संज्ञा
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: सरन्यू, संज्ञा देवी, सूर्य की पत्नी
संज्ञा (सरन्यू) विश्वकर्मा की पुत्री और सूर्य की प्रथम पत्नी हैं। ऋग्वेद में सरन्यू का नाम आता है, जिससे यह कथा अत्यंत प्राचीन सिद्ध होती है।
सूर्य के तीव्र तेज को सहन न कर पाने के कारण संज्ञा ने अपनी छाया को छाया नाम से सूर्य के पास रखा और स्वयं घोड़ी का रूप धारण करके वन चली गईं। सूर्य ने घोड़े का रूप लेकर उनका अनुसरण किया, और इसी मिलन से अश्विनी कुमारों का जन्म हुआ।
संज्ञा से सूर्य को यम, यमुना और वैवस्वत मनु जैसी संतानें प्राप्त हुईं। विश्वकर्मा ने बाद में सूर्य के तेज को कम किया, जिससे संज्ञा का कष्ट दूर हुआ। यह कथा मार्कण्डेय पुराण में विस्तार से मिलती है।
नाते-रिश्ते
- पिता: विश्वकर्मा
- पति: सूर्य
- पुत्र: यम व वैवस्वत मनु
- पुत्री: यमुना
प्रसिद्ध कथन
ऋग्वेद (१०.१७) में सरन्यू (संज्ञा) और उनके वंश का उल्लेख है (भावानुवाद)।
संबंधित
स्रोत: मार्कण्डेय पुराण, ऋग्वेद