माण्डूकायन शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: माण्डूकायन शाखा, माण्डूक्य शाखा
रचयिता / कर्ता: माण्डूकायन (माण्डूकि) / परंपरा-प्रसिद्ध
माण्डूकायन शाखा ऋग्वेद की शाखा है, जिसे चरण-व्यूह में ऋग्वेद की पाँच शाखाओं में गिना जाता है।
यह मगध तथा पूर्वी-मध्य उत्तर प्रदेश में प्रचलित रही; इसे ऋग्वेद की प्राचीनतम शाखाओं में माना जाता है।
इसकी कोई संहिता या मौखिक परम्परा शेष नहीं है; केवल 'माण्डूकि शिक्षा' नामक ग्रन्थ इससे जुड़ा मिलता है।
संबंधित
स्रोत: Wikipedia (Shakha); wisdomlib (Shakhas of the Rigveda)