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रामायण एवं रामचरितमानस

रामकथा के पात्र — वाल्मीकि रामायण तथा तुलसीदास के रामचरितमानस से।

श्रीरामअयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र तथा विष्णु के सातवें अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम।सीतामिथिला के राजा जनक की पुत्री और श्रीराम की पत्नी; त्याग, सहनशीलता और पातिव्रत्य की प्रतिमूर्ति।लक्ष्मणराजा दशरथ और सुमित्रा के पुत्र, राम के अनुज तथा शेषनाग के अवतार; सेवा और त्याग के प्रतीक।भरतकैकेयी के पुत्र, राम के अनुज; जिन्होंने राज्य ठुकराकर राम की पादुकाएँ सिंहासन पर रखीं।शत्रुघ्नसुमित्रा के पुत्र, लक्ष्मण के सहोदर भाई; जिन्होंने लवणासुर का वध करके मथुरा बसाई।हनुमानपवन-पुत्र, राम के परम भक्त और चिरंजीवी; सुन्दरकाण्ड के नायक तथा संकटमोचन।दशरथअयोध्या के सूर्यवंशी राजा, राम आदि चार भाइयों के पिता; जिनकी मृत्यु पुत्र-वियोग में हुई।कौशल्यादशरथ की ज्येष्ठ रानी तथा श्रीराम की माता; कोसल देश की राजकुमारी।कैकेयीदशरथ की प्रिय रानी, भरत की माता; जिनके वरदानों ने राम का वनवास कराया।सुमित्रादशरथ की रानी तथा लक्ष्मण और शत्रुघ्न की माता; जिन्होंने पुत्रों को राम-सेवा का वर दिया।मंथराकैकेयी की कुब्जा दासी, जिसने ईर्ष्या भड़काकर राम का वनवास कराया।जनकमिथिला (विदेह) के राजर्षि, सीता के पिता तथा शिव-धनुष के स्वामी; ज्ञान और कर्म के आदर्श।उर्मिलामिथिला के राजा जनक की पुत्री तथा लक्ष्मण की पत्नी; जिन्होंने वियोग में धैर्य धारण किया।सुग्रीवकिष्किंधा के वानरराज, सूर्य के पुत्र; राम के मित्र जिनकी सहायता से बालि का वध हुआ।विभीषणरावण का धर्मात्मा भाई, जो राम की शरण में आया और रावण-वध के बाद लंका का राजा बना।रावणलंका का दशानन राजा, महापंडित और शिवभक्त; जिसने सीता का हरण किया और राम के हाथों मारा गया।कुंभकर्णरावण का विशालकाय भाई, जो छह माह सोता था; जिसने रावण को सीता लौटाने की सलाह दी।मेघनादरावण का पुत्र इंद्रजित, जिसने इंद्र को जीता; अंत में लक्ष्मण के हाथों मारा गया।मंदोदरीरावण की पटरानी और मेघनाद की माता; जिसने रावण को सीता लौटाने की सलाह दी।शूर्पणखारावण की बहन, जिसका पंचवटी में अपमान राम-रावण युद्ध का कारण बना।मारीचराक्षस मारीच, जिसने स्वर्ण-मृग का रूप धरकर सीता-हरण में रावण की सहायता की।ताड़काराक्षसी ताड़का, जिसका वध करके श्रीराम ने अपना प्रथम दैत्य-संहार किया।जांबवानभालू-राज जांबवान, राम के सहायक और चिरंजीवी; जिन्होंने हनुमान को उनके बल का स्मरण कराया।अंगदसुग्रीव का पुत्र अंगद, जो राम के दूत बनकर रावण के दरबार में गया।शबरीभीलनी भक्त शबरी, जिसने जूठे बेर खिलाकर राम से मोक्ष प्राप्त किया।निषादराज गुहनिषादराज गुह, राम के परम मित्र; जिन्होंने राम को गंगा पार कराई।वाल्मीकिआदिकवि वाल्मीकि, रामायण के रचयिता; जिनके आश्रम में सीता और लव-कुश रहे।तुलसीदासगोस्वामी तुलसीदास, रामचरितमानस के रचयिता; रामभक्ति के सर्वश्रेष्ठ कवि।काकभुशुंडिकाक (कौए) के रूप में जन्मे महाज्ञानी भक्त काकभुशुंडि, जिन्होंने गरुड़ को रामकथा सुनाई।गरुड़पक्षीराज गरुड़, विष्णु के वाहन; जिन्होंने काकभुशुंडि से रामकथा सुनी।कुशराम-सीता के ज्येष्ठ पुत्र, लव के जुड़वाँ भाई; वाल्मीकि आश्रम में जन्मे और कुशावती के राजा हुए।लवराम-सीता के कनिष्ठ पुत्र, कुश के जुड़वाँ भाई; वाल्मीकि से रामायण सीखी और श्रावस्ती के राजा हुए।वालीकिष्किंधा के वानरराज, इंद्र के पुत्र और सुग्रीव के बड़े भाई; राम ने इनका वध किया।तारावाली की पत्नी और अंगद की माता; किष्किंधा की बुद्धिमती वानरी जिन्होंने युद्ध-सलाह दी।जटायुगिद्धराज, अरुण के पुत्र और दशरथ के मित्र; सीता को बचाने में रावण से लड़कर वीरगति पाई।संपातिजटायु के बड़े भाई; जिन्होंने दक्षिण तट पर वानरों को लंका की दिशा और दूरी बताई।सुषेणवानर-वैद्य; जिन्होंने लक्ष्मण की परीक्षा की और संजीवनी लाने को कहा, फिर उन्हें स्वस्थ किया।नलविश्वकर्मा के पुत्र वनर-शिल्पी; जिनके नेतृत्व में समुद्र पर सेतु बना (नलसेतु)।नीलअग्नि के पुत्र वानर-सेनापति; जिन्होंने प्रहस्त को मारा और सेतु-निर्माण में नल का साथ दिया।सुमंत्रदशरथ के मंत्री और सारथी; जिन्होंने राम-सीता-लक्ष्मण को वन तक पहुँचाया।शांतादशरथ-कौशल्या की पुत्री (परंपरा), रोमपाद को गोद दी गईं; ऋष्यशृंग की पत्नी।सुनैनामिथिला की रानी और जनक की पत्नी; उर्मिला की माता तथा सीता की पालक माता।कबंधशापित गंधर्व विश्ववसु का विकृत रूप; राम-लक्ष्मण द्वारा मुक्त, जिन्होंने सुग्रीव की मित्रता बताई।विराधदंडक वन का राक्षस, गंधर्व तुंबुरु का शापित रूप; राम-लक्ष्मण ने इसे गड्ढे में दफनाया।सुबाहुसुंद-ताड़का का पुत्र, मारीच का भाई; विश्वामित्र के यज्ञ में राम ने इसे मारा।खररावण का संबंधी, जनस्थान का राक्षस-अधिपति; राम ने सेना सहित इसे मारा।दूषणखर का सेनापति; जनस्थान युद्ध में राम के हाथों मारा गया।प्रहस्तरावण का महामंत्री और सेनापति; लंका युद्ध में नील ने इसे मारा।त्रिजटासीता की रक्षा करने वाली वृद्ध राक्षसी; जिसने रावण के विनाश का स्वप्न देखा।सरमासीता की हितैषी राक्षसी; जिसने राम का कुशल-समाचार और लंका में वानरों का प्रवेश सुनाया।मांडवीकुशध्वज की पुत्री, सीता की बहन; भरत की पत्नी।श्रुतकीर्तिकुशध्वज की पुत्री, सीता की बहन; शत्रुघ्न की पत्नी।मकरध्वजहनुमान के पुत्र (परवर्ती परंपरा); पाताल के द्वारपाल, जिन्होंने हनुमान से युद्ध किया।कालनेमिरावण का मामा, मायावी राक्षस; जिसने संजीवनी ले जाते हनुमान का मार्ग रोका और मारा गया।वेदवतीऋषि कुशध्वज की पुत्री; रावण के अपमान पर आत्मदाह किया और सीता के रूप में जन्म लिया।मयासुर (रावण का ससुर/मायावी)दानव-शिल्पी, मंदोदरी के पिता और रावण के श्वसुर; जिन्होंने भयवश रावण को पुत्री दी।अहल्यागौतम ऋषि की पत्नी, जो इंद्र के छल से शापित होकर पत्थर बनीं और राम के चरण-स्पर्श से मुक्त हुईं।अनसूयाअत्रि ऋषि की पत्नी, जिन्होंने सीता को पातिव्रत धर्म का उपदेश दिया।श्रवण कुमारमाता-पिता की सेवा हेतु वन जाते श्रवण को राजा दशरथ के बाण ने अज्ञानवश मारा।रूमासुग्रीव की पत्नी, जिसे बाली ने छीन लिया; इसी अन्याय के कारण राम ने बाली का वध किया।लवणासुरमधु दानव का पुत्र, मधुपुरी (मथुरा) का अत्याचारी राजा, जिसका वध शत्रुघ्न ने किया।सुरसासर्पों की माता, जिसे देवताओं ने हनुमान की परीक्षा लेने भेजा; हनुमान उसके मुख से बच निकले।सुलोचनानागराज की पुत्री और मेघनाद की पत्नी, जिसने पति का शीश पाकर सती होना स्वीकार किया।अक्षय कुमाररावण का सबसे छोटा पुत्र, जिसे अशोक वाटिका में हनुमान ने मार गिराया।अतिकायरावण का पर्वत-सा विशाल पुत्र, जो ब्रह्मा के कवच के कारण केवल ब्रह्मास्त्र से लक्ष्मण के हाथों मारा गया।सुमालीरावण के नाना (मातामह), सुकेश के पुत्र, जिन्होंने पुत्री कैकसी का विवाह विश्रवा से कराया।विश्रवामहर्षि पुलस्त्य के पुत्र और रावण के पिता; धन के देवता कुबेर भी इन्हीं के पुत्र थे।कैकसीराक्षसराज सुमाली की पुत्री और रावण आदि की माता, जिसने वंश बढ़ाने हेतु विश्रवा से विवाह किया।त्रिशिरातीन मुखों वाला राक्षस सेनापति, जिसे खर-दूषण के साथ अरण्यकांड में राम ने मारा।दुंदुभीमय दानव का भैंसा-रूपी पुत्र, जिसका वध बाली ने किया; इसी कथा से सुग्रीव-बाली का झगड़ा जुड़ा।सिंहिकासमुद्र में रहने वाली छाया-ग्राहिणी राक्षसी, जिसे हनुमान ने लंका-मार्ग में मार डाला।अंशुमानराजा सगर के पौत्र, जिन्होंने गंगा को पृथ्वी पर लाने हेतु घोर तपस्या की।मांधाताइक्ष्वाकु वंश के प्रतापी सम्राट, जिन्होंने समूची पृथ्वी पर शासन किया और राम के पूर्वज हुए।निमिइक्ष्वाकु के पुत्र, जिन्होंने मिथिला (विदेह) राज्य की स्थापना की; जनक इसी वंश के थे।मतंगपंपा सरोवर के निकट आश्रम वाले महर्षि, जिनकी सेविका शबरी ने राम का स्वागत किया।शरभंगअरण्यकांड में राम-दर्शन कर शरीर त्यागने वाले महर्षि, जिनका आश्रम वन-मार्ग में था।पुष्पक विमानकुबेर का दिव्य उड़न-रथ, जिसे रावण ने छीन लिया; विजय के बाद राम इसी पर अयोध्या लौटे।जयंतदेवराज इंद्र का पुत्र, जिसने कौए का रूप धरकर सीता को चोंच मारी और राम के बाण से दंड पाया।शंबूकउत्तरकांड का शूद्र तपस्वी, जिसे राम ने एक ब्राह्मण-पुत्र की मृत्यु के कारण मारा।