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शकटासुर वध

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: शकटासुर का वध, शकट-भंजन, कार्तिक शकट वध

भागवतकृष्ण लीलाबाल लीलावृंदावन

वृंदावन में शिशु कृष्ण के जन्मोत्सव के समय गोपों ने गाड़े (शकट) के नीचे बालक कृष्ण को सुला दिया था। दैत्य शकटासुर उस गाड़े में प्रवेश कर उसे कुचलने के लिए बढ़ा। कृष्ण ने छोटे से पैर का प्रहार किया, गाड़ा टूट-फूटकर गिरा और शकटासुर मारा गया।

यह प्रसंग श्रीमद्भागवत पुराण के दशम स्कन्ध में वर्णित है, जहाँ श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन है। यह उनकी पहली दैत्य-विजयों में गिना जाता है।

मुख्य पात्र शिशु कृष्ण, शकटासुर, यशोदा और नंद हैं। कृष्ण ने बिना शस्त्र के केवल पैर के स्पर्श से दैत्य का अंत किया। इस कथा का महत्व यह है कि बाल रूप में भी श्रीकृष्ण में असुरों का नाश करने का दिव्य बल विद्यमान था।

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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – दशम स्कन्ध