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मार्कण्डेय कथा

कथाएँ एवं घटनाएँ

अन्य नाम: मार्कण्डेय, मार्कण्डेय ऋषि

शिवदीर्घायुचिरंजीवीयम

मार्कण्डेय की कथा दीर्घायु और शिव-भक्ति की कथा है। ऋषि मृकण्डु के पुत्र मार्कण्डेय की अल्पायु थी, पर उन्होंने शिव की तपस्या की।

यह कथा मार्कण्डेय पुराण तथा शिव पुराण में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र मार्कण्डेय, मृकण्डु, शिव और यमराज हैं।

जब यमराज उनके प्राण लेने आए, तब मार्कण्डेय ने शिवलिंग को पकड़ लिया और शिव ने यमराज को रोककर उन्हें चिरंजीवी बनाया। मार्कण्डेय ने देवी की स्तुति (दुर्गा सप्तशती) भी की। यह कथा शिव-भक्ति, मृत्यु-विजय और दीर्घायु का प्रतीक है। मार्कण्डेय को चिरंजीवियों में गिना जाता है।

संबंधित

शिवयमदुर्गा सप्तशती

स्रोत: मार्कण्डेय पुराण