाथ ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय पर मंदाकिनी नदी के निकट स्थित, सर्वाधिक ऊँचाई पर विराजमान ज्योतिर्लिंग।केन उपनिषदग्रंथ · सामवेद का उपनिषद; 'केन' प्रश्न द्वारा ब्रह्म की खोज और इन्द्र-उमा संवाद।केशान्त संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · सोलहवें वर्ष में प्रथम बार दाढ़ी-मूँछ काटने का संस्कार, जिसे गोदान भी कहते हैं।कैकसीरामायण एवं रामचरितमानस · राक्षसराज सुमाली की पुत्री और रावण आदि की माता, जिसने वंश बढ़ाने हेतु विश्रवा से विवाह किया।कैकेयीरामायण एवं रामचरितमानस · दशरथ की प्रिय रानी, भरत की माता; जिनके वरदानों ने राम का वनवास कराया।कैलाशतीर्थ एवं स्थान · तिब्बत में स्थित शिव का निवास माना जाने वाला पवित्र पर्वत।कैलाश मानसरोवर यात्रातीर्थ यात्राएँ · तिब्बत में शिव-निवास कैलाश पर्वत और पवित्र मानसरोवर झील की दुर्गम यात्रा।कैवल्य उपनिषदग्रंथ · केवल त्याग से अमरत्व का उपदेश देने वाला लघु उपनिषद; ब्रह्म और शिव की एकता बताता है।कोसी नदीनदियाँ एवं पर्वत · कोसी नेपाल हिमालय से निकलकर बिहार में गंगा से मिलने वाली नदी है।कौथुम शाखाग्रंथ · सामवेद की सर्वाधिक प्रचलित शाखा; कौथुम संहिता इससे सम्बद्ध है।कौरव वंशवंशावली · धृतराष्ट्र के पुत्रों से चला कुरुवंश की शाखा, जिसका अन्त दुर्योधन पर हुआ।कौशल्यारामायण एवं रामचरितमानस · दशरथ की ज्येष्ठ रानी तथा श्रीराम की माता; कोसल देश की राजकुमारी।कौषीतकि उपनिषदग्रंथ · ऋग्वेद की कौषीतकि शाखा का प्राचीन उपनिषद; प्राण और प्रज्ञा को आत्मा बताता है।कौस्तुभ मणिकथाएँ एवं घटनाएँ · समुद्र मंथन से निकली कौस्तुभ मणि को विष्णु ने वक्ष पर धारण किया।क्रौंच पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · क्रौंच पर्वत पुराणों में मेरु के निकट का दिव्य पर्वत माना गया, जो सरोवर से युक्त है।
ख
ग
गंगामहाभारत · पवित्र देवनदी, शांतनु की पत्नी और भीष्म की माता, जो आठ वसुओं की मुक्ति हेतु अवतरित हुईं।गंगा यात्रातीर्थ यात्राएँ · गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा के प्रमुख तट-तीर्थों की यात्रा।गंगावतरणकथाएँ एवं घटनाएँ · भगीरथ की तपस्या से गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर उतरती हैं, शिव की जटा में विश्राम पाकर और सगर-पुत्रों का उद्धार करती हैं।गंगासागरतीर्थ एवं स्थान · सागर द्वीप पर गंगा के बंगाल की खाड़ी में मिलन का तीर्थ।गंगोत्रीतीर्थ एवं स्थान · उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में भागीरथी नदी के तट पर स्थित गंगा माता का प्रमुख धाम।गंडकी नदीनदियाँ एवं पर्वत · गंडकी नेपाल हिमालय से निकलकर बिहार में गंगा से मिलने वाली पवित्र नदी है।गंधमादन पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · गंधमादन पुराणों में मेरु के निकट का दिव्य पर्वत है, जो सुगंध से मोहित करने वाला माना गया।गंधर्ववेदग्रंथ · उपवेद गंधर्ववेद; संगीत, नृत्य और गायन की कला का शास्त्र।गजेन्द्र मोक्षकथाएँ एवं घटनाएँ · ग्राह के पंजे में फँसे गजराज की पुकार पर विष्णु गरुड़ पर आकर उन्हें मुक्त कराते हैं — यह भक्ति का प्रसिद्ध प्रसंग है।गणगौरव्रत एवं त्योहार · चैत्र में राजस्थान का पार्वती-शिव पूजन उत्सव।गणपति अथर्वशीर्षग्रंथ · गणपति को परब्रह्म बताने वाला अथर्ववेदीय स्तोत्र-उपनिषद।गणेशवेद एवं पुराण · विघ्नहर्ता गणेश, प्रथम पूज्य, बुद्धि-सिद्धि के दाता, एकदंत और मूषक वाहन वाले।गणेश कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · पार्वती के पुत्र गणेश को शिव ने गणों का स्वामी बनाया।गणेश चतुर्थीव्रत एवं त्योहार · भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से भगवान गणेश का दस दिवसीय उत्सव।गणेश जन्मकथाएँ एवं घटनाएँ · पार्वती-रचित पुत्र का शिव द्वारा शीश कटने पर हाथी का मुख लगाकर उसे जीवन मिलता है और वे पूज्य गणपति बनते हैं।गणेश पुराणग्रंथ · भगवान गणेश की कथाएँ, महिमा तथा उपासना का वर्णन करने वाला गाणपत्य उपपुराण।गदा युद्धकथाएँ एवं घटनाएँ · भीम और दुर्योधन के बीच भीषण गदा-युद्ध हुआ, जिसमें भीम ने दुर्योधन को पराजित किया।गयातीर्थ एवं स्थान · बिहार में फल्गु तट पर पितृ-कर्म का प्रमुख तीर्थ, विष्णुपद मंदिर।गरुड़रामायण एवं रामचरितमानस · पक्षीराज गरुड़, विष्णु के वाहन; जिन्होंने काकभुशुंडि से रामकथा सुनी।गरुड़ पुराणग्रंथ · गरुड़-प्रोक्त महापुराण; मृत्यु, प्रेत-कल्प तथा श्राद्ध-धर्म का वर्णन।गर्भाधान संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · विवाह के बाद संतान की स्थापना हेतु किया जाने वाला सोलह संस्कारों का प्रथम संस्कार।गांधारीमहाभारत · गांधारराज सुबल की पुत्री, धृतराष्ट्र की पत्नी, जिन्होंने आँखों पर पट्टी बाँधी और यदुवंश के नाश का शाप दिया।गांधारी का शापकथाएँ एवं घटनाएँ · पुत्र-शोक से दुखी गांधारी ने श्रीकृष्ण को छत्तीस वर्ष बाद यदुकुल के नाश का शाप दिया।गायत्री मंत्रशब्दावली · वेदमाता गायत्री का मंत्र; सविता देवता को समर्पित सर्वाधिक पवित्र वैदिक मंत्र।गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3.62.10)रोज़ का श्लोक · हम उस सविता देव के श्रेष्ठ तेज का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धियों को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।गार्गीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · वाचक्नु की पुत्री, बृहदारण्यक उपनिषद में याज्ञवल्क्य से ब्रह्म पर प्रश्न करने वाली प्रख्यात ब्रह्मवादिनी।गिरिजात्मजमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · पुणे के लेण्याद्री में गिरिजात्मज विराजते हैं; यह गुफा में विराजमान गणपति का पीठ है।गीता उपदेशकथाएँ एवं घटनाएँ · कुरुक्षेत्र में मोहग्रस्त अर्जुन को श्रीकृष्ण ने कर्मयोग, ज्ञान और भक्ति का दिव्य उपदेश दिया।गुड़ी पड़वाव्रत एवं त्योहार · चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मराठी नववर्ष; गुड़ी स्थापित करना।गुरु पूर्णिमाव्रत एवं त्योहार · आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु-पूजन का पर्व; वेदव्यास जयंती।गुरु-शिष्यशब्दावली · ज्ञान-हस्तांतरण की पवित्र परंपरा; जिसमें शिष्य गुरु की शरण में रहकर विद्या तथा जीवन-दर्शन सीखता है।गुह्येश्वरीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · काठमांडू की बागमती नदी के तट पर गुह्येश्वरी देवी विराजती हैं; यह नेपाल का प्रमुख शक्तिपीठ है।गृह्यसूत्रग्रंथ · गृहस्थ के नित्य कर्मों और सोलह संस्कारों की विधि बताने वाला कल्पसूत्र का भाग।गोकर्णकथाएँ एवं घटनाएँ · गोकर्ण में भागवत-सप्ताह से भाई धुंधुकारी की प्रेत-योनि से मुक्ति हुई और वह तीर्थ पवित्र हुआ।गोकुलतीर्थ एवं स्थान · यमुना तट पर कृष्ण का बाल्यकाल-स्थल, नंद-यशोदा का घर।गोत्रसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · किसी ऋषि से प्रारंभ हुई कुल-परंपरा, जिससे व्यक्ति की वंश-पहचान होती है।गोदावरी नदीनदियाँ एवं पर्वत · गोदावरी दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी है, जिसे दक्षिण गंगा कहा जाता है।गोमती नदीनदियाँ एवं पर्वत · गोमती उत्तर प्रदेश की नदी है, जिसके तट पर लखनऊ और जौनपुर बसे हैं।गोलोकशब्दावली · श्रीकृष्ण का परम धाम; गौ-गोप-गोपियों से युक्त, वैकुंठ से भी ऊपर का नित्य लोक।गोवर्धनतीर्थ एवं स्थान · मथुरा ज़िले में गिरिराज पर्वत, जिसे कृष्ण ने उंगली पर धारण किया।गोवर्धन परिक्रमातीर्थ यात्राएँ · ब्रज में गिरिराज गोवर्धन पर्वत की 21 किलोमीटर की परिक्रमा।गोवर्धन पूजाव्रत एवं त्योहार · कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पर्वत और गौ-पूजन का पर्व।गोवर्धन लीलाकथाएँ एवं घटनाएँ · कृष्ण गोवर्धन पूजा कराते हैं और इंद्र की प्रलयकारी वर्षा से गोवर्धन पर्वत को उँगली पर उठाकर गोकुल की रक्षा करते हैं।गौड़पाद कारिकाग्रंथ · गौड़पाद द्वारा मांडूक्य उपनिषद पर रचित कारिका, जो अद्वैत वेदांत का प्राचीनतम व्यवस्थित ग्रंथ है।गौतमवेद एवं पुराण · सप्तर्षि में से एक; अहल्या के पति, जिनके आश्रम में राम ने अहल्या का उद्धार किया।
घ
घटोत्कचमहाभारत · भीम और हिडिंबा के पुत्र, राक्षस-वीर, जिनका वध कर्ण के शक्ति-अस्त्र से हुआ।घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · महाराष्ट्र में एलोरा गुफाओं के निकट वेरूल में स्थित, द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अंतिम।घेरण्ड संहिताग्रंथ · घेरण्ड का हठयोग-ग्रंथ, जो सप्तांग योग की साधना विधि बताता है।घोषास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · कक्षीवान की पुत्री, अश्विनीकुमारों की स्तुति करने वाली ऋग्वेद की ऋषिका।
च
चंद्रवेद एवं पुराण · चंद्र और सोम के देवता, चंद्रवंश के मूल, दक्ष की 27 नक्षत्र-कन्याओं के पति।चंद्र-तारा कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · चंद्रमा ने गुरु की पत्नी तारा से संबंध बनाया, जिससे बुध का जन्म हुआ।चंद्रभागा नदीनदियाँ एवं पर्वत · चंद्रभागा चंद्र ताल से निकलकर पंजाब की ओर बहने वाली वैदिक नदी है।चंद्रवंशवंशावली · चंद्र (सोम) से चला राजवंश, जिससे यदु, पुरु और कुरु जैसी शाखाएँ निकलीं।चंबल नदीनदियाँ एवं पर्वत · चंबल मध्य प्रदेश के जनापाव से निकलकर यमुना में मिलने वाली नदी है।चक्रआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · सूक्ष्म शरीर में स्थित ऊर्जा-केंद्र; कुंडलिनी-योग में सात प्रमुख चक्र।चक्रव्यूहकथाएँ एवं घटनाएँ · द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह की रचना की, जिसमें प्रवेश करने पर अभिमन्यु अकेले फँस गए।चतुर्युगशब्दावली · सत्य, त्रेता, द्वापर और कलि — चार युगों का चक्र।चरकआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · चरक संहिता के रचयिता महर्षि, जिन्हें आयुर्वेद की कायचिकित्सा परंपरा का श्रेष्ठ आचार्य माना जाता है।चरक शाखाग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद की शाखा; 'चरक-कठ' संहिता इससे सम्बद्ध है।चाणूर-मुष्टिककथाएँ एवं घटनाएँ · मल्लयुद्ध में कृष्ण ने चाणूर को और बलराम ने मुष्टिक को मार गिराया।चातुर्वर्ण्यशब्दावली · समाज के चार वर्ण — ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र; गुण और कर्म पर आधारित विभाजन।चार धामतीर्थ एवं स्थान · बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम — चार दिशाओं के धाम।चार धाम यात्रातीर्थ यात्राएँ · बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम — चारों दिशाओं के चार धामों की संयुक्त यात्रा।चार वेदशब्दावली · ऋग्, यजुर्, साम और अथर्व — चार वेद, हिन्दू श्रुति का आधार।चिंतपूर्णीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · हिमाचल के ऊना जिले में चिंतपूर्णी देवी विराजती हैं; यह सती के चरणों का शक्तिपीठ है।चिंतामणिमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · पुणे के थेऊर में चिंतामणि विराजते हैं; ये भक्तों की चिंताएँ हरते हैं।चित्रकूटतीर्थ एवं स्थान · मंदाकिनी तट पर राम के वनवास का स्थल, मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश की सीमा पर।चित्रगुप्तवेद एवं पुराण · यमराज के लेखाकार, जो 'अग्रसंधानी' पंजिका में प्रत्येक जीव के पाप-पुण्य का लेखा रखते हैं।चित्रांगदमहाभारत · शांतनु और सत्यवती के ज्येष्ठ पुत्र, जो गंधर्व चित्रांगद के हाथों युद्ध में मारे गए।चित्रांगदा (अर्जुन की पत्नी)महाभारत · मणिपुर की राजकुमारी, जिनसे अर्जुन को बभ्रुवाहन पुत्र हुआ।चीरहरणकथाएँ एवं घटनाएँ · द्यूत सभा में दुशासन ने द्रौपदी का चीर खींचकर अपमान किया, पर श्रीकृष्ण की कृपा से उसका वस्त्र अक्षय रहा।चूड़ाकरण (मुंडन)संस्कार एवं श्राद्ध-विधि · शिशु के पहले केश काटने का संस्कार, जिसमें शिखा छोड़ दी जाती है।चेकितानमहाभारत · पांडवों की ओर से लड़ने वाला यदुवंशी वीर, जिसने नकुल को दुर्योधन से बचाया और अंतिम दिन वीरगति पाई।
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छठ पूजाव्रत एवं त्योहार · कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्य देव और छठी मैया की उपासना।छन्द (वेदांग)ग्रंथ · वेदांग छन्द; वैदिक और लौकिक छंदों की मात्रा-व्यवस्था का शास्त्र।छांदोग्य उपनिषदग्रंथ · सामवेद का प्रमुख उपनिषद; 'तत्त्वमसि' महावाक्य और ब्रह्मविद्या का ग्रंथ।छांदोग्य उपनिषद 3.14.1रोज़ का श्लोक · यह सब कुछ ब्रह्म ही है; जिससे सब उत्पन्न, लीन और पोषित होते हैं, उसकी शांत भाव से उपासना करो।छांदोग्य उपनिषद 6.2.1रोज़ का श्लोक · आरम्भ में यह सब केवल सत् था — एक ही, दूसरे रहित; अनेकता के पीछे एक ही सत्य है।छांदोग्य उपनिषद 6.8.7रोज़ का श्लोक · तत्त्वमसि — वह परम ब्रह्म तू ही है; जीव और ब्रह्म में कोई भेद नहीं।छायावेद एवं पुराण · संज्ञा की छाया-स्वरूप, सूर्य की द्वितीय पत्नी; शनि और तपती की माता।छिन्नमस्तामंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · झारखंड के रजरप्पा में दामोदर-भैरवी नदियों के संगम पर छिन्नमस्ता देवी विराजती हैं।छोटा चार धाम यात्रातीर्थ यात्राएँ · यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ — उत्तराखंड के हिमालयी चार धाम।
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जगन्नाथ पुरीतीर्थ एवं स्थान · ओडिशा में समुद्र तट पर जगन्नाथ धाम, चार धाम में एक।जगन्नाथ रथ यात्रातीर्थ यात्राएँ · पुरी में जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों की वार्षिक यात्रा।जटायुरामायण एवं रामचरितमानस · गिद्धराज, अरुण के पुत्र और दशरथ के मित्र; सीता को बचाने में रावण से लड़कर वीरगति पाई।जटायु मोक्षकथाएँ एवं घटनाएँ · गृध्रराज जटायु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करते हैं और घायल अवस्था में राम के हाथों प्राण त्यागकर मोक्ष पाते हैं।जड़ भरतकथाएँ एवं घटनाएँ · जड़ भरत ने राज्य त्यागकर भक्ति और आत्मज्ञान का मार्ग अपनाया।जनकरामायण एवं रामचरितमानस · मिथिला (विदेह) के राजर्षि, सीता के पिता तथा शिव-धनुष के स्वामी; ज्ञान और कर्म के आदर्श।जपशब्दावली · मंत्र का विधिपूर्वक, ध्यानपूर्वक तथा निश्चित संख्या में पुनरावर्तन; साधना का सरल साधन।जमदग्निवेद एवं पुराण · सप्तर्षि में से एक, रेणुका के पति और परशुराम के पिता।जयंतरामायण एवं रामचरितमानस · देवराज इंद्र का पुत्र, जिसने कौए का रूप धरकर सीता को चोंच मारी और राम के बाण से दंड पाया।जयद्रथमहाभारत · सिंधु देश का राजा, दुर्योधन का जीजा, जिसने अभिमन्यु के वध का षड्यंत्र रचा।जयद्रथ वधकथाएँ एवं घटनाएँ · अभिमन्यु-वध के प्रतिशोध में अर्जुन ने सूर्यास्त से पूर्व जयद्रथ का वध किया।जरासंधमहाभारत · मगध का शक्तिशाली राजा, कंस का ससुर, जिसका वध भीम ने द्वंद्वयुद्ध में किया।जलंधर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · शिव ने जलंधर दैत्य का वध किया, जो समुद्र से उत्पन्न हुआ था।जांबवतीमहाभारत · जाम्बवान की पुत्री और श्रीकृष्ण की पत्नी, सांब की माता।जांबवानरामायण एवं रामचरितमानस · भालू-राज जांबवान, राम के सहायक और चिरंजीवी; जिन्होंने हनुमान को उनके बल का स्मरण कराया।जातकर्म संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · शिशु के जन्म के तुरंत बाद मधु-घृत प्राशन और मंत्रों द्वारा किया जाने वाला संस्कार।जानकीहरणग्रंथ · कुमारदास का महाकाव्य, जो रामायण की कथा को बीस सर्गों में प्रस्तुत करता है।जाबाल उपनिषदग्रंथ · संन्यास और काशी को अविमुक्त क्षेत्र बताने वाला उपनिषद; किसी भी आश्रम में त्याग संभव।जीवशब्दावली · अविद्या से बद्ध व्यक्ति-चेतना; अपने स्वरूप को भूला हुआ आत्मा।जैमिनीय शाखाग्रंथ · सामवेद की शाखा; इसे 'तलवकार' शाखा भी कहा जाता है।जैसी संगति वैसा चरित्रकथाएँ एवं घटनाएँ · एक ही जाति के दो तोते अलग-अलग संगति में पले और उनके स्वभाव बिलकुल भिन्न निकले।ज्ञानशब्दावली · तत्त्व का साक्षात् बोध — आत्मा और ब्रह्म के स्वरूप का यथार्थ ज्ञान, जो मोक्ष का मार्ग है।ज्ञानेश्वरीग्रंथ · संत ज्ञानेश्वर द्वारा मराठी में ओवी छंदों में रचित भगवद्गीता की प्रसिद्ध भावार्थदीपिका टीका।ज्योतिषशब्दावली · ग्रह-नक्षत्रों की गति से काल तथा मनुष्य-जीवन का फल बताने वाला वेदांग शास्त्र; वेदों का नेत्र।ज्योतिष (वेदांग)ग्रंथ · वेदांग ज्योतिष; यज्ञ-काल की गणना और खगोलीय ज्ञान का शास्त्र।ज्वाला जीतीर्थ एवं स्थान · कांगड़ा में सदा प्रज्वलित ज्योतियों वाला शक्तिपीठ।ज्वालामुखीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · हिमाचल के कांगड़ा में ज्वालामुखी देवी की ज्योति-रूप में पूजा होती है, जहाँ सती की जिह्वा गिरी थी।
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तंत्रशब्दावली · साधना की वह पद्धति जिसमें मंत्र, यंत्र, देवता-आराधना तथा विधि-विधान से शीघ्र सिद्धि प्राप्त की जाती है।तंत्रराज तंत्रग्रंथ · एक तांत्रिक ग्रंथ, जो मंत्र-साधना और श्रीविद्या-परंपरा से जुड़ा माना जाता है।तक्षकवेद एवं पुराण · नागराज, कश्यप-कद्रू के पुत्र; राजा परीक्षित को डसने वाले नाग।तत्त्वबोधग्रंथ · शंकर-परंपरा का संक्षिप्त वेदांत-ग्रंथ, जो आत्मा और ब्रह्म का तत्त्व सिखाता है।तपतीवेद एवं पुराण · सूर्य-छाया की पुत्री, राजा संवरण की पत्नी; कुरुवंश की माता।तपस्याशब्दावली · शरीर, वाणी और मन को संयमित कर श्रेष्ठ लक्ष्य के लिए की जाने वाली कठोर साधना; तप से आत्मिक तेज उत्पन्न होता है।तमसा नदीनदियाँ एवं पर्वत · तमसा (टोंस) यमुना की सहायक नदी है, जिसके तट पर वाल्मीकि आश्रम रहा।तर्पणसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · जल, काले तिल और कुश से पितरों को अंजलि अर्पित करने की क्रिया।ताड़कारामायण एवं रामचरितमानस · राक्षसी ताड़का, जिसका वध करके श्रीराम ने अपना प्रथम दैत्य-संहार किया।ताप्ती नदीनदियाँ एवं पर्वत · ताप्ती मध्य प्रदेश के मुलताई से निकलकर पश्चिम की ओर बहने वाली नदी है।तारकासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · शिव-पुत्र कार्तिकेय देवताओं के सेनापति बनकर असुर तारकासुर का वध करते हैं और देवताओं को मुक्ति दिलाते हैं।तारारामायण एवं रामचरितमानस · वाली की पत्नी और अंगद की माता; किष्किंधा की बुद्धिमती वानरी जिन्होंने युद्ध-सलाह दी।तिथिआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · चंद्र और सूर्य के बीच बारह अंश के अंतर से बनने वाली काल-इकाई।तिरुपतितीर्थ एवं स्थान · आंध्र प्रदेश की शेषाचल पहाड़ियों पर वेंकटेश्वर भगवान का प्रसिद्ध मंदिर।तिरुपति में विष्णुकथाएँ एवं घटनाएँ · श्रीनिवास रूप में विष्णु ने कुबेर से ऋण लेकर पद्मावती से विवाह किया और वेंकटाद्रि पर विराजमान हुए।तिलोत्तमास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · ब्रह्मा के आदेश पर विश्वकर्मा द्वारा रची गई अप्सरा, जिसने सुंद-उपसुंद का नाश कराया।तीजव्रत एवं त्योहार · श्रावण-भाद्रपद में सुहागिनों के व्रत-उत्सव का नाम।तीर्थयात्रातीर्थ यात्राएँ · पवित्र स्थलों के दर्शन और स्नान की सामान्य हिन्दू परम्परा।तीर्थराज प्रयाग यात्रातीर्थ यात्राएँ · गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तीर्थराज प्रयाग की यात्रा।तुंगभद्रा नदीनदियाँ एवं पर्वत · तुंगभद्रा तुंगा और भद्रा के मिलन से बनी कर्नाटक की प्रमुख नदी है।तुलसीआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · पवित्र औषधीय पौधा, जो कफ-वात शामक, ज्वरघ्न और प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाला है।तुलसीदासरामायण एवं रामचरितमानस · गोस्वामी तुलसीदास, रामचरितमानस के रचयिता; रामभक्ति के सर्वश्रेष्ठ कवि।तुळजा भवानीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · महाराष्ट्र के तुळजापुर में तुळजा भवानी विराजती हैं; यह छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी हैं।तेजोबिंदु उपनिषदग्रंथ · ध्यान और योग पर बल देने वाला उपनिषद; अहं ब्रह्मास्मि के निरंतर चिंतन का उपदेश।तैत्तिरीय उपनिषदग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद का उपनिषद; शिक्षावल्ली, ब्रह्मानन्दवल्ली और भृगुवल्ली में ब्रह्मविद्या।तैत्तिरीय उपनिषद 1.11.1रोज़ का श्लोक · सत्य बोलो, धर्म का पालन करो और स्वाध्याय में कभी लापरवाही मत करो।तैत्तिरीय उपनिषद 2.1.1रोज़ का श्लोक · ब्रह्म सत्य है, ज्ञान है और अनन्त है — यही ब्रह्म का स्वरूप है।तैत्तिरीय शाखाग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद की सर्वाधिक प्रचलित शाखा; दक्षिण भारत में व्यापक रूप से प्रचलित।त्रिकूट पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · त्रिकूट तीन शिखरों वाला पर्वत है, जिसे रामायण में लंका और किष्किंधा से जोड़ा गया।त्रिजटारामायण एवं रामचरितमानस · सीता की रक्षा करने वाली वृद्ध राक्षसी; जिसने रावण के विनाश का स्वप्न देखा।त्रिदेवशब्दावली · ब्रह्मा, विष्णु और शिव — सृष्टि, पालन और संहार के तीन देव।त्रिदेव-परीक्षाकथाएँ एवं घटनाएँ · भृगु ने ब्रह्मा, शिव और विष्णु की परीक्षा ली; सहनशील विष्णु सर्वश्रेष्ठ सिद्ध हुए।त्रिदोषआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · वात, पित्त और कफ — शरीर की तीन मूल जैविक शक्तियाँ, जिनके संतुलन से स्वास्थ्य रहता है।त्रिपुर सुंदरीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · त्रिपुरा के उदयपुर (माताबाड़ी) में त्रिपुर सुंदरी विराजती हैं; यह सती के दाहिने चरण का पीठ है।त्रिपुरासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · शिव ने त्रिपुरासुर के तीन नगरों को एक ही बाण से जलाया।त्रिफलाआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · हरीतकी, विभीतकी और आमलकी — तीन फलों का मिश्रण, जो पाचन और नेत्र के लिए हितकारी है।त्रिवेणी संगमतीर्थ एवं स्थान · गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन का पवित्र संगम।त्रिशिरारामायण एवं रामचरितमानस · तीन मुखों वाला राक्षस सेनापति, जिसे खर-दूषण के साथ अरण्यकांड में राम ने मारा।त्रिहारिणीकथाएँ एवं घटनाएँ · वेदवती, सीता और द्रौपदी — तीन जन्मों वाली देवी त्रिहारिणी कहलाईं।त्र्यंबकेश्वरतीर्थ एवं स्थान · नासिक के निकट ब्रह्मगिरि पर गोदावरी-उद्गम के पास का ज्योतिर्लिंग।त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरि पर्वत के निकट गोदावरी नदी के उद्गम-स्थल पर स्थित ज्योतिर्लिंग।त्र्यरुणकथाएँ एवं घटनाएँ · सारथी-दोष से बालक की मृत्यु पर राजा त्र्यरुण और पुरोहित वृषजान के बीच विवाद हुआ।
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दंतेश्वरीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी देवी विराजती हैं; यह सती के दाँत का शक्तिपीठ है।दक्षवेद एवं पुराण · प्रजापति दक्ष, सती के पिता, दक्षयज्ञ के कर्ता और शिव-शापित महाप्रजापति।दक्ष यज्ञकथाएँ एवं घटनाएँ · दक्ष बिना शिव को बुलाए यज्ञ करते हैं; पिता के अपमान से दुखी सती देह त्यागती हैं और वीरभद्र दक्ष का वध करते हैं।दक्षिण भारत तीर्थ यात्रातीर्थ यात्राएँ · रामेश्वरम, कन्याकुमारी, मदुरै, कांचीपुरम और तिरुपति आदि दक्षिण भारत के तीर्थ।दत्तात्रेयवेद एवं पुराण · अत्रि और अनुसूया के पुत्र, ब्रह्मा-विष्णु-शिव के संयुक्त अवतार; नाथ परंपरा के आदिगुरु।दधीचि का अस्थि-दानकथाएँ एवं घटनाएँ · वृत्रासुर के वध के लिए दधीचि ने अपनी अस्थियाँ दीं, जिनसे इंद्र का वज्र बना।दनुस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · दक्ष की पुत्री, कश्यप की पत्नी और दानवों की माता।दमयंतीवेद एवं पुराण · विदर्भ राजकुमारी और राजा नल की पत्नी, जिनकी कथा नल-दमयंती की प्रसिद्ध कथा है।दशरथरामायण एवं रामचरितमानस · अयोध्या के सूर्यवंशी राजा, राम आदि चार भाइयों के पिता; जिनकी मृत्यु पुत्र-वियोग में हुई।दशरथ मृत्युकथाएँ एवं घटनाएँ · पुत्र-वियोग के दुःख में डूबे राजा दशरथ को अपने पूर्वकर्म का शाप स्मरण होता है और उनका देहांत हो जाता है।दशाआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · ग्रहों के आधार पर जीवन-काल का खंडों में विभाजन; फलादेश का आधार।दानशब्दावली · अपनी वस्तु का योग्य पात्र को निःस्वार्थ भाव से अर्पण; धर्म का प्रमुख अंग तथा पुण्य का साधन।दान की महिमाकथाएँ एवं घटनाएँ · शास्त्रों में दान को सर्वश्रेष्ठ धर्म कहा गया, जो इस लोक और परलोक दोनों में रक्षा करता है।दामोदर नदीनदियाँ एवं पर्वत · दामोदर झारखंड से निकलकर पश्चिम बंगाल में हुगली से मिलने वाली नदी है।दितिस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · दक्ष की पुत्री, कश्यप की पत्नी और दैत्यों (असुरों) की माता।दिनचर्याआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · प्रातः जागरण से रात्रि-निद्रा तक की दैनिक दिनचर्या, जो स्वास्थ्य की रक्षा करती है।दिलीपवेद एवं पुराण · सूर्यवंशी राजा, भगीरथ के पिता; वसिष्ठ की नंदिनी की सेवा करने वाले।दीपावलीव्रत एवं त्योहार · अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व; कार्तिक अमावस्या को घर-आँगन दीपों से सजाया जाता है।दुंदुभीरामायण एवं रामचरितमानस · मय दानव का भैंसा-रूपी पुत्र, जिसका वध बाली ने किया; इसी कथा से सुग्रीव-बाली का झगड़ा जुड़ा।दुःशासनमहाभारत · धृतराष्ट्र का पुत्र, द्यूतसभा में द्रौपदी के चीरहरण का दोषी कौरव।दुर्गावेद एवं पुराण · आदिशक्ति दुर्गा, महिषासुरमर्दिनी, नवरात्रि की नौ स्वरूपों वाली और सिंहवाहिनी देवी।दुर्गा सप्तशतीग्रंथ · मार्कण्डेय पुराण में स्थित सात सौ श्लोकों वाला देवी-माहात्म्य; दुर्गा की महिमा।दुर्योधनमहाभारत · धृतराष्ट्र-गांधारी के ज्येष्ठ पुत्र, कौरवों के नेता और कुरुक्षेत्र युद्ध के मूल कारण।दुर्योधन वधकथाएँ एवं घटनाएँ · गदा युद्ध में भीम ने दुर्योधन की जाँघ तोड़ी और अंततः दुर्योधन का अंत हुआ।दुर्वासावेद एवं पुराण · क्रोधी स्वभाव वाले दुर्वासा मुनि, अत्रि के पुत्र, श्राप-दाता और शिव के अंश माने गए।दुर्वासा पुराणग्रंथ · दुर्वासा ऋषि द्वारा कथित उपपुराण; इसे 'आश्चर्य पुराण' भी कहा जाता है।दुष्यंत-शकुंतलाकथाएँ एवं घटनाएँ · शकुंतला ने दुष्यंत से विवाह किया और भरत को जन्म दिया।दूषणरामायण एवं रामचरितमानस · खर का सेनापति; जनस्थान युद्ध में राम के हाथों मारा गया।दृग्दृश्यविवेकग्रंथ · शंकराचार्य को समर्पित वेदांत-ग्रंथ, जो द्रष्टा और दृश्य का विवेक सिखाता है।देववेद एवं पुराण · स्वर्ग के निवासी देवगण, इंद्र के नेतृत्व में; असुरों के प्रतिद्वंद्वी।देवकीमहाभारत · वसुदेव की पत्नी, कंस की बहन और श्रीकृष्ण तथा बलराम की माता।देवयानीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · शुक्राचार्य की पुत्री, जिनका विवाह राजा ययाति से हुआ।देवयानी-शर्मिष्ठाकथाएँ एवं घटनाएँ · देवयानी और शर्मिष्ठा की प्रतिस्पर्धा से ययाति का विवाह हुआ।देवासुर संग्रामकथाएँ एवं घटनाएँ · देवताओं और दैत्यों के बार-बार युद्ध में देवताओं की विजय हुई।देवी पुराणग्रंथ · देवी (विंध्यवासिनी) की महिमा तथा शक्ति-उपासना का वर्णन करने वाला शाक्त उपपुराण।देवी भागवत पुराणग्रंथ · शाक्त महापुराण; देवी की महिमा तथा सृष्टि एवं देवी-कथाएँ।द्यौः शान्तिः शान्ति मंत्र (यजुर्वेद 36.17)रोज़ का श्लोक · द्युलोक, अन्तरिक्ष, पृथ्वी, जल, औषधि, वनस्पति और देवता सब शांति हैं; वही शांति मुझे प्राप्त हो।द्रुपदमहाभारत · पांचाल नरेश, द्रौपदी और धृष्टद्युम्न के पिता तथा द्रोण के बचपन के सहपाठी।द्रोण पर्वग्रंथ · महाभारत का सातवाँ पर्व; अभिमन्यु-वध, जयद्रथ-वध और द्रोण का अंत।द्रोण वधकथाएँ एवं घटनाएँ · अश्वत्थामा की मृत्यु का झूठा समाचार सुनकर शस्त्र त्यागे द्रोणाचार्य का धृष्टद्युम्न ने वध किया।द्रोणगिरिनदियाँ एवं पर्वत · द्रोणगिरि हिमालय का पर्वत है, जिससे हनुमान संजीवनी लाए थे।द्रोणाचार्यमहाभारत · भरद्वाज के पुत्र, कौरव-पांडवों के अस्त्र-गुरु, एकलव्य के अंगूठा-दान तथा चक्रव्यूह से जुड़े।द्रौपदीमहाभारत · द्रुपद की पुत्री, पाँचों पांडवों की पत्नी और चीरहरण पर प्रतिज्ञा लेने वाली वीर नारी।द्रौपदी स्वयंवरकथाएँ एवं घटनाएँ · पांचाल राजा द्रुपद के स्वयंवर में अर्जुन ने मत्स्यवेध करके द्रौपदी को प्राप्त किया।द्रौपदी हरणकथाएँ एवं घटनाएँ · सिंधुराज जयद्रथ ने वन में द्रौपदी का अपहरण किया, पर पांडवों ने उसे पकड़कर दंडित किया।द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रातीर्थ यात्राएँ · सोमनाथ से घृष्णेश्वर तक भारत में फैले बारह ज्योतिर्लिंगों की यात्रा।द्वादश माधव यात्रातीर्थ यात्राएँ · प्रयागराज में विष्णु के बारह माधव स्वरूपों के मंदिरों की परिक्रमा।द्वारकातीर्थ एवं स्थान · गुजरात के समुद्र तट पर कृष्ण की नगरी, द्वारकाधीश का धाम।
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धनुर्वेदग्रंथ · उपवेद धनुर्वेद; धनुष-बाण और युद्ध-कौशल का शास्त्र।धन्वंतरिवेद एवं पुराण · देवताओं के वैद्य और आयुर्वेद के देवता, जो समुद्र मंथन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए।धर्मशब्दावली · कर्तव्य और नैतिक नियमों का सिद्धांत, चार पुरुषार्थों में प्रथम।धर्मसूत्रग्रंथ · धर्म, कर्तव्य, आचार और प्रायश्चित के नियम सूत्र-रूप में देने वाला कल्प-ग्रंथ।धातुआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · शरीर के सात मूल ऊतक — रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र।धारणाआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अष्टांग योग का छठा अंग; चित्त को एक देश में बाँधना।धृतराष्ट्रमहाभारत · विचित्रवीर्य और अंबिका के पुत्र, जन्मांध कुरु राजा, पुत्रमोह से युद्ध न रोक पाए।धृतराष्ट्र का वनगमनकथाएँ एवं घटनाएँ · पुत्र-शोक से व्यथित धृतराष्ट्र गांधारी सहित वन में तप करने चले गए।धृष्टकेतुमहाभारत · चेदि नरेश और शिशुपाल के पुत्र, जो पांडवों की ओर से लड़े और द्रोण द्वारा मारे गए।धृष्टद्युम्नमहाभारत · द्रुपद के यज्ञ से उत्पन्न पुत्र, द्रोण के वधकर्ता और पांडव-सेना के प्रथम सेनापति।धेनुकासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · बलराम ने तालवन में गधरूप धेनुकासुर को मारकर ग्वालों के लिए वन खोला।ध्यानआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अष्टांग योग का सातवाँ अंग; एक ही वस्तु पर प्रत्यय की निरंतरता।ध्रुव कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · बालक ध्रुव ने कठोर तप से विष्णु को प्रसन्न किया और ध्रुव तारा बना।
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नंदवेद एवं पुराण · गोकुल के गोप-मुखिया और श्रीकृष्ण के पालक पिता, वसुदेव के मित्र।नंदगाँवतीर्थ एवं स्थान · मथुरा ज़िले में नंद बाबा का गाँव, जहाँ कृष्ण का बाल्यकाल बीता।नंदि पुराणग्रंथ · नंदि की महिमा बताने वाला शैव उपपुराण; इसे 'नंदा' या 'नंदिकेश्वर पुराण' भी कहा जाता है।नकुलमहाभारत · माद्री और अश्विनीकुमार के पुत्र, अश्व-विद्या में निपुण पांडवों में चौथे।नक्षत्रआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · चंद्र-पथ पर स्थित सत्ताईस तारा-समूह, जिनसे जन्म-नक्षत्र तय होता है।नचिकेता कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · नचिकेता ने यमराज से आत्मा और मृत्यु का रहस्य पूछा।नरकशब्दावली · पाप-कर्म के फल-भोग का नीच लोक; यमराज के अधीन दुःख-स्थान।नरकासुरमहाभारत · प्राग्ज्योतिष का असुर राजा, जिसका वध कृष्ण ने सत्यभामा के सहयोग से किया।नरसिंह अवतरणकथाएँ एवं घटनाएँ · विष्णु ने आधे नर-आधे सिंह रूप में देहली पर हिरण्यकशिपु का वध किया।नरसिंह अवतारवेद एवं पुराण · नरसिंह अवतार, आधे मनुष्य-आधे सिंह, जिन्होंने भक्त प्रह्लाद की रक्षा और हिरण्यकशिपु का वध किया।नरसिंह पुराणग्रंथ · विष्णु के नृसिंह अवतार की महिमा तथा भक्त-रक्षा का वर्णन करने वाला वैष्णव उपपुराण।नर्मदा नदीनदियाँ एवं पर्वत · नर्मदा अमरकंटक से निकलकर पश्चिम की ओर बहने वाली पुण्यदायिनी नदी है।नर्मदा परिक्रमातीर्थ यात्राएँ · नर्मदा नदी की सम्पूर्ण परिक्रमा — लगभग 2600 किलोमीटर की पैदल यात्रा।नलरामायण एवं रामचरितमानस · विश्वकर्मा के पुत्र वनर-शिल्पी; जिनके नेतृत्व में समुद्र पर सेतु बना (नलसेतु)।नल-दमयंती कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · नल और दमयंती की कथा स्वयंवर, वियोग और पुनर्मिलन की प्रसिद्ध कथा है।नवग्रहवेद एवं पुराण · नौ ग्रह-देवता — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु।नवग्रह तीर्थ यात्रातीर्थ यात्राएँ · कुंभकोणम के निकट नौ ग्रहों को समर्पित नवग्रह मंदिरों की यात्रा।नवरात्रिव्रत एवं त्योहार · माँ दुर्गा की नौ रातों का उत्सव; मुख्यतः चैत्र और आश्विन में मनाया जाता है।नहुष कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · राजा नहुष इंद्र-पद पाकर अहंकार से पतित हुए और अजगर बने।नागवेद एवं पुराण · कश्यप और कद्रू से उत्पन्न सर्प-जाति; पाताल के निवासी, अर्धदिव्य।नाग पंचमीव्रत एवं त्योहार · श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग देवता की पूजा।नागेश्वर ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · गुजरात में द्वारका के निकट दारुकावन क्षेत्र में स्थित ज्योतिर्लिंग।नाथद्वारातीर्थ एवं स्थान · राजस्थान में श्रीनाथजी (गोवर्धन-धारी कृष्ण) की हवेली-मंदिर।नामकरण संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · जन्म के दसवें या बारहवें दिन शिशु को शुभ नाम देने का संस्कार।नारदवेद एवं पुराण · देवर्षि नारद, ब्रह्मा के मानस पुत्र, वीणा धारी भक्त, नारायण-नाम के प्रचारक और देव-संदेशवाहक।नारद पुराणग्रंथ · नारद-प्रोक्त वैष्णव महापुराण; भक्ति, व्रत, तीर्थ तथा सृष्टि-वर्णन।नारद भक्ति सूत्रग्रंथ · नारद से जुड़े भक्ति-सूत्र, जो भक्ति के स्वरूप और साधन को सूत्रों में बताते हैं।नारद-मोह की कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · अहंकार में डूबे नारद को विष्णु ने सरोवर में स्नान कराकर माया का अनुभव कराया।नारायण उपनिषदग्रंथ · नारायण को एकमात्र देव और परब्रह्म बताने वाला वैष्णव उपनिषद; ॐ नमो नारायणाय मंत्र।नासदीय सूक्त (ऋग्वेद 10.129.1)रोज़ का श्लोक · सृष्टि से पूर्व न सत् था, न असत्; न आकाश, न जल — केवल अगाध रहस्य था।निंबार्क भाष्यग्रंथ · निंबार्काचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य, जिसे वेदांत-पारिजात-सौरभ कहते हैं और जो द्वैताद्वैत सिद्धांत का आधार है।नित्याषोडशिकार्णवग्रंथ · वामकेश्वर का तंत्र-ग्रंथ, जो श्रीविद्या और षोडशी-उपासना से जुड़ा माना जाता है।निमिरामायण एवं रामचरितमानस · इक्ष्वाकु के पुत्र, जिन्होंने मिथिला (विदेह) राज्य की स्थापना की; जनक इसी वंश के थे।निरुक्त (वेदांग)ग्रंथ · वेदांग निरुक्त; वेद-शब्दों की व्युत्पत्ति और अर्थ-निर्णय का शास्त्र।निर्वाण उपनिषदग्रंथ · संन्यासी के स्वरूप और निर्वाण-अवस्था का सूत्र-शैली में वर्णन करने वाला उपनिषद।निषध पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · निषध पुराणों में मेरु के निकट का एक प्रमुख वर्ष-पर्वत माना गया है।निषादराज गुहरामायण एवं रामचरितमानस · निषादराज गुह, राम के परम मित्र; जिन्होंने राम को गंगा पार कराई।निष्क्रमण संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · शिशु को पहली बार घर से बाहर लाकर सूर्य और दिशाओं का दर्शन कराने वाला संस्कार।नीलरामायण एवं रामचरितमानस · अग्नि के पुत्र वानर-सेनापति; जिन्होंने प्रहस्त को मारा और सेतु-निर्माण में नल का साथ दिया।नृगकथाएँ एवं घटनाएँ · भूल से दी गई गाय के कारण राजा नृग को गिरगिट योनि मिली, कृष्ण ने उद्धार किया।नृसिंहतापनी उपनिषदग्रंथ · नृसिंह को ब्रह्म मानने वाला वैष्णव उपनिषद; नृसिंह-मंत्र का प्रतिपादक।नैना देवीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · हिमाचल के बिलासपुर में त्रिकूट पर्वत पर नैना देवी विराजती हैं; यह सती के नेत्रों का पीठ है।नैमिषारण्यतीर्थ एवं स्थान · उत्तर प्रदेश में गोमती के निकट ऋषियों का तपःक्षेत्र, पुराण-कथन का स्थल।नैषधीयचरितग्रंथ · श्रीहर्ष का महाकाव्य, जिसमें नल और दमयन्ती की प्रेम-कथा काव्य-वैभव के साथ है।न्यायशब्दावली · तर्क और प्रमाण का दर्शन; सोलह पदार्थों के तत्त्वज्ञान से निःश्रेयस।न्याय सूत्रग्रंथ · गौतम-प्रणीत न्याय दर्शन के सूत्र; प्रमाण, तर्क और ज्ञान-मीमांसा।
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पंच प्रयागतीर्थ यात्राएँ · विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग के पाँच पवित्र संगम।पंचकन्याकथाएँ एवं घटनाएँ · अहल्या, द्रौपदी, कुंती, तारा और मंदोदरी — पंचकन्याओं का स्मरण पाप नष्ट करता है।पंचकेदार यात्रातीर्थ यात्राएँ · केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर — गढ़वाल के पाँच शिव धाम।पंचदशीग्रंथ · विद्यारण्य का वेदांत-ग्रंथ, जो अद्वैत-सिद्धांत को पंद्रह अध्यायों में समझाता है।पंचबद्री यात्रातीर्थ यात्राएँ · बद्रीनाथ, योगध्यान बद्री, भविष्य बद्री, वृद्ध बद्री और आदि बद्री की यात्रा।पंचवटीतीर्थ एवं स्थान · गोदावरी तट पर राम का वनवास-स्थल, जहाँ शूर्पणखा प्रसंग हुआ।पंचशिख-जनक चर्चाकथाएँ एवं घटनाएँ · सांख्याचार्य पंचशिख कापिलेय ने राजा जनक को आत्मा और मोक्ष का सांख्य-ज्ञान सिखाया।पंचांगआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों वाला काल-निर्णय।पंचीकरणग्रंथ · शंकराचार्य का लघु वेदांत-ग्रंथ, जो पाँच महाभूतों के पंचीकरण की प्रक्रिया बताता है।पंढरपुरतीर्थ एवं स्थान · महाराष्ट्र में भीमा (चंद्रभागा) नदी के तट पर विठोबा का प्रसिद्ध मंदिर।पंढरपुर वारीतीर्थ यात्राएँ · महाराष्ट्र में संतों की पालखियों के साथ पंढरपुर की पैदल वारकरी यात्रा।पद्म पुराणग्रंथ · विष्णु-भक्ति प्रधान सबसे विशाल महापुराण; रामकथा, कृष्णकथा और तीर्थ-माहात्म्य।पम्पा नदीनदियाँ एवं पर्वत · पम्पा कर्नाटक की पवित्र नदी है, जिसके तट पर ऋष्यमूक और हम्पी हैं।परंतपकथाएँ एवं घटनाएँ · कौशांबी के राजा परंतप की रानी को विशाल पक्षी उठा ले गया, जहाँ पुत्र उदयन का जन्म हुआ।परमहंस उपनिषदग्रंथ · ब्रह्मा और नारद का संवाद; परमहंस संन्यासी के लक्षण और जीवन्मुक्ति का वर्णन।परशुरामवेद एवं पुराण · परशुराम, विष्णु के छठे अवतार, फरसा धारी, जमदग्नि के पुत्र और क्षत्रिय-संहारक।परशुराम संवादकथाएँ एवं घटनाएँ · सीता स्वयंवर में शिव धनुष टूटने पर क्रुद्ध परशुराम राम को ललकारते हैं, पर अंत में उन्हें विष्णु का अंश जानकर शांत हो जाते हैं।पराशर पुराणग्रंथ · पराशर मुनि द्वारा कथित शैव उपपुराण; इसमें १८ अध्याय माने जाते हैं।पराशर स्मृतिग्रंथ · पराशर-प्रणीत स्मृति; कलियुग के अनुकूल धर्म-विधान।परिक्रमातीर्थ यात्राएँ · किसी पवित्र स्थल, नदी या पर्वत की दाईं ओर से की जाने वाली प्रदक्षिणा।परीक्षितमहाभारत · अभिमन्यु और उत्तरा के पुत्र, युद्धोत्तर हस्तिनापुर के राजा, जिनकी मृत्यु तक्षक के डंक से हुई।पशुपतिनाथतीर्थ एवं स्थान · काठमांडू में बागमती नदी के तट पर शिव का प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर।पांचजन्यकथाएँ एवं घटनाएँ · गुरु-दक्षिणा में शंखासुर का वध कर कृष्ण ने पांचजन्य शंख प्राप्त किया।पांचाल वंशवंशावली · अजमीढ की शाखा से चला वंश, जिसके राजा द्रुपद और पुत्री द्रौपदी थीं।पांडव वंशवंशावली · राजा पांडु के पाँच पुत्रों से चला वंश, जो कुरुवंश की प्रमुख शाखा है।पांडवों का वनवासकथाएँ एवं घटनाएँ · द्यूत में हारकर पांडवों ने बारह वर्ष का वनवास और एक वर्ष का अज्ञातवास स्वीकार किया।पांडवों का स्वर्गारोहणकथाएँ एवं घटनाएँ · पांडव द्रौपदी सहित महाप्रस्थान पर निकले; अंत में केवल युधिष्ठिर देह सहित स्वर्ग पहुँचे।पांडुमहाभारत · विचित्रवीर्य और अंबालिका के पुत्र, पांडवों के पिता, शाप के कारण जिनका संयोग-निषेध था।पातालशब्दावली · पृथ्वी के नीचे स्थित सात अधोलोकों में सातवाँ तथा सबसे नीचे का लोक; नागों और नागराज वासुकि का निवास।पापशब्दावली · शास्त्र-निषिद्ध तथा हिंसक कर्मों से अर्जित दोष; वह अशुभ कर्म-फल जो दुःख तथा नरक देता है।पार्वण श्राद्धसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · तीन पीढ़ियों और विश्वेदेवों के निमित्त किया जाने वाला सामूहिक श्राद्ध।पार्वतीवेद एवं पुराण · हिमालय की पुत्री और भगवान शिव की अर्धांगिनी, जिन्होंने कठोर तपस्या से शिव को पति रूप में प्राप्त किया।पिंडदानसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · पितरों को चावल-तिल के पिंड अर्पित करने की क्रिया, श्राद्ध का मुख्य अंग।पितृपक्षसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · भाद्रपद कृष्ण पक्ष के सोलह दिन, जो पितरों के श्राद्ध-तर्पण हेतु समर्पित हैं।पित्तआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अग्नि तत्व प्रधान दोष, जो पाचन, चयापचय और शरीर की ऊष्मा को नियंत्रित करता है।पुंसवन संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · गर्भ में वीर्यवान् संतान की स्थापना की कामना से किया जाने वाला गर्भ-संस्कार।पुण्यशब्दावली · शुभ कर्मों का अर्जित फल; वह शुभ संस्कार जो सुख, स्वर्ग तथा उत्तम जन्म देता है।पुनर्जन्मशब्दावली · मृत्यु के बाद कर्मानुसार नए शरीर में जन्म; संसार-चक्र का आधार।पुरंजनकथाएँ एवं घटनाएँ · नारद ने पुरंजन की कथा से बताया कि जीव नौ द्वारों वाली देह-नगरी में भोगों में बँधा है।पुरंजयकथाएँ एवं घटनाएँ · देवताओं की सहायता के लिए पुरंजय ने इंद्र को वृषभ बनाकर असुरों को जीता और ककुत्स्थ कहलाए।पुराणशब्दावली · व्यास से जुड़े अठारह महापुराण, सृष्टि और देव-कथाओं का संग्रह।पुरुवेद एवं पुराण · ययाति और शर्मिष्ठा के पुत्र, चंद्रवंश की पौरव परंपरा के जनक।पुरुवंशवंशावली · ययाति के सबसे छोटे पुत्र पुरु से चला वंश, जिसमें भरत, कुरु और पांडव हुए।पुरुषशब्दावली · सांख्य का चेतन तत्त्व; कूटस्थ, अकर्ता, द्रष्टा-स्वरूप आत्मा।पुरुषसूक्त (ऋग्वेद 10.90.1)रोज़ का श्लोक · उस पुरुष के सहस्र सिर, नेत्र और चरण हैं; वह सब ओर व्याप्त होकर सबके परे स्थित है।पुरुषार्थशब्दावली · मानव-जीवन के चार उद्देश्य — धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष।पुरूरवा-उर्वशीकथाएँ एवं घटनाएँ · पुरूरवा और उर्वशी का प्रेम अंत में विरह में बदल गया।पुलस्त्यवेद एवं पुराण · ब्रह्मा के मानस पुत्र और प्रजापति; कुबेर के पितामह तथा रावण के प्रपितामह।पुलोमास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · भृगु की पत्नी, जिनसे च्यवन ऋषि का जन्म हुआ।पुष्करतीर्थ एवं स्थान · राजस्थान के अजमेर ज़िले में ब्रह्मा जी का प्रसिद्ध मंदिर और पवित्र सरोवर।पुष्पक विमानरामायण एवं रामचरितमानस · कुबेर का दिव्य उड़न-रथ, जिसे रावण ने छीन लिया; विजय के बाद राम इसी पर अयोध्या लौटे।पूतनावेद एवं पुराण · कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी, जिसने बालक कृष्ण को विषपूर्ण स्तन पिलाना चाहा और मारी गई।पूतना वधकथाएँ एवं घटनाएँ · कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना विष-स्तन से शिशु कृष्ण को मारना चाहती है, पर कृष्ण उसके प्राण हर लेते हैं।पूर्णमदः शान्ति मंत्ररोज़ का श्लोक · वह पूर्ण है, यह पूर्ण है; पूर्ण से पूर्ण निकलता है, और पूर्ण का पूर्ण लेने पर भी पूर्ण ही शेष रहता है।पूर्णिमाव्रत एवं त्योहार · प्रत्येक मास की पूर्णिमा तिथि; व्रत, स्नान और दान का दिन।पृथुवेद एवं पुराण · विष्णु के अवतार, वेन के पुत्र; पृथ्वी का दोहन करने वाले प्रथम राजा।पृथु कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · राजा पृथु ने पृथ्वी का दोहन करके अन्न और औषधि प्राप्त की।पृथ्वीवेद एवं पुराण · पृथ्वी देवी, भूमि का स्वरूप; वसुधा और धरित्री, समस्त प्राणियों की माता।पृषधुकथाएँ एवं घटनाएँ · अनजाने गो-वध के कारण पृषधु को शूद्र होने का शाप मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पैंगल उपनिषदग्रंथ · याज्ञवल्क्य और शिष्य पैंगल का संवाद; जीव-ब्रह्म की एकता और पंचीकरण बताता है।पैप्पलाद शाखाग्रंथ · अथर्ववेद की शाखा; पैप्पलाद संहिता इससे सम्बद्ध है।पोंगलव्रत एवं त्योहार · तमिलनाडु का फसल उत्सव; सूर्य देव को नैवेद्य अर्पण।पौंड्रककथाएँ एवं घटनाएँ · अपने को वासुदेव बताने वाले पौंड्रक का कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से वध किया।प्रकृतिशब्दावली · सांख्य-योग की मूल जड़ सत्ता; तीन गुणों की साम्यावस्था।प्रतीपवेद एवं पुराण · कुरुवंशी राजा, शांतनु के पिता और भीष्म के पितामह।प्रत्याहारआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अष्टांग योग का पाँचवाँ अंग; इंद्रियों का अपने विषयों से हट जाना।प्रदोष व्रतव्रत एवं त्योहार · त्रयोदशी की संध्या को शिव-पूजा का व्रत।प्रयागराजतीर्थ एवं स्थान · गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर बसा तीर्थराज प्रयाग, कुम्भ का प्रमुख स्थान।प्रवरसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · गोत्र के मूल और श्रेष्ठ ऋषियों के नाम, जो वंशावली तथा विवाह-नियम निर्धारित करते हैं।प्रश्न उपनिषदग्रंथ · अथर्ववेद का उपनिषद; छह प्रश्नों के रूप में ब्रह्मविद्या का विवेचन।प्रहस्तरामायण एवं रामचरितमानस · रावण का महामंत्री और सेनापति; लंका युद्ध में नील ने इसे मारा।प्रह्लादवेद एवं पुराण · परम भक्त प्रह्लाद, हिरण्यकशिपु के पुत्र, जिनकी रक्षा भगवान नरसिंह ने की।प्रह्लाद कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · हिरण्यकशिपु का पुत्र प्रह्लाद विष्णु-भक्त बना और नरसिंह ने उसकी रक्षा की।प्राणायामआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अष्टांग योग का चौथा अंग; श्वास की गति पर संयम।प्रियव्रतकथाएँ एवं घटनाएँ · प्रियव्रत के रथ-चक्रों की लीकों से सात समुद्र और सात द्वीप बने और उन्होंने पृथ्वी बाँटी।
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बंधआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · हठयोग की क्रिया, जिससे प्राण को शरीर के विशेष भागों में बाँधा जाता है।बकासुरमहाभारत · एकचक्रा नगर को आतंकित करने वाला राक्षस, जिसका वध भीम ने किया।बकासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · एकचक्रा नगर में भीम ने बकासुर राक्षस का वध करके ब्राह्मणों का भय दूर किया।बद्रीनाथतीर्थ एवं स्थान · हिमालय में अलकनंदा तट पर विष्णु का धाम, चार धाम में एक।बरसानातीर्थ एवं स्थान · मथुरा ज़िले में श्रीराधा की जन्मस्थली, लठमार होली के लिए विख्यात।बर्बरीकमहाभारत · घटोत्कच और मौरवी के पुत्र, अत्यंत पराक्रमी योद्धा, जिन्होंने युद्ध में अपना सिर दान कर दिया।बलराममहाभारत · वसुदेव-रोहिणी के पुत्र, कृष्ण के ज्येष्ठ भाई, हलधर और गदा-युद्ध में निपुण।बल्लालेश्वरमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · रायगढ़ के पाली में बल्लालेश्वर विराजते हैं; यह भक्त बालक बल्लाल से जुड़ा पीठ है।बाणासुरवेद एवं पुराण · बलि का सहस्र-भुजा पुत्र, शिव-भक्त असुरराज, जिसकी पुत्री ऊषा से कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध का विवाह हुआ।बाणासुर कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · बाणासुर के अहंकार को शिव-कृष्ण युद्ध में हराया गया।बालकांडग्रंथ · रामायण का प्रथम कांड — श्रीराम का जन्म, बाललीला, विश्वामित्र-यज्ञ रक्षा और सीता-स्वयंवर।बाष्कल शाखाग्रंथ · ऋग्वेद की शाखा जिसमें 'खिलानि' मन्त्र मिलते हैं; इसकी संहिता पाण्डुलिपि रूप में सुरक्षित है।बिहुलाकथाएँ एवं घटनाएँ · सती बिहुला ने केले के बेड़े पर पति का शव ले जाकर उसे पुनर्जीवित कराया।बुद्ध पूर्णिमाव्रत एवं त्योहार · वैशाख पूर्णिमा को भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण।बुद्धचरितग्रंथ · अश्वघोष का महाकाव्य, जिसमें भगवान बुद्ध का जीवन-चरित काव्य-रूप में वर्णित है।बुध जन्मकथाएँ एवं घटनाएँ · चंद्रमा और तारा के पुत्र बुध बुद्धि के देवता माने गए।बृहदारण्यक उपनिषदग्रंथ · शुक्ल यजुर्वेद का श्रेष्ठतम उपनिषद; याज्ञवल्क्य की ब्रह्मविद्या का ग्रंथ।बृहदारण्यक उपनिषद 1.3.28रोज़ का श्लोक · हे प्रभु! मुझे असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमरता की ओर ले चल।बृहदारण्यक उपनिषद 1.4.10रोज़ का श्लोक · अहं ब्रह्मास्मि — मैं ब्रह्म हूँ; आत्मा और ब्रह्म एक ही हैं।बृहदारण्यक उपनिषद 2.4.5रोज़ का श्लोक · आत्मा को देखना, सुनना, मनन और निदिध्यासन करना चाहिए — यही आत्म-ज्ञान का मार्ग है।बृहन्नारदीय पुराणग्रंथ · नारद-कथित वैष्णव उपपुराण; विष्णु-भक्ति, व्रत, तीर्थ और धर्म का वर्णन।बृहस्पतिवेद एवं पुराण · बृहस्पति, देवताओं के गुरु, गुरु (बृहस्पति) ग्रह, अंगिरा के पुत्र और इंद्र के पुरोहित।बेतवा नदीनदियाँ एवं पर्वत · बेतवा मध्य प्रदेश से निकलकर उत्तर प्रदेश में यमुना से मिलने वाली नदी है।बैसाखीव्रत एवं त्योहार · वैशाख मास में फसल कटाई और नववर्ष का पंजाबी पर्व।बोधगयातीर्थ एवं स्थान · बिहार में फल्गु नदी के तट पर बुद्ध के ज्ञान-प्राप्ति का स्थल।ब्रजतीर्थ एवं स्थान · मथुरा-वृंदावन के आसपास का क्षेत्र, जहाँ कृष्ण की लीलाएँ हुईं।ब्रज चौरासी कोस परिक्रमातीर्थ यात्राएँ · मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और नंदगाँव सहित ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा।ब्रह्मशब्दावली · परम सत्य और जगत् का मूल कारण; सच्चिदानन्द, निर्गुण-सगुण स्वरूप।ब्रह्म उपनिषदग्रंथ · पिप्पलाद और शौनक का संवाद; आत्मा की चार अवस्थाएँ और संन्यास का प्रतिपादन।ब्रह्म पुराणग्रंथ · अट्ठारह महापुराणों में प्रथम; सृष्टि, ब्रह्मा-महिमा, तीर्थ और जगन्नाथ-क्षेत्र का वर्णन।ब्रह्म सूत्र 1.1.1रोज़ का श्लोक · अब ब्रह्म की जिज्ञासा आरम्भ होती है — यह वेदांत दर्शन का प्रथम सूत्र है।ब्रह्मपुत्र नदीनदियाँ एवं पर्वत · ब्रह्मपुत्र तिब्बत से निकलकर असम और बांग्लादेश से बहने वाली विशाल नदी है।ब्रह्मवैवर्त पुराणग्रंथ · कृष्ण-राधा तथा देवी-तत्व प्रधान महापुराण; चार खंडों में भक्ति-कथा।ब्रह्मसूत्रशब्दावली · बादरायण-प्रणीत वेदान्त का सूत्र-ग्रंथ; उपनिषद्-सिद्धान्तों का तर्कपूर्ण संकलन।ब्रह्मावेद एवं पुराण · त्रिमूर्ति के सृष्टिकर्ता ब्रह्मा, चार मुखों वाले, वेदों के प्रवक्ता और समस्त प्रजापतियों के जनक।ब्रह्माण्ड पुराणग्रंथ · ब्रह्माण्ड (सृष्टि) प्रधान महापुराण; ललिता सहस्रनाम तथा देवी-माहात्म्य का स्रोत।ब्राह्मण ग्रंथशब्दावली · वेदों के गद्य भाग; यज्ञ-विधियों का विवेचन और उनके अर्थ का निरूपण।ब्राह्मीआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · मस्तिष्क और स्मृति को बल देने वाला शीतल औषधीय पौधा, जो पित्त-शामक है।
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भक्तिशब्दावली · ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और शरणागति; मोक्ष का सरलतम मार्ग, जिसमें भक्त और भगवान का सीधा संबंध होता है।भगदत्तमहाभारत · प्राग्ज्योतिष देश के वृद्ध नरेश, हाथी सुप्रतीक के स्वामी, जो अर्जुन द्वारा मारे गए।भगवद्गीताशब्दावली · कुरुक्षेत्र में कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश, अठारह अध्याय।भगवद्गीता 1.1रोज़ का श्लोक · धृतराष्ट्र संजय से पूछते हैं कि धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध के लिए एकत्र हुए पुत्रों ने क्या किया।भगवद्गीता 11.32रोज़ का श्लोक · मैं प्रवृद्ध काल हूँ, लोकों का संहार करने आया हूँ; तुझे छोड़कर भी ये सारे योद्धा नहीं रहेंगे।भगवद्गीता 12.15रोज़ का श्लोक · जिससे कोई उद्विग्न न हो और जो स्वयं भी उद्विग्न न हो, हर्ष-अमर्ष-भय से मुक्त वह भक्त मुझे प्रिय है।भगवद्गीता 18.66रोज़ का श्लोक · सब धर्म छोड़कर केवल मेरी शरण में आ जा; मैं तुझे सब पापों से मुक्त कर दूँगा, शोक मत कर।भगवद्गीता 18.78रोज़ का श्लोक · जहाँ योगेश्वर कृष्ण और धनुर्धर अर्जुन हैं, वहीं श्री, विजय, समृद्धि और अटल नीति होती है।भगवद्गीता 2.11रोज़ का श्लोक · श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो शोक के योग्य नहीं, उसका शोक करना और ज्ञानी होने का दावा करना — दोनों मेल नहीं खाते।भगवद्गीता 2.13रोज़ का श्लोक · जैसे देह में बचपन, यौवन और वृद्धावस्था बदलती है, वैसे ही आत्मा देह बदलता है; धीर पुरुष इसमें मोहित नहीं होता।भगवद्गीता 2.14रोज़ का श्लोक · सर्दी-गर्मी और सुख-दुःख इन्द्रियों के संपर्क से आते-जाते रहते हैं; इन्हें धैर्य से सहन करना चाहिए।भगवद्गीता 2.20रोज़ का श्लोक · आत्मा कभी जन्मता या मरता नहीं; वह अजन्मा, नित्य और शाश्वत है — शरीर मरने पर भी वह नहीं मरता।भगवद्गीता 2.22रोज़ का श्लोक · जैसे पुराने वस्त्र छोड़कर नए पहने जाते हैं, वैसे ही देही जीर्ण शरीर छोड़कर नए शरीर धारण करता है।भगवद्गीता 2.23रोज़ का श्लोक · आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न अग्नि जला सकती है, न जल गीला कर सकता है, न वायु सुखा सकती है।भगवद्गीता 2.47रोज़ का श्लोक · कर्म करने में ही तेरा अधिकार है, फल में नहीं; फल की आसक्ति और अकर्म की प्रवृत्ति दोनों छोड़ दे।भगवद्गीता 2.48रोज़ का श्लोक · आसक्ति छोड़कर योग में स्थित होकर कर्म कर; सिद्धि-असिद्धि में समान रहना ही समत्व यानी योग है।भगवद्गीता 2.62रोज़ का श्लोक · विषयों का बार-बार चिन्तन करने से आसक्ति, आसक्ति से कामना और कामना से क्रोध उत्पन्न होता है।भगवद्गीता 2.70रोज़ का श्लोक · जैसे नदियाँ समुद्र में मिलकर उसे विचलित नहीं करतीं, वैसे ही जिसमें सब कामनाएँ समा जाएँ वही शांति पाता है।भगवद्गीता 3.21रोज़ का श्लोक · श्रेष्ठ पुरुष जैसा आचरण करता है, लोग वैसा ही करते हैं; संसार उसी के प्रमाण का अनुसरण करता है।भगवद्गीता 3.35रोज़ का श्लोक · गुणरहित स्वधर्म भी भलीभाँति पाले परधर्म से श्रेष्ठ है; स्वधर्म में मरना कल्याणकारी, पर परधर्म भयावह है।भगवद्गीता 4.34रोज़ का श्लोक · नम्रता, जिज्ञासापूर्वक प्रश्न और सेवा से ज्ञान प्राप्त करो; तत्त्वदर्शी ज्ञानी तुझे उपदेश देंगे।भगवद्गीता 4.7रोज़ का श्लोक · जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं स्वयं को प्रकट करता हूँ।भगवद्गीता 4.8रोज़ का श्लोक · साधुओं की रक्षा, दुष्टों के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मैं युग-युग में प्रकट होता हूँ।भगवद्गीता 6.5रोज़ का श्लोक · अपने द्वारा अपना उद्धार करो, पतन न करो; आत्मा ही अपना मित्र और आत्मा ही अपना शत्रु है।भगवद्गीता 6.6रोज़ का श्लोक · जिसने अपने मन को जीत लिया, आत्मा उसका मित्र है; जो अपने को न जीत सका, आत्मा उसका शत्रु बन जाता है।भगवद्गीता 9.22रोज़ का श्लोक · जो अनन्य भाव से मेरा ध्यान और उपासना करते हैं, उनका योगक्षेम मैं स्वयं वहन करता हूँ।भगवद्गीता 9.26रोज़ का श्लोक · भक्ति से दिया गया पत्र, पुष्प, फल या जल मैं सहर्ष ग्रहण करता हूँ — अर्पण में भाव ही मुख्य है।भगवद्गीता 9.27रोज़ का श्लोक · जो कुछ करता, खाता, हवन करता, दान देता या तप करता है — वह सब मुझे अर्पित कर दे।भगीरथवेद एवं पुराण · राजा भगीरथ, जिनकी घोर तपस्या से गंगा पृथ्वी पर उतरी और जो सगर-वंश के उद्धारक बने।भट्ट भास्करग्रंथ · भट्ट भास्कर मिश्र द्वारा कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता पर रचित प्राचीन भाष्य।भट्टिकाव्यग्रंथ · भट्टि का काव्य, जो राम-कथा के साथ पाणिनि व्याकरण के नियमों का उदाहरण देता है।भरतरामायण एवं रामचरितमानस · कैकेयी के पुत्र, राम के अनुज; जिन्होंने राज्य ठुकराकर राम की पादुकाएँ सिंहासन पर रखीं।भरत चक्रवर्तीवेद एवं पुराण · दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र, चक्रवर्ती सम्राट; जिनके नाम पर भारत।भरत जन्मकथाएँ एवं घटनाएँ · शकुंतला के पुत्र भरत से भारतवंश और भारत का नाम चला।भरत मिलापकथाएँ एवं घटनाएँ · भरत राज्य स्वीकारने से इनकार कर चित्रकूट जाकर राम से मिलते हैं और चरण-पादुका लेकर अयोध्या लौट जाते हैं।भरथरीकथाएँ एवं घटनाएँ · वैराग्य के कारण राजा भरथरी ने राज्य छोड़ गोरखनाथ के शिष्य बनकर योग अपनाया।भरद्वाजवेद एवं पुराण · सप्तर्षि में से एक, द्रोणाचार्य के पिता; प्रयाग में उनका प्रसिद्ध आश्रम था।भविष्य पुराणग्रंथ · भविष्य-कथन प्रधान महापुराण; भविष्यत् तथा प्रतिसर्ग की कथाएँ।भाई दूजव्रत एवं त्योहार · कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई-बहन का पर्व; यमुना स्नान का महत्व।भीममहाभारत · कुंती और वायुदेव के पुत्र, अत्यंत बलशाली पांडव और गदा-युद्ध में अद्वितीय।भीमाशंकर ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि पर्वत पर भीमा नदी के उद्गम के निकट स्थित ज्योतिर्लिंग।भीष्ममहाभारत · गंगा और शांतनु के पुत्र, ब्रह्मचर्य की भीषण प्रतिज्ञा लेने वाले कुरुवंश के पितामह।भीष्म की शरशय्याकथाएँ एवं घटनाएँ · अर्जुन के बाणों से भीष्म बाणों की शय्या पर लेटे और उत्तरायण तक प्रतीक्षा करते हुए देह त्यागा।भीष्म पर्वग्रंथ · महाभारत का छठा पर्व; भगवद्गीता का उपदेश और भीष्म की शर-शय्या।भूरिश्रवामहाभारत · बाह्लीक देश के महारथी राजकुमार, जिन्हें सात्यकि ने युद्ध में मारा।
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मंगल दोषआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · कुंडली में मंगल की अशुभ स्थिति से उत्पन्न विवाह-संबंधी दोष।मंगलवार व्रतव्रत एवं त्योहार · प्रत्येक मंगलवार को हनुमान या दुर्गा का व्रत।मंत्रशब्दावली · वह पवित्र वाक्य या ध्वनि जिसका निरंतर मनन और जाप मनुष्य की रक्षा तथा आत्मिक उन्नति करता है।मंथरारामायण एवं रामचरितमानस · कैकेयी की कुब्जा दासी, जिसने ईर्ष्या भड़काकर राम का वनवास कराया।मंदोदरीरामायण एवं रामचरितमानस · रावण की पटरानी और मेघनाद की माता; जिसने रावण को सीता लौटाने की सलाह दी।मकर संक्रांतिव्रत एवं त्योहार · सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व; दान और फसल का उत्सव।मकरध्वजरामायण एवं रामचरितमानस · हनुमान के पुत्र (परवर्ती परंपरा); पाताल के द्वारपाल, जिन्होंने हनुमान से युद्ध किया।मगध वंशवंशावली · बृहद्रथ से चला मगध का प्राचीन वंश, जिसका सबसे प्रतापी राजा जरासंध था।मणिमानकथाएँ एवं घटनाएँ · अगस्त्य के शाप से कुबेर का मित्र यक्ष मणिमान भीम के हाथों मारा गया।मतंगरामायण एवं रामचरितमानस · पंपा सरोवर के निकट आश्रम वाले महर्षि, जिनकी सेविका शबरी ने राम का स्वागत किया।मत्स्य अवतरणकथाएँ एवं घटनाएँ · विष्णु ने मत्स्य रूप में मनु और सप्तर्षियों की नाव को प्रलय से बचाया।मत्स्य अवतारवेद एवं पुराण · मत्स्य अवतार, विष्णु के प्रथम अवतार, जिन्होंने प्रलय में मनु तथा वेदों की रक्षा की।मत्स्य पुराणग्रंथ · मत्स्य-अवतार प्रधान महापुराण; प्रलय-कथा तथा राजधर्म का वर्णन।मथुरातीर्थ एवं स्थान · यमुना तट पर कृष्ण की जन्मभूमि, ब्रजमंडल का केंद्र।मदालसाकथाएँ एवं घटनाएँ · रानी मदालसा ने झूले में पुत्रों को ब्रह्मज्ञान का उपदेश दिया।मदुरैतीर्थ एवं स्थान · तमिलनाडु में वैगई नदी के तट पर मीनाक्षी-सुंदरेश्वर का मंदिर-नगर।मधु-कैटभ वधकथाएँ एवं घटनाएँ · विष्णु ने प्रलय के जल में मधु और कैटभ दैत्यों का वध किया।मधुसूदन गूढार्थदीपिकाग्रंथ · मधुसूदन सरस्वती द्वारा भगवद्गीता पर रचित अद्वैत भाष्य, जो ज्ञान और भक्ति का समन्वय करता है।मध्व भाष्यग्रंथ · मध्वाचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य, जो द्वैत (तत्त्ववाद) वेदांत का आधार ग्रंथ है।मनसा देवीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · हरिद्वार के बिल्व पर्वत पर मनसा देवी विराजती हैं; यह नाग-देवी का सिद्ध पीठ है।मनुवेद एवं पुराण · प्रथम पुरुष मनु, मनुस्मृति के रचयिता, मत्स्य अवतार द्वारा रक्षित और मानव-जाति के जनक।मनुस्मृतिग्रंथ · मनु-प्रणीत सर्वाधिक प्राचीन धर्मशास्त्र; बारह अध्यायों में धर्म-विधान।मनुस्मृति 2.6रोज़ का श्लोक · वेद, स्मृति, साधुओं का आचार और आत्म-तुष्टि — ये सब धर्म के मूल हैं।मनुस्मृति 4.138रोज़ का श्लोक · सत्य बोलो, प्रिय बोलो, अप्रिय सत्य मत बोलो और प्रिय के लिए असत्य भी मत बोलो — यही सनातन धर्म है।मनुस्मृति 8.15रोज़ का श्लोक · नष्ट किया हुआ धर्म नष्ट करने वाले का नाश करता है और रक्षित धर्म रक्षक की रक्षा करता है।मन्वंतरशब्दावली · एक मनु का शासन-काल; एक कल्प में चौदह मन्वंतर होते हैं।मयसभा निर्माणकथाएँ एवं घटनाएँ · मय दानव ने इंद्रप्रस्थ में दिव्य सभा भवन बनाया, जिसके वैभव ने दुर्योधन की ईर्ष्या को जन्म दिया।मयासुरमहाभारत · दानव शिल्पकार, जिन्होंने पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ में माया सभा का निर्माण किया।मयासुर (रावण का ससुर/मायावी)रामायण एवं रामचरितमानस · दानव-शिल्पी, मंदोदरी के पिता और रावण के श्वसुर; जिन्होंने भयवश रावण को पुत्री दी।मरीचिवेद एवं पुराण · ब्रह्मा के मानस पुत्र, सप्तर्षि में से एक और कश्यप के पिता।मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में नल्लामलै पर्वत पर कृष्णा नदी के निकट स्थित द्वितीय ज्योतिर्लिंग।महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित, एकमात्र दक्षिणमुखी स्वयंभू ज्योतिर्लिंग।महागणपतिमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · पुणे के रांजणगाँव में महागणपति विराजते हैं; यह अष्टविनायक यात्रा का अंतिम स्थान है।महानदीनदियाँ एवं पर्वत · महानदी छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा में बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदी है।महानारायण उपनिषदग्रंथ · नारायण को परब्रह्म बताने वाला उपनिषद; नारायण सूक्त, दुर्गा सूक्त और गायत्री इसमें हैं।महानिर्वाण तंत्रग्रंथ · एक प्रमुख तंत्र-ग्रंथ, जो शिव-पार्वती संवाद में कर्मकांड, साधना और मोक्ष बताता है।महाप्रस्थानिक पर्वग्रंथ · महाभारत का सत्रहवाँ पर्व; पांडवों का महाप्रस्थान और पतन।महाभारत (ग्रंथ)ग्रंथ · वेदव्यास रचित भारत का महाकाव्य; 18 पर्वों में कुरुवंश और कौरव-पांडव का इतिहास।महामृत्युंजय मंत्र (ऋग्वेद 7.59.12)रोज़ का श्लोक · हम सुगंधित त्र्यम्बक की उपासना करते हैं; वे हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करके अमरत्व की ओर ले जाएँ।महालक्ष्मी (कोल्हापुर)मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · महाराष्ट्र के कोल्हापुर में महालक्ष्मी (अंबाबाई) विराजती हैं; यह सती के नेत्रों का पीठ है।महाशिवरात्रिव्रत एवं त्योहार · फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव की रात्रि-पूजा और व्रत।महिषासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · देवताओं के तेज से जन्मी दुर्गा ने महिषासुर का वध करके तीनों लोकों को मुक्त किया।महीधर वेददीपग्रंथ · महीधर द्वारा शुक्ल यजुर्वेद की वाजसनेयी संहिता पर रचित वेददीप नामक भाष्य।महेंद्र पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · महेंद्र पर्वत पूर्वी घाट का प्रमुख पर्वत है, जिसे रामायण में तीर्थ-स्थल कहा गया।मांडवीरामायण एवं रामचरितमानस · कुशध्वज की पुत्री, सीता की बहन; भरत की पत्नी।मांडूक्य उपनिषद 1रोज़ का श्लोक · ॐ यह अक्षर ही यह सब कुछ है — भूत, भविष्य और वर्तमान सब ॐकार ही है।मांधातारामायण एवं रामचरितमानस · इक्ष्वाकु वंश के प्रतापी सम्राट, जिन्होंने समूची पृथ्वी पर शासन किया और राम के पूर्वज हुए।माण्डूकायन शाखाग्रंथ · ऋग्वेद की प्राचीन शाखा; माण्डूकि शिक्षा इससे सम्बद्ध मानी जाती है।माण्डूक्य उपनिषदग्रंथ · अथर्ववेद का सबसे छोटा उपनिषद; 12 मंत्रों में ॐ और चार अवस्थाओं का अद्वैत।माद्रीमहाभारत · मद्रराज की पुत्री, पांडु की द्वितीय पत्नी और अश्विनीकुमारों से नकुल-सहदेव की माता।माध्यंदिन शाखाग्रंथ · शुक्ल यजुर्वेद की सर्वाधिक प्रचलित शाखा; उत्तर भारत में व्यापक रूप से पाई जाती है।मानव पुराणग्रंथ · मनु द्वारा कथित उपपुराण; धर्म, सृष्टि और मानव-कर्तव्यों से जुड़ा ग्रन्थ।मानसरोवरतीर्थ एवं स्थान · कैलाश के निकट तिब्बत में स्थित पवित्र सरोवर, जिसकी परिक्रमा होती है।मायाशब्दावली · ईश्वर की वह शक्ति जो जगत को वास्तविक प्रतीत कराती है, अविद्या।मारीचरामायण एवं रामचरितमानस · राक्षस मारीच, जिसने स्वर्ण-मृग का रूप धरकर सीता-हरण में रावण की सहायता की।मार्कण्डेय कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · मार्कण्डेय को शिव-कृपा से दीर्घायु और मृत्युंजय का वरदान मिला।मार्कण्डेय पुराणग्रंथ · देवी-माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) सहित महापुराण; सृष्टि तथा देवी-महिमा।माल्यवान पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · माल्यवान पुराणों में मेरु के निकट का दिव्य पर्वत है, जो देव-उद्यानों से युक्त माना गया।मीमांसाशब्दावली · पूर्व-मीमांसा; वेद-विहित धर्म और यज्ञ-कर्मकाण्ड का विवेचन।मीमांसा सूत्रग्रंथ · जैमिनि-प्रणीत पूर्व मीमांसा दर्शन के सूत्र; धर्म, यज्ञ और वेद-विचार।मुंडकोपनिषद 3.1.1रोज़ का श्लोक · एक वृक्ष पर बैठे दो पक्षी — जीव फल भोगता है, परमात्मा साक्षी बनकर देखता रहता है।मुंडकोपनिषद 3.1.6रोज़ का श्लोक · सत्य की ही विजय होती है, असत्य की नहीं; सत्य ही वह मार्ग है जिससे ऋषिगण परम निधान तक पहुँचते हैं।मुण्डक उपनिषदग्रंथ · अथर्ववेद का उपनिषद; परा-अपरा विद्या और 'सत्यमेव जयते' का स्रोत।मुद्राआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · हठयोग की क्रिया, जिससे शरीर-स्थिति तथा संकेत के द्वारा प्राण नियंत्रित होता है।मुहूर्तआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · शुभ कार्य आरंभ करने हेतु शास्त्रोक्त रूप से चुना गया शुभ समय।मेघदूतग्रंथ · कालिदास का खंडकाव्य, जिसमें यक्ष मेघ के माध्यम से अपनी पत्नी को संदेश भेजता है।मेघनादरामायण एवं रामचरितमानस · रावण का पुत्र इंद्रजित, जिसने इंद्र को जीता; अंत में लक्ष्मण के हाथों मारा गया।मेनकास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · स्वर्ग की अप्सरा, जो विश्वामित्र की तपस्या भंग कर शकुंतला की माता बनीं।मेरु पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · मेरु को पुराणों में सृष्टि के मध्य का स्वर्णमय पर्वतराज कहा गया है।मैत्रायणी उपनिषदग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद की मैत्रायणी शाखा का उपनिषद; आत्मा के दो रूप और शब्दब्रह्म बताता है।मैत्रायणी शाखाग्रंथ · कृष्ण यजुर्वेद की शाखा; मैत्रायणी संहिता इससे सम्बद्ध है।मैत्रेयीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · याज्ञवल्क्य की पत्नी, जिन्होंने धन त्यागकर अमरत्व का ज्ञान माँगा।मैनाक पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · मैनाक हिमालय का पुत्र माना जाने वाला पर्वत है, जो रामायण में हनुमान की सहायता करता है।मोक्षशब्दावली · जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति, चार पुरुषार्थों में अंतिम।मोरेश्वरमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · पुणे के मोरगाँव में मोरेश्वर (मयूरेश्वर) विराजते हैं; यह अष्टविनायक यात्रा का आरंभ-स्थान है।मोहिनीवेद एवं पुराण · समुद्र मंथन के समय अमृत बाँटने के लिए विष्णु द्वारा धारण किया गया स्त्री-रूप।मोहिनी मूर्तिकथाएँ एवं घटनाएँ · विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर अमृत देवताओं को पिलाया।मौसल पर्वग्रंथ · महाभारत का सोलहवाँ पर्व; यादव-वंश का विनाश और श्रीकृष्ण का देह त्याग।मौसल संहारकथाएँ एवं घटनाएँ · प्रभास तीर्थ पर यदुवंशियों का आपसी संहार हुआ; बलराम और श्रीकृष्ण ने देह त्याग किया।
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यक्ष प्रश्नकथाएँ एवं घटनाएँ · वन में यक्ष ने युधिष्ठिर से धर्म के गूढ़ प्रश्न पूछे; सही उत्तरों से उनके चारों भाई पुनः जीवित हुए।यजुर्वेदशब्दावली · यज्ञ-विधान और कर्मकाण्ड का वेद; गद्य-पद्य मन्त्रों में यज्ञ की विधियाँ।यजुर्वेद संहिताग्रंथ · यज्ञ की विधियों और मंत्रों का वेद; कृष्ण तथा शुक्ल दो प्रमुख रूपों में प्रचलित।यज्ञशब्दावली · अग्नि में आहुति द्वारा देवताओं की आराधना, वैदिक कर्म का केंद्र।यज्ञोपवीतसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · कपास के सूतों से बना पवित्र सूत्र, जो उपनयन में धारण कराया जाता है।यदुवंशवंशावली · ययाति के पुत्र यदु से चला चंद्रवंश की शाखा, जिसमें श्रीकृष्ण ने जन्म लिया।यमवेद एवं पुराण · मृत्यु और धर्म के देवता यमराज, दंडधारी, महिषवाहन और पितृलोक के स्वामी।यम एवं नियमआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · योग के आठ अंगों में प्रथम दो — सामाजिक संयम तथा व्यक्तिगत अनुशासन।यमलार्जुन मोक्षकथाएँ एवं घटनाएँ · दामोदर-लीला में कृष्ण ने ऊखल से यमलार्जुन वृक्ष गिराकर नलकूबर-मणिग्रीव को मुक्त किया।यमुना नदीनदियाँ एवं पर्वत · यमुना यमुनोत्री से निकलकर प्रयाग में गंगा से मिलने वाली पवित्र नदी है।यमुनोत्रीतीर्थ एवं स्थान · उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में बंदरपूँछ पर्वत पर यमुना माता का उद्गम-स्थल।ययातिवेद एवं पुराण · चंद्रवंशी राजा ययाति, नहुष के पुत्र, जिन्होंने पुत्रों से यौवन माँगा और पुरु को राज्य दिया।ययाति कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · ययाति ने युवावस्था के लोभ में पुत्रों से यौवन माँगा।ययाति वंशवंशावली · राजा ययाति का वंश, जिसके पाँच पुत्रों से यदु, पुरु, द्रुह्यु, अनु और तुर्वसु शाखाएँ चलीं।यशोदावेद एवं पुराण · नंद की पत्नी और श्रीकृष्ण की पालक माता, जिन्होंने गोकुल में कृष्ण को पाला।याज्ञवल्क्य स्मृतिग्रंथ · याज्ञवल्क्य-प्रणीत स्मृति; आचार, व्यवहार और प्रायश्चित्त — तीन अध्यायों में धर्म-विधान।याज्ञवल्क्य-मैत्रेयी कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी को बताया कि आत्मा का दर्शन ही सर्वस्व है, शेष सब नश्वर है।यात्रा विधितीर्थ यात्राएँ · तीर्थयात्रा के संकल्प, नियम और आचरण की शास्त्रीय विधि।युधामन्युमहाभारत · पांचाल राजकुमार और अर्जुन के रथ-रक्षक, जो उत्तमौजा के साथ अर्जुन के पहियों की रक्षा करते थे।युधिष्ठिरमहाभारत · कुंती और धर्मराज के पुत्र, पांडवों में ज्येष्ठ, सत्य-धर्म के प्रतीक राजा।युधिष्ठिर राज्याभिषेककथाएँ एवं घटनाएँ · युद्ध के बाद युधिष्ठिर का हस्तिनापुर के राजा के रूप में विधिवत राज्याभिषेक हुआ।युयुत्सुमहाभारत · धृतराष्ट्र के वैश्य पत्नी से जन्मे पुत्र, जिन्होंने युद्ध में पांडवों का पक्ष लिया।योग दर्शनशब्दावली · पतंजलि-प्रणीत दर्शन; चित्त-वृत्तियों का निरोध और अष्टांग-मार्ग।योग वासिष्ठग्रंथ · वाल्मीकि-कथित वसिष्ठ-राम-संवाद रूपी अद्वैत वेदांत का विशाल ग्रंथ।योग सूत्रग्रंथ · पतंजलि-प्रणीत योग दर्शन के सूत्र; चित्त-वृत्ति-निरोध और अष्टांग योग।योग सूत्र 1.1रोज़ का श्लोक · अब योग का अनुशासन आरम्भ होता है — यह पतंजलि योग सूत्र का प्रथम सूत्र है।योग सूत्र 1.2रोज़ का श्लोक · योग चित्त की वृत्तियों का निरोध है — यही पतंजलि की योग-परिभाषा है।योग सूत्र 2.46रोज़ का श्लोक · जिसमें स्थिरता और सुख हो, वही आसन है — यही पतंजलि का आसन-लक्षण है।योगतत्त्व उपनिषदग्रंथ · मंत्र, लय, हठ और राजयोग का वर्णन; ज्ञान और योग दोनों को मोक्ष का साधन बताता है।योगयाज्ञवल्क्यग्रंथ · याज्ञवल्क्य से जुड़ा योग-ग्रंथ, जो अष्टांग योग और आत्मज्ञान का वर्णन करता है।
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रंभास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · स्वर्ग की अप्सरा, जिन्हें विश्वामित्र के शाप से पत्थर बनना पड़ा।रक्षाबंधनव्रत एवं त्योहार · श्रावण पूर्णिमा को भाई-बहन के स्नेह का पर्व; रक्षासूत्र बाँधा जाता है।रघुवंशग्रंथ · कालिदास का महाकाव्य, जो रघु राजवंश की परंपरा में राम तक की कथा प्रस्तुत करता है।रघुवंशवंशावली · इक्ष्वाकु वंश की शाखा, जिसके प्रतापी राजा रघु के नाम पर इसे रघुवंश कहा गया।रवि नदीनदियाँ एवं पर्वत · रवि हिमाचल से निकलकर पंजाब में बहने वाली वैदिक नदी है।रसायनआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · आयु, बल, ओज और स्मृति बढ़ाने वाली चिकित्सा-शाखा तथा वह औषधि जो कायाकल्प करे।राजसूय यज्ञकथाएँ एवं घटनाएँ · इंद्रप्रस्थ में युधिष्ठिर ने सम्राट पद की प्राप्ति हेतु राजसूय यज्ञ किया, जिसमें शिशुपाल का वध हुआ।राजा नलवेद एवं पुराण · निषध देश के राजा, दमयंती के पति और नल-दमयंती कथा के नायक।राजा बलिवेद एवं पुराण · दानवीर राजा बलि, प्रह्लाद के पौत्र, जिन्हें वामन अवतार ने तीन पग में नापा।राणायनी शाखाग्रंथ · सामवेद की शाखा; राणायनीय संहिता इससे सम्बद्ध है।राधास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · कृष्ण की प्रियतमा, ब्रज-भक्ति परंपरा की केंद्रीय देवी।राम अश्वमेधकथाएँ एवं घटनाएँ · राम अश्वमेध यज्ञ करते हैं; यज्ञ के अश्व को लव और कुश पकड़ लेते हैं और वाल्मीकि आश्रम में रामायण का गान करते हैं।राम तीर्थ यात्रातीर्थ यात्राएँ · अयोध्या, चित्रकूट और रामेश्वरम आदि राम-कथा से जुड़े तीर्थों की यात्रा।राम नाम दोहा (तुलसीदास)रोज़ का श्लोक · हे तुलसी! भीतर-बाहर उजाला चाहते हो तो राम-नाम का मणिदीप अपनी जीभ पर धर लो।राम रक्षा स्तोत्रग्रंथ · बुधकौशिक-कथित श्रीराम का रक्षा-स्तोत्र, जिसमें राम-नाम की रक्षा-शक्ति वर्णित है।राम रक्षा स्तोत्र (प्रारंभ)रोज़ का श्लोक · श्रीरघुनाथ का चरित सौ करोड़ विस्तार वाला है; उसका एक-एक अक्षर महापापों का नाश करता है।राम राज्याभिषेककथाएँ एवं घटनाएँ · युद्ध के बाद राम पुष्पक विमान से अयोध्या लौटते हैं, भरत से मिलते हैं और रामराज्य का राज्याभिषेक होता है।राम वन गमन पथतीर्थ यात्राएँ · अयोध्या से श्रीलंका तक राम के चौदह वर्ष के वनवास मार्ग की तीर्थयात्रा।राम वनवासकथाएँ एवं घटनाएँ · कैकेयी के दो वरदानों के कारण श्रीराम, सीता और लक्ष्मण चौदह वर्ष का वनवास भोगने के लिए अयोध्या से प्रस्थान करते हैं।राम-रावण युद्धकथाएँ एवं घटनाएँ · लंका में राम-रावण महायुद्ध में कुंभकरण और मेघनाद का वध होता है और अंततः राम रावण का संहार करते हैं।रामचरितमानस (ग्रंथ)ग्रंथ · तुलसीदास कृत अवधी भाषा का रामभक्ति-महाकाव्य, सात कांडों में रामकथा।रामचरितमानस (बालकाण्ड)रोज़ का श्लोक · हे दशरथ-आँगन के विहारी श्रीराम! आप मंगल के भवन और अमंगल के हारी हैं, कृपा करें।रामचरितमानस (बालकाण्ड) 2रोज़ का श्लोक · जो राम ने रच रखा है वही होगा; कोई तर्क करके व्यर्थ बहस क्यों बढ़ाए?रामतापनी उपनिषदग्रंथ · राम को ब्रह्म बताने वाला तापनी उपनिषद; राम-नाम और राम-तारक मंत्र का प्रतिपादक।रामनवमीव्रत एवं त्योहार · चैत्र शुक्ल नवमी को प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव।रामरहस्य उपनिषदग्रंथ · श्रीराम को परब्रह्म और राम-नाम को मोक्ष का साधन बताने वाला वैष्णव उपनिषद।रामानुज श्रीभाष्यग्रंथ · रामानुजाचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य, जो विशिष्टाद्वैत वेदांत का मूल ग्रंथ है।रामेश्वरमतीर्थ एवं स्थान · तमिलनाडु में समुद्र तट पर राम द्वारा स्थापित शिवलिंग, ज्योतिर्लिंग।रामेश्वरम ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · तमिलनाडु के रामेश्वरम द्वीप पर स्थित, दक्षिण भारत का प्रमुख ज्योतिर्लिंग।रावणरामायण एवं रामचरितमानस · लंका का दशानन राजा, महापंडित और शिवभक्त; जिसने सीता का हरण किया और राम के हाथों मारा गया।रावणवधग्रंथ · रामायण-आधारित काव्य, जो भट्टिकाव्य का ही अपर नाम है।राशिआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से तय होने वाली बारह राशियों में से एक।रास लीलाकथाएँ एवं घटनाएँ · शरद पूर्णिमा की रात वृंदावन में कृष्ण गोपियों के साथ रास-नृत्य करते हैं, जो भक्ति और आत्म-समर्पण की सर्वोच्च लीला है।राहुवेद एवं पुराण · नवग्रहों में छाया-ग्रह, स्वर्भानु का सिर; ग्रहण का कारण माना जाता है।रुक्मिणीमहाभारत · विदर्भ की राजकुमारी, श्रीकृष्ण की पटरानी और प्रद्युम्न की माता।रुक्मिणी हरणकथाएँ एवं घटनाएँ · रुक्मिणी श्रीकृष्ण को मन से वर चुकती हैं और कृष्ण उन्हें शिशुपाल से विवाह से पूर्व रथ पर बिठाकर हर लाते हैं।रुक्मीमहाभारत · विदर्भ का राजकुमार, रुक्मिणी का भाई, जो कृष्ण का प्रबल शत्रु बना।रुद्रयामलग्रंथ · यामल-वर्ग का तांत्रिक ग्रंथ, जो शिव-पार्वती संवाद में तंत्र-ज्ञान प्रस्तुत करता है।रूमारामायण एवं रामचरितमानस · सुग्रीव की पत्नी, जिसे बाली ने छीन लिया; इसी अन्याय के कारण राम ने बाली का वध किया।रेणुका देवीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · महाराष्ट्र के माहूर में रेणुका देवी विराजती हैं; यह भगवान परशुराम की माता का पीठ है।रेवतीवेद एवं पुराण · राजा रैवत की पुत्री और बलराम की पत्नी, जिनका विवाह बलराम से हुआ।रैक्व की कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · राजा जानश्रुति ने रथ और गौएँ अर्पित कर रैक्व से ब्रह्मविद्या प्राप्त की।रोहिणीमहाभारत · वसुदेव की पहली पत्नी और बलराम तथा सुभद्रा की माता।
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लंकातीर्थ एवं स्थान · रावण की स्वर्णनगरी, राम-रावण युद्ध का स्थल, वर्तमान श्रीलंका।लंका दहनकथाएँ एवं घटनाएँ · हनुमान लंका जाकर अशोक वाटिका में सीता से भेंट करते हैं, फिर रावण की पूँछ में लगी आग से समूची लंका को जला देते हैं।लंकाकांडग्रंथ · रामायण का षष्ठ कांड — समुद्र-सेतु, राम-रावण महायुद्ध और रावण-वध।लक्ष्मणरामायण एवं रामचरितमानस · राजा दशरथ और सुमित्रा के पुत्र, राम के अनुज तथा शेषनाग के अवतार; सेवा और त्याग के प्रतीक।लक्ष्मीवेद एवं पुराण · धन-ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी, विष्णु की पत्नी, समुद्र मंथन से प्रकट और अष्टलक्ष्मी स्वरूपा।लक्ष्मी की महिमाकथाएँ एवं घटनाएँ · समुद्र-मंथन से प्रकट हुई लक्ष्मी ने विष्णु को वरा और देवताओं को श्री से भर दिया।लग्नआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · जन्म के क्षण में पूर्व क्षितिज पर उदित राशि; कुंडली का प्रथम भाव।ललिता सहस्रनामग्रंथ · ब्रह्माण्ड पुराण में स्थित देवी ललिता के एक हज़ार नामों का शाक्त स्तोत्र।लवरामायण एवं रामचरितमानस · राम-सीता के कनिष्ठ पुत्र, कुश के जुड़वाँ भाई; वाल्मीकि से रामायण सीखी और श्रावस्ती के राजा हुए।लवणासुररामायण एवं रामचरितमानस · मधु दानव का पुत्र, मधुपुरी (मथुरा) का अत्याचारी राजा, जिसका वध शत्रुघ्न ने किया।लाक्षागृह दाहकथाएँ एवं घटनाएँ · वारणावत में पांडवों को जलाने के लिए बनवाए लाक्षा-भवन से पांडव विदुर की सूचना से बच निकले।लिंग पुराणग्रंथ · शैव महापुराण; लिंग-उपासना, शिव-महिमा तथा युग-धर्म का वर्णन।लोपामुद्रास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · महर्षि अगस्त्य की पत्नी, ऋग्वेद 1.179 की मंत्रद्रष्टा ऋषिका।
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वज्रसूचिका उपनिषदग्रंथ · जाति नहीं, कर्म और ज्ञान से ब्राह्मणत्व सिद्ध करने वाला सामवेदीय उपनिषद।वट सावित्री व्रतव्रत एवं त्योहार · ज्येष्ठ अमावस्या को वट वृक्ष के नीचे सुहाग-व्रत।वत्सनाभकथाएँ एवं घटनाएँ · तपस्या में लीन वत्सनाभ को भैंसे रूप धर्म ने बचाया और कृतघ्नता के दोष से मुक्त कराया।वत्सासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · बछड़े का रूप धरकर आए वत्सासुर को कृष्ण ने ग्वालों के बीच पहचानकर मार डाला।वन पर्वग्रंथ · महाभारत का तीसरा पर्व; बारह वर्ष का वनवास और अनेक उपाख्यान।वरदविनायकमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · रायगढ़ के महड में वरदविनायक विराजते हैं; ये भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं।वराह अवतरणकथाएँ एवं घटनाएँ · विष्णु ने वराह रूप में पृथ्वी को रसातल से उठाकर हिरण्याक्ष से बचाया।वराह अवतारवेद एवं पुराण · वराह अवतार, विष्णु का वराह (सूकर) रूप, जिन्होंने पृथ्वी को रसातल से दाढ़ों पर उठाया।वराह पुराणग्रंथ · वराह-अवतार प्रधान महापुराण; पृथ्वी-उद्धार तथा शिव-विष्णु महिमा।वरुणवेद एवं पुराण · जल, समुद्र और ऋत (ब्रह्मांडीय नियम) के देवता वरुण, पाशधारी और मकर वाहन वाले।वरुण पुराणग्रंथ · वरुण देवता द्वारा कथित उपपुराण; वरुण-उपासना तथा तीर्थ-महिमा का वर्णन।वरुणदेव का वरदानकथाएँ एवं घटनाएँ · अनाथ त्रिलोकनाथ ने संतोष और भक्ति से वरुणदेव को प्रसन्न किया और सुख पाया।वर्णाश्रमशब्दावली · चार वर्ण तथा जीवन के चार आश्रम — ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ तथा संन्यास पर आधारित व्यवस्था।वल्लभ भाष्यग्रंथ · वल्लभाचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य, जिसे अणुभाष्य कहते हैं और जो शुद्धाद्वैत (पुष्टिमार्ग) का मूल ग्रंथ है।वसंत पंचमीव्रत एवं त्योहार · माघ शुक्ल पंचमी को सरस्वती पूजा और वसंत का स्वागत।वसिष्ठवेद एवं पुराण · ब्रह्मर्षि वसिष्ठ, रघुकुल के कुलगुरु, सप्तर्षि, नंदिनी के स्वामी और अरुंधती के पति।वसिष्ठ पुराणग्रंथ · वसिष्ठ मुनि द्वारा कथित उपपुराण; धर्म और योग का उपदेश देने वाला ग्रन्थ।वसुकथाएँ एवं घटनाएँ · वसिष्ठ के शाप से आठ वसुओं को मनुष्य-योनि में जन्म लेना पड़ा।वसुदेवमहाभारत · यादव कुल के वृष्णि नरेश, कृष्ण और बलराम के पिता, जो कंस द्वारा कारागार में बंद रहे।वाचस्पति भामतीग्रंथ · वाचस्पति मिश्र द्वारा शंकर के ब्रह्मसूत्र भाष्य पर रचित भामती नामक प्रसिद्ध टीका।वाजसनेयी शाखाग्रंथ · शुक्ल यजुर्वेद की मूल शाखा; वाजसनेयी संहिता इससे सम्बद्ध है।वातआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · वायु तत्व से बना दोष, जो शरीर में गति, श्वास और तंत्रिका-कार्यों का संचालन करता है।वामन अवतारवेद एवं पुराण · वामन अवतार, विष्णु का ब्राह्मण बालक रूप, जिसने तीन पग में राजा बलि को नाप लिया।वामन पुराणग्रंथ · वामन-अवतार प्रधान महापुराण; बलि-प्रसंग तथा शिव-गीता का वर्णन।वामन-बलि कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · वामन ने तीन पग में राजा बलि से तीनों लोक माँगे और उसे सुतल लोक दिया।वायुवेद एवं पुराण · प्राण और वायु के देवता, इंद्र के सारथी, हनुमान-भीम के पिता और मृगवाहन।वारआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · सप्ताह के सात दिन, जिनमें प्रत्येक का एक स्वामी ग्रह होता है।वालीरामायण एवं रामचरितमानस · किष्किंधा के वानरराज, इंद्र के पुत्र और सुग्रीव के बड़े भाई; राम ने इनका वध किया।वाली वधकथाएँ एवं घटनाएँ · राम सुग्रीव और वाली के द्वंद्व में वाली पर बाण चलाकर उसका वध करते हैं, जिससे सुग्रीव को किष्किन्धा का राज्य मिलता है।वाल्मीकिरामायण एवं रामचरितमानस · आदिकवि वाल्मीकि, रामायण के रचयिता; जिनके आश्रम में सीता और लव-कुश रहे।वाल्मीकि रामायण (ग्रंथ)ग्रंथ · संस्कृत का आदिकाव्य, वाल्मीकि कृत, सात कांडों में श्रीराम की सम्पूर्ण कथा।वासुकिवेद एवं पुराण · नागराज, जिसे समुद्र मंथन में मंदराचल की रस्सी (नेती) बनाया गया।विंध्य पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · विंध्य मध्य भारत में फैला पर्वत है, जो अगस्त्य ऋषि की कथा के लिए प्रसिद्ध है।विंध्याचलतीर्थ एवं स्थान · मिर्ज़ापुर में गंगा-तट पर विंध्यवासिनी देवी का शक्तिपीठ।विकर्णमहाभारत · धृतराष्ट्र और गांधारी के पुत्रों में से एक, जिन्होंने द्यूत-सभा में धर्म का साथ लिया।विघ्नहरमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · पुणे के ओझर में विघ्नहर विराजते हैं; ये विघ्नों का नाश करने वाले गणपति हैं।विचित्रवीर्यमहाभारत · शांतनु और सत्यवती के पुत्र, हस्तिनापुर के युवा राजा, जिनकी निःसंतान अवस्था में ही मृत्यु हुई।विजय का रहस्यकथाएँ एवं घटनाएँ · देवताओं ने आपसी सहयोग से असुरों को हराया; विजय का रहस्य स्वार्थ नहीं, एकता थी।विजयादशमीव्रत एवं त्योहार · आश्विन शुक्ल दशमी को रावण-वध का स्मरण; बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व।वितस्ता नदीनदियाँ एवं पर्वत · वितस्ता (झेलम) कश्मीर घाटी से बहने वाली वेद-प्रसिद्ध नदी है।विदुरमहाभारत · व्यास और परीक्षित्रा के पुत्र, हस्तिनापुर के महामंत्री और नीति तथा धर्म के प्रतीक।विदुर नीतिकथाएँ एवं घटनाएँ · युद्ध की आशंका से चिंतित धृतराष्ट्र को विदुर ने नीति, धर्म और राजधर्म का उपदेश दिया।विदेह वंशवंशावली · इक्ष्वाकु के पुत्र निमि से चला मिथिला का वंश, जिसके राजा जनक कहलाते थे।विद्यारंभ संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · बालक को अक्षर-लेखन और विद्या का प्रथम पाठ कराने वाला संस्कार।विनतावेद एवं पुराण · कश्यप की पत्नी और गरुड़ व अरुण की माता, जिसे बाज़ी हारने पर कद्रू की दासी बनना पड़ा।विपाशा नदीनदियाँ एवं पर्वत · विपाशा (ब्यास) हिमाचल से निकलकर पंजाब में सतलुज से मिलने वाली वैदिक नदी है।विभीषणरामायण एवं रामचरितमानस · रावण का धर्मात्मा भाई, जो राम की शरण में आया और रावण-वध के बाद लंका का राजा बना।विभीषण शरणागतिकथाएँ एवं घटनाएँ · धर्म की बात कहने पर रावण से अपमानित विभीषण राम की शरण में आते हैं और राम उन्हें शरणागत वत्सल भाव से स्वीकार करते हैं।विमलामंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर परिसर में विमला देवी विराजती हैं, जो जगन्नाथ की भैरवी हैं।विराटमहाभारत · मत्स्य देश के राजा, जिनके यहाँ पांडवों ने अज्ञातवास बिताया और जिनकी पुत्री उत्तरा का विवाह अभिमन्यु से हुआ।विराट पर्वग्रंथ · महाभारत का चौथा पर्व; पांडवों का अज्ञातवास और कीचक-वध।विराट युद्धकथाएँ एवं घटनाएँ · अज्ञातवास उजागर होने पर अर्जुन ने विराट की ओर से युद्ध करके कौरवों को पराजित किया।विराधरामायण एवं रामचरितमानस · दंडक वन का राक्षस, गंधर्व तुंबुरु का शापित रूप; राम-लक्ष्मण ने इसे गड्ढे में दफनाया।विवाह के आठ प्रकारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · ब्राह्म, दैव, आर्ष, प्राजापत्य, आसुर, गांधर्व, राक्षस और पैशाच — मनुस्मृति में वर्णित आठ प्रकार।विवाह संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · पाणिग्रहण और सप्तपदी द्वारा वर-वधू को जोड़ने वाला गृहस्थ-आश्रम का संस्कार।विवेकचूड़ामणिग्रंथ · शंकराचार्य का प्रसिद्ध ग्रंथ, जो वेदांत-साधक के लिए आत्म-विवेक का मार्ग दिखाता है।विशालाक्षीमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · काशी के मीर घाट पर विशालाक्षी देवी विराजती हैं; यहाँ सती के कर्ण-कुंडल गिरे थे।विश्रवारामायण एवं रामचरितमानस · महर्षि पुलस्त्य के पुत्र और रावण के पिता; धन के देवता कुबेर भी इन्हीं के पुत्र थे।विश्वकर्मावेद एवं पुराण · देव शिल्पी विश्वकर्मा, देवताओं के वास्तुकार, रथ-नगर-अस्त्र के निर्माता और शिल्प के अधिष्ठाता।विश्वकर्मा पूजाव्रत एवं त्योहार · भाद्रपद संक्रांति को शिल्प-देव विश्वकर्मा और यंत्रों की पूजा।विश्ववारास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · अत्रि कुल की ऋषिका, अग्नि-देवता पर ऋग्वेद 5.28 की मंत्रद्रष्टा।विश्वामित्रवेद एवं पुराण · राजर्षि से ब्रह्मर्षि बने विश्वामित्र, गायत्री मंत्र के द्रष्टा और राम-लक्ष्मण के गुरु।विश्वामित्र-वसिष्ठ कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · विश्वामित्र ने वसिष्ठ की कामधेनु छीननी चाही, पर ब्रह्म-तेज के सामने क्षत्रिय-बल हार गया।विष्णुवेद एवं पुराण · त्रिमूर्ति के पालक विष्णु, शेषशायी नारायण, दशावतार के आधार और भक्तों के आराध्य।विष्णु पुराणग्रंथ · पुराणरत्न; छह अंशों में सृष्टि, मन्वंतर, वंश तथा श्रीकृष्ण-चरित का वर्णन।विष्णु सहस्रनामग्रंथ · महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म-कथित विष्णु के एक हज़ार नामों का स्तोत्र।विष्णु सहस्रनाम (ध्यान श्लोक)रोज़ का श्लोक · सब विघ्नों की शांति के लिए श्वेत वस्त्रधारी, चन्द्रवर्ण, चतुर्भुज और प्रसन्नमुख विष्णु का ध्यान करें।विष्णु सहस्रनाम 1रोज़ का श्लोक · ॐ, विष्णु विश्वस्वरूप, भूत-भव्य-भविष्य के स्वामी और सबके आत्मा हैं — यह सहस्रनाम का प्रथम श्लोक है।वृंदावनतीर्थ एवं स्थान · यमुना तट पर कृष्ण की बाल-लीलाओं का स्थल, राधा का क्षेत्र।वृषकेतुमहाभारत · कर्ण के पुत्र, जो युद्ध में बच गए और अर्जुन के संरक्षण में रहे।वेणु का विनाशकथाएँ एवं घटनाएँ · अत्याचारी राजा वेणु का ऋषियों द्वारा वध और उसके शरीर से पृथु का प्राकट्य।वेदवतीरामायण एवं रामचरितमानस · ऋषि कुशध्वज की पुत्री; रावण के अपमान पर आत्मदाह किया और सीता के रूप में जन्म लिया।वेदव्यासमहाभारत · पराशर और सत्यवती के पुत्र, वेदों के विभाजक और महाभारत के रचयिता।वेदांगशब्दावली · वेदों को समझने के छह सहायक शास्त्र — शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।वेदांतशब्दावली · उपनिषदों पर आधारित दर्शन; ब्रह्म और आत्मा की एकता का सिद्धांत।वेदांतसारग्रंथ · सदानंद का वेदांत-ग्रंथ, जो अद्वैत-सिद्धांतों का क्रमबद्ध और सुबोध वर्णन करता है।वेदारंभ संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · उपनयन के बाद गुरुकुल में वेदाध्ययन प्रारंभ करने का संस्कार।वैकुंठशब्दावली · भगवान विष्णु का नित्य धाम; दुःख-मृत्यु से रहित, स्वयंप्रकाशमान लोक।वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · झारखंड के देवघर में स्थित, श्रावणी मेले के लिए प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग।वैशेषिक सूत्रग्रंथ · कणाद-प्रणीत वैशेषिक दर्शन के सूत्र; छह पदार्थ और परमाणु-सिद्धांत।वैष्णव आगमग्रंथ · विष्णु-उपासना के आगम-ग्रंथ, जो पंचरात्र परंपरा में पूजा और सिद्धांत बताते हैं।वैष्णो देवीतीर्थ एवं स्थान · जम्मू के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित, तीन पिंडियों वाली शक्ति-गुफा।व्याकरण (वेदांग)ग्रंथ · वेदांग व्याकरण; भाषा और शब्दों के शुद्ध प्रयोग का शास्त्र, पाणिनि की अष्टाध्यायी।व्रतशब्दावली · शास्त्र-विहित नियमों तथा उपवास का श्रद्धापूर्वक पालन; संकल्प से ली गई धार्मिक प्रतिज्ञा।
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शंबूकरामायण एवं रामचरितमानस · उत्तरकांड का शूद्र तपस्वी, जिसे राम ने एक ब्राह्मण-पुत्र की मृत्यु के कारण मारा।शकटासुर वधकथाएँ एवं घटनाएँ · शिशु कृष्ण ने शकटासुर दैत्य के रूप में आए गाड़े को पैर के प्रहार से तोड़ डाला।शकुंतलावेद एवं पुराण · विश्वामित्र-मेनका की पुत्री, जिनका विवाह राजा दुष्यंत से हुआ और पुत्र भरत हुए।शकुनिमहाभारत · गांधारराज, गांधारी का भाई और कपट-द्यूत से पांडवों का सर्वनाश कराने वाला षड्यंत्रकार।शक्तिशब्दावली · ब्रह्म की वह क्रियाशील शक्ति जो सृष्टि को उत्पन्न, पालन तथा संहार करती है; देवी के रूप में पूजित।शक्तिपीठशब्दावली · वे पवित्र स्थान जहाँ माता सती के अंग-अलंग गिरे थे; शक्ति-उपासना के प्रमुख तीर्थ।शक्तिपीठ यात्रातीर्थ यात्राएँ · सती के अंग या आभूषण गिरने के स्थानों पर बने शक्तिपीठों की देवी-दर्शन यात्रा।शचीस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · देवराज इंद्र की पत्नी तथा देवलोक की रानी।शतद्रु नदीनदियाँ एवं पर्वत · शतद्रु (सतलुज) हिमालय से निकलकर पंजाब से बहने वाली वेद-प्रसिद्ध नदी है।शतपथ ब्राह्मणग्रंथ · शुक्ल यजुर्वेद का विशालतम ब्राह्मण ग्रंथ; लगभग सौ अध्यायों में यज्ञ और ब्रह्मविद्या।शतरूपास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · ब्रह्मा के शरीर से उत्पन्न नारी, स्वायंभुव मनु की पत्नी।शतावरीआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · बल, स्तन्य और स्त्री-स्वास्थ्य के लिए हितकारी शीतल, वात-पित्त शामक रसायन।शत्रुघ्नरामायण एवं रामचरितमानस · सुमित्रा के पुत्र, लक्ष्मण के सहोदर भाई; जिन्होंने लवणासुर का वध करके मथुरा बसाई।शनिवेद एवं पुराण · सूर्य और छाया के पुत्र, नवग्रहों में कर्म-न्याय के देवता, जिनका वाहन कौआ है।शबरीरामायण एवं रामचरितमानस · भीलनी भक्त शबरी, जिसने जूठे बेर खिलाकर राम से मोक्ष प्राप्त किया।शबरी के बेरकथाएँ एवं घटनाएँ · भिलनी शबरी ने राम के आने की प्रतीक्षा में स्वाद लेकर मीठे बेर अर्पित किए।शरद पूर्णिमाव्रत एवं त्योहार · आश्विन पूर्णिमा की रात; चंद्र-दर्शन और खीर-व्रत।शरभंगरामायण एवं रामचरितमानस · अरण्यकांड में राम-दर्शन कर शरीर त्यागने वाले महर्षि, जिनका आश्रम वन-मार्ग में था।शल्यमहाभारत · मद्रराज, माद्री के भाई, जो छल से कौरव पक्ष में गए और कर्ण के सारथी बने।शल्य पर्वग्रंथ · महाभारत का नौवाँ पर्व; शल्य का नेतृत्व और भीम-दुर्योधन का गदा-युद्ध।शांकर भाष्य (उपनिषद)ग्रंथ · आदि शंकराचार्य द्वारा प्रमुख उपनिषदों पर रचित भाष्य-समूह, जो अद्वैत वेदांत का मूल आधार है।शांकर भाष्य (ब्रह्मसूत्र)ग्रंथ · आदि शंकराचार्य का ब्रह्मसूत्र भाष्य, जिसे शारीरक भाष्य भी कहते हैं और जो अद्वैत वेदांत का केंद्रीय ग्रंथ है।शांकर भाष्य (भगवद्गीता)ग्रंथ · आदि शंकराचार्य द्वारा भगवद्गीता पर रचित अद्वैत वेदांत का प्रसिद्ध भाष्य, जो ज्ञान और संन्यास पर बल देता है।शांखायन शाखाग्रंथ · ऋग्वेद की शाखा; शांखायन ब्राह्मण, आरण्यक व कल्पसूत्र इससे सम्बद्ध।शांडिल्य उपनिषदग्रंथ · अष्टांग योग और ध्यान का प्रतिपादन करने वाला अथर्ववेदीय उपनिषद।शांडिल्य भक्ति सूत्रग्रंथ · शांडिल्य का भक्ति-सूत्र, जो भक्ति को ईश्वर में परम अनुरक्ति कहता है।शांतनुमहाभारत · प्रतीप के पुत्र, हस्तिनापुर के राजा, गंगा और सत्यवती के पति तथा भीष्म के पिता।शांतारामायण एवं रामचरितमानस · दशरथ-कौशल्या की पुत्री (परंपरा), रोमपाद को गोद दी गईं; ऋष्यशृंग की पत्नी।शांति पर्वग्रंथ · महाभारत का बारहवाँ पर्व; युधिष्ठिर का राज्याभिषेक और भीष्म का राजधर्म-उपदेश।शाकल शाखाग्रंथ · ऋग्वेद की एकमात्र पूर्णतः प्रचलित शाखा; आज उपलब्ध ऋग्वेद-संहिता इसी की है।शान्ति मंत्र (यजुर्वेद)रोज़ का श्लोक · हे प्रभु! हम साथ रक्षित हों, साथ बढ़ें, साथ पराक्रम करें; हमारा अध्ययन तेजस्वी हो और आपस में द्वेष न हो।शारदा पीठमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · कश्मीर की नीलम घाटी में शारदा पीठ है, जहाँ सती का दायाँ हाथ गिरा और विद्या की देवी शारदा विराजती हैं।शिक्षा (वेदांग)ग्रंथ · वेदांग शिक्षा; वर्णोच्चारण, स्वर और मंत्र-पाठ की शुद्धता का शास्त्र।शिखंडीमहाभारत · अंबा का पुनर्जन्म, द्रुपद की पुत्री से पुत्र बने, जिनके सामने भीष्म ने अस्त्र त्यागे।शिववेद एवं पुराण · त्रिमूर्ति के संहारक महादेव शिव, कैलाशवासी, रुद्र, त्रिशूल-डमरू धारी और आदियोगी।शिव पुराणग्रंथ · शैव महापुराण; शिव-महिमा, ज्योतिर्लिंग, शिव-पार्वती विवाह और दक्ष-यज्ञ।शिव संहिताग्रंथ · शिव-परंपरा का योग-ग्रंथ, जो हठयोग और वेदांत का समन्वय प्रस्तुत करता है।शिव-अर्जुन युद्धकथाएँ एवं घटनाएँ · अर्जुन ने किरात वेशधारी शिव से युद्ध कर पाशुपतास्त्र प्राप्त किया।शिव-पार्वती विवाहकथाएँ एवं घटनाएँ · पूर्वजन्म की सती के त्याग के बाद पार्वती कठोर तप करके शिव को प्रसन्न करती हैं और उनसे विवाह करती हैं।शिवरहस्य पुराणग्रंथ · शिव की रहस्यमयी महिमा, ज्ञान और शैव-धर्म का वर्णन करने वाला शैव उपपुराण।शिशुपालमहाभारत · चेदि नरेश, कृष्ण के फुफेरे भाई, जो राजसूय यज्ञ में कृष्ण द्वारा वध किए गए।शिशुपालवधग्रंथ · माघ का महाकाव्य, जिसमें शिशुपाल-वध तक की कृष्ण-कथा विस्तार से वर्णित है।शुक्रवेद एवं पुराण · शुक्राचार्य, दैत्यों के गुरु, शुक्र ग्रह, मृतसंजीवनी विद्या के ज्ञाता और देवयानी के पिता।शुनःशेपवेद एवं पुराण · अजीगर्त के पुत्र, जिन्हें हरिश्चंद्र के यज्ञ हेतु विक्रय किया गया और विश्वामित्र की कृपा से मुक्त हुए।शुनःशेप कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · शुनःशेप ने यज्ञ-वेदी पर देवताओं की स्तुति से बंधन से मुक्ति पाई।शुल्बसूत्रग्रंथ · यज्ञ-वेदी बनाने की ज्यामितीय विधि बताने वाला वेदांग-ग्रंथ।शूरसेनमहाभारत · यदुवंशी राजा और वसुदेव के पिता, जिनकी पुत्री कुंती थीं।शूर्पणखारामायण एवं रामचरितमानस · रावण की बहन, जिसका पंचवटी में अपमान राम-रावण युद्ध का कारण बना।शूर्पणखा प्रसंगकथाएँ एवं घटनाएँ · पंचवटी में रावण की बहन शूर्पणखा के मोह और उपद्रव पर लक्ष्मण उसके नाक-कान काट देते हैं, जिससे रावण-राम युद्ध का बीज पड़ता है।शेषनागवेद एवं पुराण · अनंत नागराज, विष्णु के शयन-आसन; सहस्र फणों पर पृथ्वी धारण करने वाले।शैव आगमग्रंथ · शिव-उपासना के आगम-ग्रंथ, जो शैव सिद्धांत, मंदिर-निर्माण और साधना बताते हैं।शौनक शाखाग्रंथ · अथर्ववेद की प्रमुख प्रचलित शाखा; शौनक संहिता इसी से सम्बद्ध है।श्रवण कुमाररामायण एवं रामचरितमानस · माता-पिता की सेवा हेतु वन जाते श्रवण को राजा दशरथ के बाण ने अज्ञानवश मारा।श्राद्धशब्दावली · पितरों को श्रद्धापूर्वक अर्पित तर्पण तथा अन्न-दान; मृत पूर्वजों के लिए किया जाने वाला विधि-कर्म।श्राद्ध तिथिसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · मृत्यु के समय प्रवृत्त हुई तिथि, जिस पर प्रतिवर्ष श्राद्ध किया जाता है।श्रीकृष्णमहाभारत · वसुदेव-देवकी के पुत्र, विष्णु के अवतार, भगवद्गीता के उपदेशक और पांडवों के परम सहायक।श्रीकृष्ण जन्मकथाएँ एवं घटनाएँ · अत्याचारी कंस के कारागार में देवकी और वसुदेव के पुत्र रूप में श्रीकृष्ण का जन्म होता है और वसुदेव उन्हें गोकुल पहुँचा देते हैं।श्रीधर सुबोधिनीग्रंथ · श्रीधर स्वामी द्वारा भगवद्गीता पर रचित सरल और लोकप्रिय सुबोधिनी नामक टीका।श्रीमद्भागवत पुराणग्रंथ · बारह स्कंधों वाला कृष्ण-भक्ति प्रधान महापुराण; दशावतार और कृष्ण-लीला का स्रोत।श्रीरंगमतीर्थ एवं स्थान · कावेरी-कोल्लिडम के द्वीप पर रंगनाथ (शयन विष्णु) का मंदिर।श्रीरामरामायण एवं रामचरितमानस · अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र तथा विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम।श्रीराम जन्मकथाएँ एवं घटनाएँ · अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र के रूप में श्रीराम का जन्म हुआ।श्रुतकीर्तिरामायण एवं रामचरितमानस · कुशध्वज की पुत्री, सीता की बहन; शत्रुघ्न की पत्नी।श्रौतसूत्रग्रंथ · वैदिक सार्वजनिक यज्ञों की विधि और मंत्र-प्रयोग बताने वाला कल्पसूत्र का प्रमुख भाग।श्वेतकेतुकथाएँ एवं घटनाएँ · श्वेतकेतु ने पिता उद्दालक से आत्मज्ञान का महावाक्य पाया।श्वेताश्वतर उपनिषदग्रंथ · यजुर्वेद का उपनिषद; ईश्वर, सांख्य और योग का समन्वय।श्वेताश्वतर उपनिषद 6.11रोज़ का श्लोक · एक ही देव सब भूतों में गूढ़ रूप से व्याप्त है — वही साक्षी, चेतन, केवल और निर्गुण है।
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संकष्टी चतुर्थीव्रत एवं त्योहार · प्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्थी को गणेश व्रत।संगच्छध्वं सूक्त (ऋग्वेद 10.191.2)रोज़ का श्लोक · साथ चलो, साथ बोलो और मन एक करो; जैसे पूर्वज देवता एक भाव से रहते थे।संजयमहाभारत · धृतराष्ट्र के सारथी और सलाहकार, जिन्हें दिव्य दृष्टि मिली और जिन्होंने युद्ध का पूरा वृत्तांत सुनाया।संज्ञावेद एवं पुराण · विश्वकर्मा की पुत्री, सूर्य की पत्नी; यम, यमुना और वैवस्वत मनु की माता।संध्यास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · ब्रह्मा की मानस पुत्री, जिन्होंने तप करके अरुंधती के रूप में जन्म लिया।संध्या वंदनासंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · दिन में तीन बार गायत्री जप और सूर्य-अर्घ्य द्वारा की जाने वाली नित्य उपासना।संपातिरामायण एवं रामचरितमानस · जटायु के बड़े भाई; जिन्होंने दक्षिण तट पर वानरों को लंका की दिशा और दूरी बताई।संसारशब्दावली · जन्म-मृत्यु-पुनर्जन्म का चक्र; कर्म और अविद्या से चलने वाला बन्धन।संस्कारशब्दावली · जीवन को शुद्ध और धर्म-अनुकूल बनाने वाले सोलह मुख्य वैदिक कर्म।सगरवेद एवं पुराण · इक्ष्वाकुवंशी राजा, जिनके साठ हजार पुत्र कपिल के तेज से भस्म हुए।सतीवेद एवं पुराण · दक्ष की पुत्री और शिव की प्रथम पत्नी, जिन्होंने यज्ञ में शिव के अपमान पर योगाग्नि में देह त्यागी।सती कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · सती ने पिता दक्ष के यज्ञ में अग्नि में प्राण त्याग दिए।सत्यकाम जाबालकथाएँ एवं घटनाएँ · सत्यवादी सत्यकाम को गुरु गौतम ने आत्मज्ञान दिया।सत्यनारायण व्रतव्रत एवं त्योहार · पूर्णिमा आदि शुभ दिनों में विष्णु-सत्यनारायण की कथा-व्रत।सत्यभामामहाभारत · कृष्ण की पत्नी, सत्राजित की पुत्री, जिन्होंने नरकासुर के वध में सहयोग दिया।सत्यवतीमहाभारत · दाशराज की पुत्री मत्स्यगंधा, शांतनु की पत्नी और वेदव्यास की माता, कुरुवंश की आदि।सत्यवानवेद एवं पुराण · द्युमत्सेन के पुत्र, जिनकी अल्पायु मृत्यु को पत्नी सावित्री ने यम से लौटाया।सत्राजितवेद एवं पुराण · यादव सरदार, जिनके पास स्यमंतक मणि थी और जिनकी पुत्री सत्यभामा थी।सनत्कुमारवेद एवं पुराण · ब्रह्मा के मानस पुत्र, चार कुमारों में से एक; नित्य बालक रूप में रहने वाले ब्रह्मचारी महर्षि।सनत्कुमार पुराणग्रंथ · ब्रह्मा के मानस-पुत्र सनत्कुमार द्वारा कथित उपपुराण; ज्ञान, योग, भक्ति और मोक्ष का उपदेश।सप्तपुरीतीर्थ एवं स्थान · सात मोक्षदायिक नगरियाँ: अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका, द्वारका।सप्तपुरी यात्रातीर्थ यात्राएँ · अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, काञ्ची, अवंतिका और द्वारका — सात मोक्षदायिनी पुरियाँ।सप्तर्षिवेद एवं पुराण · सात महर्षियों का समूह, जो हर मन्वंतर में बदलते हैं और आकाश में सप्तर्षि मंडल बनाते हैं।सप्तलोकशब्दावली · पुराणों में वर्णित ऊर्ध्व दिशा के सात लोक — भू, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः और सत्य।सभा पर्वग्रंथ · महाभारत का दूसरा पर्व; राजसूय यज्ञ, मयासभा और द्यूत-क्रीड़ा।समाधिआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · अष्टांग योग का आठवाँ अंग; चित्त का ध्येय में पूर्ण लीन हो जाना।समावर्तन संस्कारसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · गुरुकुल से लौटकर ब्रह्मचर्य-आश्रम की समाप्ति का संस्कार।समुद्र मंथनवेद एवं पुराण · समुद्र मंथन — देव-दानवों द्वारा क्षीरसागर का मंथन और चौदह रत्नों की प्राप्ति।समुद्र सेतुकथाएँ एवं घटनाएँ · राम की सेना नल और नील के नेतृत्व में समुद्र पर पत्थरों का सेतु बाँधकर लंका पहुँचने का मार्ग बनाती है।सरमारामायण एवं रामचरितमानस · सीता की हितैषी राक्षसी; जिसने राम का कुशल-समाचार और लंका में वानरों का प्रवेश सुनाया।सरयू नदीनदियाँ एवं पर्वत · सरयू अयोध्या से बहने वाली पवित्र नदी है, जो राम की नगरी की जीवन-रेखा मानी जाती है।सरस्वतीवेद एवं पुराण · विद्या, वाणी और संगीत की देवी सरस्वती, हंसवाहिनी, वीणा धारिणी और ब्रह्मा की पत्नी।सर्वदर्शनसंग्रहग्रंथ · माधवाचार्य का ग्रंथ, जो भारतीय दर्शनों का सर्वेक्षण और समीक्षा प्रस्तुत करता है।सहदेवमहाभारत · माद्री और अश्विनीकुमार के पुत्र, ज्योतिष तथा तलवारबाज़ी में कुशल पांडवों में सबसे छोटे।सहस्रकिरणकथाएँ एवं घटनाएँ · जल-क्रीड़ा में विघ्न डालने पर रावण ने राजा सहस्रकिरण को बंदी बनाया।सहस्रबाहु और परशुरामकथाएँ एवं घटनाएँ · परशुराम ने पितृहंता सहस्रबाहु कार्तवीर्य अर्जुन का वध किया।सांख्यशब्दावली · प्रकृति और पुरुष के द्वैत पर आधारित दर्शन; पच्चीस तत्वों की गणना।सांख्यकारिकाग्रंथ · ईश्वरकृष्ण-प्रणीत सांख्य दर्शन का मूल ग्रंथ; 72 कारिकाओं में तत्त्व-विवेचन।सात्यकिमहाभारत · यादव योद्धा और अर्जुन के प्रिय शिष्य, जिन्होंने पांडवों की ओर से युद्ध किया।सामवेदशब्दावली · गान-प्रधान वेद; ऋग्वेद के मन्त्रों का गेय रूप और भारतीय संगीत का मूल।सामवेद संहिताग्रंथ · गान-प्रधान वेद; ऋग्वेद के अधिकांश मंत्रों का संगीतबद्ध रूप।साम्ब पुराणग्रंथ · कृष्ण-पुत्र साम्ब तथा सूर्य-उपासना की कथा बताने वाला सौर उपपुराण।सायण भाष्य (वेद)ग्रंथ · सायणाचार्य द्वारा वेदों पर रचित विस्तृत भाष्य, जिसे वेदार्थप्रकाश कहते हैं।सारनाथतीर्थ एवं स्थान · वाराणसी के पास बुद्ध के प्रथम उपदेश (धर्मचक्र-प्रवर्तन) का स्थल।सार्याति वंशवंशावली · वैवस्वत मनु के पुत्र सार्याति से चला वंश, जिसमें आनर्त और रैवत हुए।सावित्रीवेद एवं पुराण · अश्वपति की पुत्री, जिन्होंने यम से धर्म-बुद्धि के बल पर पति सत्यवान के प्राण वापस पाए।सावित्री-सत्यवान कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · सावित्री ने अपनी बुद्धि और प्रेम से पति सत्यवान को यमराज से वापस लाया।सिंधु नदीनदियाँ एवं पर्वत · सिंधु तिब्बत से निकलकर भारत और पाकिस्तान से बहने वाली महान हिमालयी नदी है।सिंहिकारामायण एवं रामचरितमानस · समुद्र में रहने वाली छाया-ग्राहिणी राक्षसी, जिसे हनुमान ने लंका-मार्ग में मार डाला।सिद्धिविनायकमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · अहमदनगर के सिद्धटेक में सिद्धिविनायक विराजते हैं; यहाँ गणपति सिद्धि प्रदान करते हैं।सीतारामायण एवं रामचरितमानस · मिथिला के राजा जनक की पुत्री और श्रीराम की पत्नी; त्याग, सहनशीलता और पातिव्रत्य की प्रतिमूर्ति।सीता उपनिषदग्रंथ · सीता को परा प्रकृति और ब्रह्मस्वरूपा देवी बताने वाला उपनिषद।सीता का भूमि प्रवेशकथाएँ एवं घटनाएँ · दरबार में शुद्धि का प्रमाण माँगे जाने पर सीता अपनी माता पृथ्वी का स्मरण करती हैं और धरती फटकर उन्हें अपने में समा लेती है।सीता त्यागकथाएँ एवं घटनाएँ · अयोध्या में प्रजा की निंदा के कारण राम सीता का परित्याग करते हैं और लक्ष्मण सीता को वाल्मीकि आश्रम में छोड़ आते हैं।सीता स्वयंवरकथाएँ एवं घटनाएँ · मिथिला में श्रीराम ने शिव धनुष तोड़कर सीता से विवाह किया।सीता हरणकथाएँ एवं घटनाएँ · रावण मारीच को स्वर्ण मृग बनाकर भेजता है और राम-लक्ष्मण के दूर जाते ही संन्यासी वेश में सीता का अपहरण कर लेता है।सीमन्तोन्नयनसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · गर्भ के चौथे या छठे-सातवें मास में पत्नी का सीमन्त ऊपर करने वाला संस्कार।सुंदरकांडग्रंथ · रामायण का पंचम कांड — हनुमान का लंका-प्रवेश, सीता-दर्शन और लंका-दहन।सुग्रीवरामायण एवं रामचरितमानस · किष्किंधा के वानरराज, सूर्य के पुत्र; राम के मित्र जिनकी सहायता से बालि का वध हुआ।सुग्रीव मैत्रीकथाएँ एवं घटनाएँ · हनुमान के माध्यम से राम और सुग्रीव अग्नि-साक्षी मैत्री करते हैं — राम वाली वध का वचन देते हैं और सुग्रीव सीता-खोज में सहायता का।सुनैनारामायण एवं रामचरितमानस · मिथिला की रानी और जनक की पत्नी; उर्मिला की माता तथा सीता की पालक माता।सुबाल उपनिषदग्रंथ · नारायण को जगत का मूल और ब्रह्म बताने वाला उपनिषद; पुरुषसूक्त पर आधारित।सुबाहुरामायण एवं रामचरितमानस · सुंद-ताड़का का पुत्र, मारीच का भाई; विश्वामित्र के यज्ञ में राम ने इसे मारा।सुभद्रामहाभारत · वसुदेव की पुत्री, कृष्ण-बलराम की बहन, अर्जुन की पत्नी और अभिमन्यु की माता।सुमंत्ररामायण एवं रामचरितमानस · दशरथ के मंत्री और सारथी; जिन्होंने राम-सीता-लक्ष्मण को वन तक पहुँचाया।सुमालीरामायण एवं रामचरितमानस · रावण के नाना (मातामह), सुकेश के पुत्र, जिन्होंने पुत्री कैकसी का विवाह विश्रवा से कराया।सुमित्रारामायण एवं रामचरितमानस · दशरथ की रानी तथा लक्ष्मण और शत्रुघ्न की माता; जिन्होंने पुत्रों को राम-सेवा का वर दिया।सुरभिस्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · दिव्य गौ, कामधेनु, जो समस्त गौओं की जननी मानी जाती हैं।सुरसारामायण एवं रामचरितमानस · सर्पों की माता, जिसे देवताओं ने हनुमान की परीक्षा लेने भेजा; हनुमान उसके मुख से बच निकले।सुलभास्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ · योग-बल से जनक के शरीर में प्रवेश कर उनसे मोक्ष पर शास्त्रार्थ करने वाली भिक्षुकी।सुलोचनारामायण एवं रामचरितमानस · नागराज की पुत्री और मेघनाद की पत्नी, जिसने पति का शीश पाकर सती होना स्वीकार किया।सुश्रुतआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · सुश्रुत संहिता के रचयिता महर्षि, जिन्हें शल्यचिकित्सा (सर्जरी) का जनक माना जाता है।सुषुम्नाआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · मेरुदंड में स्थित मध्य नाड़ी, जो कुंडलिनी के ऊर्ध्वगमन का मार्ग है।सुषेणरामायण एवं रामचरितमानस · वानर-वैद्य; जिन्होंने लक्ष्मण की परीक्षा की और संजीवनी लाने को कहा, फिर उन्हें स्वस्थ किया।सूर्यवेद एवं पुराण · सूर्यदेव, सूर्यवंश के मूल, सात अश्वों वाले रथ के स्वामी, अरुण सारथी और आरोग्यदाता।सूर्य पुराणग्रंथ · सूर्य-उपासना तथा शिव-पार्वती की कथाओं से युक्त सौर-शैव उपपुराण (सौर पुराण)।सूर्यवंशवंशावली · सूर्य (विवस्वान) से चला वैदिक भारत का प्राचीनतम राजवंश, जिसकी राजधानी अयोध्या थी।सेतुबंधग्रंथ · प्रवरसेन का प्राकृत महाकाव्य, जिसमें राम द्वारा समुद्र पर सेतु-निर्माण की कथा है।सोन नदीनदियाँ एवं पर्वत · सोन अमरकंटक के निकट से निकलकर बिहार में गंगा से मिलने वाली नदी है।सोमनाथतीर्थ एवं स्थान · गुजरात में समुद्र तट पर शिव का प्रथम ज्योतिर्लिंग, प्रभास क्षेत्र।सोमनाथ ज्योतिर्लिंगमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · गुजरात के सौराष्ट्र में प्रभास पाटन (वेरावल) के निकट अरब सागर तट पर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम।सोमवती अमावस्याव्रत एवं त्योहार · सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या; पीपल-पूजन और पुण्य का दिन।सोमवार व्रतव्रत एवं त्योहार · प्रत्येक सोमवार को शिव-व्रत; जल और बेलपत्र अर्पण।सौंदरानंदग्रंथ · अश्वघोष का काव्य, जिसमें बुद्ध द्वारा भाई नंद के मोक्ष-मार्ग में प्रवेश की कथा है।सौप्तिक पर्वग्रंथ · महाभारत का दसवाँ पर्व; अश्वत्थामा का रात्रि-आक्रमण और पांडव-शिविर का विनाश।सौप्तिक युद्धकथाएँ एवं घटनाएँ · रात्रि में अश्वत्थामा ने सोए पांडव-शिविर पर आक्रमण कर द्रौपदी के पुत्रों का वध किया।स्कन्द पुराणग्रंथ · सबसे विशाल महापुराण; स्कंद (कार्तिकेय) महिमा तथा सात खंडों में तीर्थ-वर्णन।स्त्री पर्वग्रंथ · महाभारत का ग्यारहवाँ पर्व; युद्ध में मारे गए योद्धाओं का शोक और गांधारी का शाप।स्मृतिशब्दावली · ऋषियों द्वारा स्मरण किए गए धर्म-ग्रंथ, जैसे मनुस्मृति, याज्ञवल्क्य स्मृति।स्यमंतक मणिकथाएँ एवं घटनाएँ · झूठे चोरी-आरोप से निर्दोष सिद्ध होने हेतु कृष्ण मणि की खोज में जाते हैं और जांबवान से युद्ध कर स्यमंतक मणि लाते हैं।स्रोतस्आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · शरीर के सूक्ष्म मार्ग या नलिकाएँ, जिनसे धातु और पोषक तत्वों का संचार होता है।स्वर्गशब्दावली · देवताओं का लोक; पुण्य-कर्म के फल का भोग-स्थान, जो अनित्य है।स्वर्गारोहण पर्वग्रंथ · महाभारत का अठारहवाँ पर्व; युधिष्ठिर का स्वर्गारोहण और अंतिम मिलन।
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हंस उपनिषदग्रंथ · गौतम और सनत्कुमार का संवाद; हंस-विद्या और सोऽहम् ध्यान का प्रतिपादन।हंस पुराणग्रंथ · हंस (ब्रह्मा) के संवाद रूप में ज्ञान और भक्ति का उपदेश देने वाला उपपुराण।हठयोगप्रदीपिकाग्रंथ · स्वात्माराम का हठयोग-ग्रंथ, जो आसन, प्राणायाम और मुद्राओं की साधना बताता है।हनुमानरामायण एवं रामचरितमानस · पवन-पुत्र, राम के परम भक्त और चिरंजीवी; सुन्दरकाण्ड के नायक तथा संकटमोचन।हनुमान चालीसाग्रंथ · तुलसीदास कृत हनुमान की चालीस चौपाइयों वाली अत्यंत लोकप्रिय स्तुति।हनुमान चालीसा (द्वितीय दोहा)रोज़ का श्लोक · अपने को बुद्धिहीन जानकर मैं पवन-पुत्र का स्मरण करता हूँ; हे हनुमान! बल, बुद्धि, विद्या दो और क्लेश हरो।हनुमान चालीसा (प्रथम चौपाई)रोज़ का श्लोक · हे ज्ञान और गुणों के सागर हनुमान! आपकी जय हो; हे कपीश्वर! आप तीनों लोकों में प्रकाशित हैं।हनुमान चालीसा (प्रारंभिक दोहा)रोज़ का श्लोक · गुरु-चरणों की धूल से मन को निर्मल करके मैं श्रीराम का यश गाता हूँ, जो चारों फल देने वाला है।हनुमान जयंतीव्रत एवं त्योहार · चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्मोत्सव।हम्पीतीर्थ एवं स्थान · कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के तट पर विजयनगर की प्राचीन राजधानी।हयग्रीववेद एवं पुराण · विष्णु का अश्व-मुख अवतार; मधु-कैटभ से वेदों को पुनः प्राप्त करने वाले।हरसिद्धिमंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ · उज्जैन में हरसिद्धि देवी विराजती हैं; यह सती की कूर्पर (कोहनी) का शक्तिपीठ है।हरितालिका तीजव्रत एवं त्योहार · भाद्रपद शुक्ल तृतीया को शिव-पार्वती व्रत; सुहागिनों का उपवास।हरिद्राआयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग · हल्दी — कटु-तिक्त रस, उष्ण वीर्य वाला द्रव्य, जो कफ-पित्त शामक और व्रणरोपक है।हरिद्वारतीर्थ एवं स्थान · गंगा के हिमालय से मैदान में उतरने का द्वार, कुम्भ का स्थान।हरिवंश पुराणग्रंथ · महाभारत का परिशिष्ट; श्रीकृष्ण की वंशावली तथा लीलाओं का विस्तृत वर्णन।हरिश्चंद्रवेद एवं पुराण · सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, जिन्होंने सत्य के लिए राज्य, पत्नी और पुत्र तक त्याग दिए।हरिश्चंद्र कथाकथाएँ एवं घटनाएँ · सत्यनिष्ठ हरिश्चंद्र ने सत्य के लिए राज्य, धन और परिवार त्याग दिया।हर्षचरितग्रंथ · बाणभट्ट का गद्य-काव्य, जिसमें सम्राट हर्षवर्धन का जीवन-चरित वर्णित है।हलाहलवेद एवं पुराण · समुद्र मंथन से निकला प्रथम विष (कालकूट), जिसे शिव ने पीकर नीलकंठ नाम पाया।हवनशब्दावली · अग्नि में आहुति द्वारा देवताओं का आवाहन तथा तर्पण; गृह्य-कर्मों का पवित्र अनुष्ठान।हस्तिनापुरतीर्थ एवं स्थान · गंगा के निकट कौरवों की राजधानी, महाभारत का केंद्र-स्थल।हिडिंबामहाभारत · वन की राक्षसी, हिडिंब की बहन, भीम की पत्नी और घटोत्कच की माता।हिडिंबा विवाहकथाएँ एवं घटनाएँ · वनवास में भीम ने राक्षसी हिडिंबा से विवाह किया, जिससे घटोत्कच का जन्म हुआ।हिमालयनदियाँ एवं पर्वत · हिमालय संसार का सबसे ऊँचा पर्वत है, जिसे देवताओं का निवास कहा जाता है।हिमालय तीर्थ यात्रातीर्थ यात्राएँ · केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, अमरनाथ और कैलाश सहित हिमालयी तीर्थों की यात्रा।हिरण्यकशिपुवेद एवं पुराण · अत्याचारी दैत्यराज हिरण्यकशिपु, जिसे भगवान नरसिंह ने वध किया।हिरण्याक्ष वधकथाएँ एवं घटनाएँ · वराह ने हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को रसातल से उठाया।हेमकूट पर्वतनदियाँ एवं पर्वत · हेमकूट पुराणों में मेरु के निकट का स्वर्णमय दिव्य पर्वत माना गया है।हेहय वंशवंशावली · यदुवंश की शाखा, जिसका सबसे प्रतापी राजा सहस्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) था।होम-हवनसंस्कार एवं श्राद्ध-विधि · अग्नि में आहुति देकर देवताओं को समर्पित करने वाली यज्ञीय क्रिया।होलीव्रत एवं त्योहार · फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रंगों का पर्व; बुराई पर भक्ति की जीत का प्रतीक।