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काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग

मंदिर, ज्योतिर्लिंग एवं शक्तिपीठ

अन्य नाम: काशी विश्वनाथ, विश्वनाथ, विश्वेश्वर, काशी

ज्योतिर्लिंगशिवद्वादश ज्योतिर्लिंगमंदिरतीर्थउत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग उत्तर प्रदेश राज्य की प्राचीन नगरी काशी (वाराणसी) में, गंगा नदी के पश्चिमी तट पर विराजमान है। काशी सप्त पुरियों में से एक और हिंदुओं की सर्वाधिक पवित्र नगरी मानी जाती है।

यहाँ शिव 'विश्वनाथ' अर्थात 'जगत के स्वामी' रूप में पूजित हैं। मान्यता है कि काशी शिव के त्रिशूल पर बसी है और वे इस नगर को कभी नहीं छोड़ते। मंदिर का वर्तमान भवन अनेक बार ध्वस्त होने के बाद पुनः बनाया गया।

परंपरा के अनुसार काशी में देह-त्याग करने वाले को शिव स्वयं तारक-मंत्र का उपदेश देकर मोक्ष प्रदान करते हैं। मान्यता है कि यहाँ दर्शन से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है। काशी विश्वनाथ के दर्शन को हिंदू जीवन की एक प्रमुख अभिलाषा माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे। (द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्)
(भावानुवाद) वाराणसी में विश्वेश (विश्वनाथ) और गौतमी नदी के तट पर त्र्यंबक विराजमान हैं।

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स्रोत: स्कन्द पुराण (काशी खंड); शिव पुराण