सुभद्रा
महाभारत
अन्य नाम: यादवी, पद्मावती, चित्रा, वासुदेवपुत्री
सुभद्रा वसुदेव और रोहिणी की पुत्री तथा कृष्ण और बलराम की बहन थीं। वे यदुवंश की अत्यंत प्रिय कन्या थीं और द्वारका में पली बढ़ीं। अर्जुन ने वनवास-काल में कृष्ण के संकेत से उनका हरण करके विवाह किया, जिससे बलराम प्रारंभ में क्रुद्ध हुए, परंतु बाद में सहमत हो गए।
सुभद्रा से अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु का जन्म हुआ। अभिमन्यु की मृत्यु के बाद उनका शोक अत्यंत गहरा था। उनकी पुत्रवधू उत्तरा के गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ, जिससे कुरुवंश की परंपरा आगे बढ़ी।
कुछ परंपराओं में सुभद्रा को जगन्नाथ-पुरी के त्रिदेव — जगन्नाथ (कृष्ण), बलभद्र (बलराम) और सुभद्रा — में स्थान मिला है। वे यदुवंश और कुरुवंश को जोड़ने वाली कड़ी तथा धैर्य और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति हैं।
नाते-रिश्ते
- पिता: वसुदेव
- भाई: श्रीकृष्ण, बलराम
- पति: अर्जुन
- पुत्र: अभिमन्यु
- पुत्रवधू: उत्तरा
पूर्वजन्म एवं प्रारब्ध
योगमाया का अंश मानी जाती हैं।
प्रसिद्ध कथन
संबंधित
स्रोत: महाभारत – आदि पर्व; आश्रमवासिक पर्व