नंद
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: नंद बाबा, नंदराज
नंद गोकुल के गोपों के मुखिया और यशोदा के पति थे। वे वसुदेव के मित्र थे और श्रीकृष्ण के पालक पिता बने।
कंस के भय से वसुदेव ने नवजात कृष्ण को नंद के घर पहुँचाया। नंद ने कृष्ण और बलराम को पुत्र की तरह पाला और उनकी बाल-लीलाओं के साक्षी बने।
बाद में नंद ने वसुदेव से मिलकर सत्य जाना। गोप-जीवन, गो-पालन और वात्सल्य के प्रतीक नंद कृष्ण-कथा के आरंभिक केन्द्र हैं।
नाते-रिश्ते
- पत्नी: यशोदा
- पालक पुत्र: कृष्ण
- पालक पुत्र: बलराम
- मित्र: वसुदेव
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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण – दशम स्कन्ध