वरुण पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: वारुण पुराण
रचयिता / कर्ता: वरुण / परंपरा-प्रसिद्ध
वरुण पुराण (वारुण उपपुराण) अठारह उपपुराणों में गिना जाता है, जिसके वक्ता वरुण देवता माने जाते हैं।
इसमें १२ अध्याय माने जाते हैं तथा यह वरुण-उपासना और जल-देवता की महिमा से जुड़ा है।
इसमें व्रत, दान तथा तीर्थों का वर्णन मिलता है; इसका पूर्ण पाठ पूर्णतः उपलब्ध नहीं माना जाता।
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स्रोत: Wikipedia (Upapurana); shastradeep.com (Upapuranas)