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होली

व्रत एवं त्योहार

अन्य नाम: होलिका, रंगवाली होली

त्योहारफाल्गुनप्रह्लादरंग

होली रंगों और उल्लास का पर्व है, जो भक्त प्रह्लाद तथा होलिका दहन की कथा से जुड़ा है।

यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा को, सामान्यतः मार्च में मनाई जाती है। होलिका दहन पूर्णिमा की रात होता है और अगले दिन रंग-गुलाल खेले जाते हैं।

विधि में होलिका दहन, उसकी परिक्रमा, रंग-गुलाल और मिष्ठान वितरण शामिल हैं। कथा के अनुसार भक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में हिरण्यकश्यप का वध किया और होलिका अग्नि में भस्म हो गई; इससे भक्ति की बुराई पर विजय का संदेश मिलता है। यह पर्व बसंत के आगमन और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

प्रसिद्ध कथन

उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥

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प्रह्लादविष्णुनरसिंह अवतारवसंत पंचमी

स्रोत: भागवत पुराण / परंपरा-प्रसिद्ध