तुळजा भवानी
मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ
अन्य नाम: तुळजा भवानी, तुकाई, अंबाबाई
तुळजा भवानी मंदिर महाराष्ट्र राज्य के धाराशिव जिले में, तुळजापुर नगर के यमुनाचल पर्वत पर स्थित है। यह मंदाकिनी नदी के निकट है।
यहाँ देवी तुळजा भवानी की पूजा होती है, जिन्हें 'त्वरिता' अर्थात् शीघ्र सहायता करने वाली देवी माना जाता है। मूर्ति काली शिला से बनी है और देवी की आठ भुजाएँ हैं। भैरव यहाँ केशरकुंड हैं।
कथा के अनुसार सती का दायाँ बाहु (स्कंध) यहाँ गिरा था। देवी तुळजा भवानी छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी थीं और उन्हें देवी से 'भवानी तलवार' प्राप्त हुई मानी जाती है। मंदिर बारहवीं शताब्दी का तथा हेमाडपंती शैली का है। शक्तिपीठों की संख्या परंपरा-भेद से 51, 52, 64 अथवा 108 मानी जाती है।
प्रसिद्ध कथन
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध