सोमनाथ
तीर्थ एवं स्थान
अन्य नाम: सोमनाथ, प्रभास पाटन, सोमनाथ पाटन
सोमनाथ गुजरात के सौराष्ट्र में, वेरावल के निकट अरब सागर के तट पर स्थित है। इसे बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है और यह प्रभास क्षेत्र कहलाता है।
कथा है कि चंद्र (सोम) ने दक्ष के शाप से मुक्ति के लिए यहाँ शिव की आराधना की; शिव ने उन्हें शाप से मुक्त किया, इसी से 'सोमनाथ' नाम पड़ा। महाभारत के अनुसार श्रीकृष्ण ने यहीं प्रभास-तीर्थ में देह त्याग किया। यादवों के संहार का प्रसंग भी यहीं जुड़ा है।
सोमनाथ मंदिर अनेक आक्रमणों का साक्षी रहा और बार-बार पुनर्निर्मित हुआ। समुद्र-स्नान, सोमनाथ-दर्शन तथा प्रभास-पाटन की यात्रा यहाँ का महत्व है।
प्रसिद्ध कथन
'प्रभासे सोमनाथः ज्योतिर्लिंगः' — प्रभास में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है। (भावानुवाद)
'सोमेन आराधितः शिवः' — सोम (चंद्र) ने यहाँ शिव की आराधना की। (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: शिव पुराण, स्कन्द पुराण, महाभारत (मौसल पर्व)