तैत्तिरीय शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: तैत्तिरीय संहिता शाखा
रचयिता / कर्ता: तित्तिरि (वैशम्पायन परम्परा) / परंपरा-प्रसिद्ध
तैत्तिरीय शाखा कृष्ण (श्याम) यजुर्वेद की शाखा है; कृष्ण यजुर्वेद की चार उपलब्ध संहिताओं में तैत्तिरीय संहिता प्रमुख है।
इसका नाम 'तित्तिरि' पक्षियों से जुड़ी परम्परा-कथा से जुड़ा है; इसमें मन्त्र और ब्राह्मण मिश्रित रूप में मिलते हैं।
तैत्तिरीय ब्राह्मण, तैत्तिरीय आरण्यक तथा तैत्तिरीय उपनिषद इससे जुड़े हैं; यह दक्षिण भारत में आपस्तम्ब, बौधायन आदि उपशाखाओं में प्रचलित है।
प्रसिद्ध कथन
सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। (तैत्तिरीय उपनिषद, शिक्षावल्ली)
संबंधित
स्रोत: vedicheritage.gov.in (Yajurveda); TITUS (Survey of Vedic texts)