अंधकासुर वध
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: अंधकासुर, अंधक
अंधकासुर वध की कथा शिव और उनके शत्रु की कथा है। हिरण्याक्ष के वंशज अंधकासुर को वरदान मिला था और वह शिव को ही चुनौती देने लगा।
यह कथा शिव पुराण तथा श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र अंधकासुर, शिव, पार्वती और देवता हैं।
युद्ध में शिव ने अंधकासुर को मारा; उसके रक्त से अनेक अंधक उत्पन्न हुए, जिन्हें शिव ने शक्तियों द्वारा नष्ट किया। अंत में अंधकासुर शिव का गण बन गया। यह कथा अहंकार के नाश और भक्ति की शरण का प्रतीक है।
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स्रोत: शिव पुराण