निरुक्त (वेदांग)
ग्रंथ
अन्य नाम: निरुक्त वेदांग, निरुक्त
रचयिता / कर्ता: यास्क
निरुक्त छह वेदांगों में से एक है, जिसमें कठिन वैदिक शब्दों की व्युत्पत्ति (निर्वचन) और अर्थ का निर्णय किया जाता है।
यास्क का 'निरुक्त' इस वेदांग का एकमात्र उपलब्ध प्रमुख ग्रंथ है। इसमें नाम, आख्यात, उपसर्ग और निपात — इन चार शब्द-भेदों का विवेचन है।
निरुक्त में वैदिक मंत्रों के शब्दों को वैयाकरणिक और ऐतिहासिक पद्धति से समझाया गया है, जिससे वेद-भाषा का अर्थ स्पष्ट होता है।
यह वेदांग-साहित्य का भाग है और वेद-पुरुष का श्रोत्र माना जाता है। यह वैदिक शब्द-व्युत्पत्ति और भाषा-दर्शन का आदि स्रोत है।
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स्रोत: यास्क कृत निरुक्त