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तीर्थराज प्रयाग यात्रा

तीर्थ यात्राएँ

अन्य नाम: प्रयाग यात्रा, तीर्थराज प्रयाग, संगम यात्रा

प्रयागराजसंगमकुंभतीर्थ

तीर्थराज प्रयाग यात्रा प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम (त्रिवेणी) के दर्शन की यात्रा है। इसमें संगम-स्नान, अक्षयवट, वेणी माधव और द्वादश माधव दर्शन सम्मिलित हैं।

प्रयागराज को तीर्थराज अर्थात् तीर्थों का राजा कहा जाता है और यह उत्तर प्रदेश में स्थित है। यहाँ माघ मेला और कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु संगम-स्नान करते हैं।

पुराणों में प्रयाग को समस्त तीर्थों का सार माना गया है और यहाँ कल्पवास तथा श्राद्ध-तर्पण का विशेष महत्व है। मान्यता है कि माघ मास में संगम-स्नान और द्वादश माधव-दर्शन से विशेष पुण्य मिलता है।

प्रसिद्ध कथन

गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

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प्रयागराजगंगायमुना नदीसरस्वतीकुंभ मेला

स्रोत: पद्म पुराण / परंपरा-प्रसिद्ध