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मकर संक्रांति

व्रत एवं त्योहार

अन्य नाम: संक्रांति, खिचड़ी पर्व

त्योहारसूर्यउत्तरायणफसल

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में संक्रमण का पर्व है, जो उत्तरायण का आरंभ माना जाता है।

यह सामान्यतः 14-15 जनवरी को पड़ती है।

विधि में प्रातः स्नान, सूर्य-उपासना, तिल-गुड़ का दान, खिचड़ी का भोग और पतंग उड़ाना शामिल है। इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व है। यह पर्व नई फसल के स्वागत, सूर्य की कृपा और शुभ आरंभ का प्रतीक है।

प्रसिद्ध कथन

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर। दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥ (सूर्याष्टकम्)
ॐ सूर्याय नमः।

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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध