शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

द्वारका

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: द्वारका, द्वारावती, जगत् मंदिर

कृष्णसमुद्रसप्तपुरीज्योतिर्लिंग

द्वारका गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में अरब सागर के तट पर बसी है। यह सप्तपुरी में एक और कृष्ण द्वारा बसाई गई नगरी मानी जाती है।

मथुरा छोड़कर कृष्ण यहाँ आए और जरासंध के आक्रमण से बचने के लिए समुद्र से भूमि प्राप्त करके द्वारका बसाई। महाभारत के अनुसार द्वारका यादवों की राजधानी थी और कृष्ण यहीं से युधिष्ठिर आदि का मार्गदर्शन करते रहे। यादव-संहार तथा कृष्ण के देह त्याग की कथा भी द्वारका से जुड़ी है।

द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) यहाँ का प्रमुख मंदिर है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग निकट ही स्थित है। समुद्र-स्नान, द्वारका-परिक्रमा तथा जन्माष्टमी यहाँ विशेष हैं।

प्रसिद्ध कथन

'द्वारावती पुण्या नगरी' — द्वारावती पुण्य नगरी है। (भावानुवाद)
'यतो धर्मस्ततो जयः' — जहाँ धर्म है वहीं जय है। (महाभारत की उक्ति)

संबंधित

श्रीकृष्णमथुराअर्जुनद्रौपदीहस्तिनापुरविष्णु

स्रोत: महाभारत, विष्णु पुराण, स्कन्द पुराण