शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

लिंग पुराण

ग्रंथ

अन्य नाम: लिंगपुराण

रचयिता / कर्ता: वेदव्यास

पुराणमहापुराणशिवलिंग

लिंग पुराण अट्ठारह महापुराणों में शैव परंपरा का ग्रंथ है। इसके रचयिता वेदव्यास माने जाते हैं। इसमें लिंग-पूजा और शिव-तत्व की प्रधानता है।

मुख्य विषय भगवान शिव की महिमा, लिंग की उत्पत्ति और पूजा-विधि, शिव के अवतार तथा अनेक शिव-कथाएँ हैं। इसमें सृष्टि-संहार, युग-धर्म तथा वर्णाश्रम-धर्म का भी वर्णन है।

ग्रंथ में शिव-लिंग की व्याख्या, व्रत तथा तीर्थ-माहात्म्य भी हैं। इसमें शिव को सृष्टि के आदि-कारण के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है।

महात्मा: शैव लिंग-उपासना और शिव-भक्ति में इसका प्रमुख स्थान है।

संबंधित

शिवविष्णुव्रतचतुर्युग

स्रोत: लिंग पुराण