मौसल पर्व
ग्रंथ
अन्य नाम: मौसलपर्व, मौसल पर्व, षोडश पर्व
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास / वैशंपायन-सूत
मौसल पर्व महाभारत का सोलहवाँ पर्व है, जिसमें यदुवंश (यादवों) का विनाश और श्रीकृष्ण के जीवन का अंत वर्णित है।
गांधारी के शाप के अनुसार द्वारका में यादव आपस में गदा-युद्ध (मौसल-युद्ध) करके नष्ट हो जाते हैं। इसका कारण साम्ब और कुछ यदुवंशियों का ऋषियों का अपमान माना जाता है।
श्रीकृष्ण वन में ध्यान करते हुए जरा नामक व्याध के बाण से देह त्याग करते हैं, और बलराम भी योग से देह त्याग करते हैं।
इसमें द्वारका के जलमग्न होने और अर्जुन द्वारा यादव स्त्रियों को ले जाने का प्रसंग है। यह पर्व यदुवंश और द्वारका के अंत का मार्मिक चित्रण है।
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स्रोत: महाभारत, मौसल पर्व