सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ
अन्य नाम: सोमनाथ, प्रभास पाटन, सोमनाथ महादेव
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में प्रभास पाटन, वेरावल के निकट अरब सागर के तट पर विराजमान है। यहाँ हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों का पवित्र संगम माना जाता है। प्रभास क्षेत्र प्राचीन काल से ही तीर्थ-स्थल रहा है।
यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ का शिवलिंग स्वयंभू है और इसे चंद्रदेव (सोम) ने स्थापित किया था, इसीलिए इसका नाम 'सोमनाथ' अर्थात 'चंद्रमा के स्वामी' पड़ा। मंदिर को इतिहास में अनेक बार ध्वस्त किया गया और पुनः बनाया गया।
कथा के अनुसार प्रजापति दक्ष ने अपने दामाद चंद्रदेव को क्षय रोग का शाप दिया, जिससे चंद्रमा का तेज घटने लगा। शाप से मुक्ति पाने के लिए चंद्रदेव ने यहाँ घोर तपस्या की और शिव की कृपा प्राप्त की; कृतज्ञता में उन्होंने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की। सोमनाथ को द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा का प्रारंभ-स्थल माना जाता है, और यहाँ दर्शन से रोग तथा पापों की मुक्ति की मान्यता है।
प्रसिद्ध कथन
संबंधित
स्रोत: शिव पुराण; परंपरा-प्रसिद्ध