शांखायन शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: शांखायनी शाखा, सांख्यायन शाखा
रचयिता / कर्ता: शांखायन / परंपरा-प्रसिद्ध
शांखायन शाखा ऋग्वेद की शाखा है, जिसे चरण-व्यूह में ऋग्वेद की पाँच शाखाओं में गिना जाता है।
इसकी संहिता की मौखिक परम्परा लुप्त है, परन्तु शांखायन (कौषीतकि) ब्राह्मण, आरण्यक तथा कल्पसूत्र उपलब्ध हैं।
यह गुजरात तथा राजस्थान-महाराष्ट्र के कुछ भागों में प्रचलित रही; शांखायन श्रौत व गृह्य सूत्र इससे जुड़े हैं।
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स्रोत: Wikipedia (Shakha); harekrsna.com