शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

सीता स्वयंवर

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ, शिव धनुष भंग

सीतामिथिलाधनुष

विदेह राज्य की राजधानी मिथिला में राजा जनक राज्य करते थे। उनकी पुत्री सीता के लिए स्वयंवर का आयोजन किया गया, जिसमें शर्त थी कि शिवजी का दिव्य धनुष उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाला ही सीता से विवाह करेगा।

विश्वामित्र के साथ आए श्रीराम और लक्ष्मण भी इस स्वयंवर में सम्मिलित हुए। अनेक राजा और वीर धनुष उठाने का प्रयास करके असफल रहे।

श्रीराम ने आगे बढ़कर शिव धनुष उठा लिया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष टूट गया। इस भीषण ध्वनि से सभा में उपस्थित लोग चकित रह गए और सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली।

जनक ने श्रीराम और सीता का विवाह किया। इसी अवसर पर लक्ष्मण का विवाह सीता की बहन उर्मिला से, भरत का मांडवी से और शत्रुघ्न का श्रुतकीर्ति से हुआ। यह प्रसंग रामायण के बालकांड में वर्णित है।

संबंधित

श्रीरामसीताजनकलक्ष्मणविश्वामित्रपरशुराम

स्रोत: रामायण – बालकांड