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सुमित्रा

रामायण एवं रामचरितमानस

अन्य नाम: सुमित्रा

लक्ष्मणमाताअयोध्या

सुमित्रा दशरथ की तीसरी रानी तथा लक्ष्मण और शत्रुघ्न की माता थीं। वे कौशल्या और कैकेयी की सपत्नी थीं।

पुत्रकामेष्टि यज्ञ के प्रसाद से उन्हें दो पुत्र प्राप्त हुए। उन्होंने अपने पुत्रों को राम की सेवा और अनुगमन का आदेश दिया — यही उनकी विशेषता है।

लक्ष्मण के वन जाने पर भी वे प्रसन्न रहीं, क्योंकि उन्हें राम-सेवा ही पुत्र-धर्म लगा। राम-राज्य में वे राजमाता के सुख का भोग करती रहीं।

नाते-रिश्ते

  • पति: दशरथ
  • पुत्र: लक्ष्मण, शत्रुघ्न

प्रसिद्ध कथन

लक्ष्मण से: "जहाँ राम, वहीं तुम्हारा स्थान; उनकी सेवा में ही तुम्हारा कल्याण है।" (भावानुवाद)

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स्रोत: वाल्मीकि रामायण – बालकाण्ड; रामचरितमानस – अयोध्याकाण्ड