शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

कैकसी

रामायण एवं रामचरितमानस

अन्य नाम: कैकेसी, निकषा, केशिनी

राक्षसीरावण की मातासुमाली-पुत्री

कैकसी (कैकेसी) राक्षसराज सुमाली की पुत्री और रावण, कुंभकर्ण, विभीषण तथा शूर्पणखा की माता थीं। उन्हें निकषा और केशिनी नाम से भी जाना जाता है।

वंश बढ़ाने के उद्देश्य से उनका विवाह महर्षि विश्रवा से हुआ। कथा के अनुसार वे विवाह के समय अत्यंत सुंदर रूप धारण करके गईं और उन्होंने शर्त रखी कि संतान उनके समान हो।

उनके गर्भ से रावण आदि का जन्म हुआ, जिन्होंने आगे चलकर लंका पर शासन किया। रावण के जन्म के समय भयंकर अपशकुन हुए, जिससे उसके भावी राक्षसी स्वभाव का संकेत मिला। कैकसी को राक्षस-वंश और ऋषि-वंश के मिलन का प्रतीक माना जाता है।

नाते-रिश्ते

  • पिता: सुमाली
  • पति: विश्रवा
  • पुत्र: रावण, कुंभकर्ण, विभीषण
  • पुत्री: शूर्पणखा

संबंधित

रावणविश्रवासुमालीकुंभकर्णशूर्पणखा

स्रोत: वाल्मीकि रामायण – उत्तरकाण्ड