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जटायु

रामायण एवं रामचरितमानस

रामायणगिद्धराजअरण्यकाण्ड

जटायु गिद्धों के राजा थे, अरुण के पुत्र और संपाति के छोटे भाई। वे अयोध्या के राजा दशरथ के मित्र थे और वृद्धावस्था में दंडक वन के पास रहते थे।

जब रावण सीता का हरण कर उन्हें आकाश-मार्ग से ले जा रहा था, जटायु ने उसका रथ रोका और उससे युद्ध किया। रावण ने उनके पंख काट दिए और वे मरणासन्न होकर भूमि पर गिर पड़े।

राम और लक्ष्मण ने खोज में उन्हें पाया। जटायु ने बताया कि सीता को रावण हर ले गया। उनके प्राण-त्याग पर राम ने उनका अंतिम संस्कार स्वयं किया और उन्हें मोक्ष दिया।

नाते-रिश्ते

  • पिता: अरुण
  • भाई: संपाति
  • मित्र: दशरथ

प्रसिद्ध कथन

मरणासन्न जटायु ने राम से कहा — "हे राम, सीता को रावण हर ले गया; मैं उसे रोकने गया था, पर युद्ध में हार गया।" (भावानुवाद)

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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – अरण्यकाण्ड