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उगादि

व्रत एवं त्योहार

अन्य नाम: युगादि

त्योहारनववर्षचैत्रकर्नाटक

उगादि, जिसे युगादि भी कहते हैं, तेलुगु और कन्नड़ क्षेत्रों का नववर्ष पर्व है।

यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है।

विधि में बेवु-बेला (नीम-गुड़) का सेवन, पंचांग श्रवण, उगादि पचड़ी और मंदिर-दर्शन शामिल हैं। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की। यह पर्व नए वर्ष के स्वागत और सुख-दुख के समभाव का प्रतीक है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ ब्रह्मणे नमः।

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ब्रह्मागुड़ी पड़वानवरात्रि

स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध