मैनाक पर्वत
नदियाँ एवं पर्वत
अन्य नाम: मैनाक
मैनाक को पुराणों में हिमवान् (हिमालय) का पुत्र और पर्वतराज माना गया है।
रामायण में मैनाक समुद्र-मार्ग में स्थित बताया गया है; कहा जाता है कि यह वायु के भय से समुद्र में छिप गया।
वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड में मैनाक ने हनुमान को समुद्र-पार करते समय विश्राम का आश्रय देना चाहा, पर हनुमान ने उसे स्वीकार नहीं किया। यह त्याग और सहायता की कथा है।
प्रसिद्ध कथन
मैनाक ने समुद्र-पार करते हनुमान को आश्रय देना चाहा। (भावानुवाद)
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स्रोत: वाल्मीकि रामायण