शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

तीर्थ एवं स्थान

पवित्र तीर्थ, नगर और वे स्थान जहाँ शास्त्रों की कथाएँ बसती हैं।

काशीगंगा के तट पर बसी शिव की नगरी काशी, जहाँ मरण मात्र से मोक्ष माना जाता है।प्रयागराजगंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर बसा तीर्थराज प्रयाग, कुम्भ का प्रमुख स्थान।हरिद्वारगंगा के हिमालय से मैदान में उतरने का द्वार, कुम्भ का स्थान।अयोध्यासरयू तट पर बसी कोसल की राजधानी, भगवान राम की जन्मभूमि।मथुरायमुना तट पर कृष्ण की जन्मभूमि, ब्रजमंडल का केंद्र।वृंदावनयमुना तट पर कृष्ण की बाल-लीलाओं का स्थल, राधा का क्षेत्र।द्वारकागुजरात के समुद्र तट पर कृष्ण की नगरी, द्वारकाधीश का धाम।हस्तिनापुरगंगा के निकट कौरवों की राजधानी, महाभारत का केंद्र-स्थल।इंद्रप्रस्थयमुना तट पर पांडवों की बसाई राजधानी, आज के दिल्ली क्षेत्र में।कुरुक्षेत्रहरियाणा में महाभारत युद्ध की भूमि, जहाँ गीता का उपदेश हुआ।लंकारावण की स्वर्णनगरी, राम-रावण युद्ध का स्थल, वर्तमान श्रीलंका।चित्रकूटमंदाकिनी तट पर राम के वनवास का स्थल, मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश की सीमा पर।पंचवटीगोदावरी तट पर राम का वनवास-स्थल, जहाँ शूर्पणखा प्रसंग हुआ।किष्किंधावानरों की राजधानी, सुग्रीव-वाली और हनुमान का क्षेत्र।बद्रीनाथहिमालय में अलकनंदा तट पर विष्णु का धाम, चार धाम में एक।केदारनाथहिमालय में मंदाकिनी के निकट शिव का ज्योतिर्लिंग, चार धाम में एक।रामेश्वरमतमिलनाडु में समुद्र तट पर राम द्वारा स्थापित शिवलिंग, ज्योतिर्लिंग।गयाबिहार में फल्गु तट पर पितृ-कर्म का प्रमुख तीर्थ, विष्णुपद मंदिर।उज्जैनमध्य प्रदेश में शिप्रा तट पर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, कुम्भ का स्थान।सोमनाथगुजरात में समुद्र तट पर शिव का प्रथम ज्योतिर्लिंग, प्रभास क्षेत्र।जगन्नाथ पुरीओडिशा में समुद्र तट पर जगन्नाथ धाम, चार धाम में एक।नैमिषारण्यउत्तर प्रदेश में गोमती के निकट ऋषियों का तपःक्षेत्र, पुराण-कथन का स्थल।गोकुलयमुना तट पर कृष्ण का बाल्यकाल-स्थल, नंद-यशोदा का घर।अमरनाथकश्मीर हिमालय की गुफा में हिम-शिवलिंग, अमरकथा का स्थल।गंगोत्रीउत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में भागीरथी नदी के तट पर स्थित गंगा माता का प्रमुख धाम।यमुनोत्रीउत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में बंदरपूँछ पर्वत पर यमुना माता का उद्गम-स्थल।वैष्णो देवीजम्मू के त्रिकुटा पर्वत पर स्थित, तीन पिंडियों वाली शक्ति-गुफा।पुष्करराजस्थान के अजमेर ज़िले में ब्रह्मा जी का प्रसिद्ध मंदिर और पवित्र सरोवर।तिरुपतिआंध्र प्रदेश की शेषाचल पहाड़ियों पर वेंकटेश्वर भगवान का प्रसिद्ध मंदिर।कांचीपुरमतमिलनाडु में वेगवती नदी के तट पर सप्तपुरी में गिनी जाने वाली पवित्र नगरी।गोवर्धनमथुरा ज़िले में गिरिराज पर्वत, जिसे कृष्ण ने उंगली पर धारण किया।बरसानामथुरा ज़िले में श्रीराधा की जन्मस्थली, लठमार होली के लिए विख्यात।नंदगाँवमथुरा ज़िले में नंद बाबा का गाँव, जहाँ कृष्ण का बाल्यकाल बीता।बोधगयाबिहार में फल्गु नदी के तट पर बुद्ध के ज्ञान-प्राप्ति का स्थल।सारनाथवाराणसी के पास बुद्ध के प्रथम उपदेश (धर्मचक्र-प्रवर्तन) का स्थल।हम्पीकर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के तट पर विजयनगर की प्राचीन राजधानी।पंढरपुरमहाराष्ट्र में भीमा (चंद्रभागा) नदी के तट पर विठोबा का प्रसिद्ध मंदिर।नाथद्वाराराजस्थान में श्रीनाथजी (गोवर्धन-धारी कृष्ण) की हवेली-मंदिर।मानसरोवरकैलाश के निकट तिब्बत में स्थित पवित्र सरोवर, जिसकी परिक्रमा होती है।कैलाशतिब्बत में स्थित शिव का निवास माना जाने वाला पवित्र पर्वत।अमरकंटकमध्य प्रदेश में मैकल पर्वतमाला पर नर्मदा का उद्गम-स्थल।ओंकारेश्वरमध्य प्रदेश में नर्मदा के ॐ-आकार द्वीप पर स्थित ज्योतिर्लिंग।विंध्याचलमिर्ज़ापुर में गंगा-तट पर विंध्यवासिनी देवी का शक्तिपीठ।त्र्यंबकेश्वरनासिक के निकट ब्रह्मगिरि पर गोदावरी-उद्गम के पास का ज्योतिर्लिंग।पशुपतिनाथकाठमांडू में बागमती नदी के तट पर शिव का प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर।ज्वाला जीकांगड़ा में सदा प्रज्वलित ज्योतियों वाला शक्तिपीठ।ब्रजमथुरा-वृंदावन के आसपास का क्षेत्र, जहाँ कृष्ण की लीलाएँ हुईं।सप्तपुरीसात मोक्षदायिक नगरियाँ: अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका, द्वारका।चार धामबदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम — चार दिशाओं के धाम।कुंभ मेलाचार स्थानों पर बारह वर्ष के अंतराल पर लगने वाला अमृत-स्नान का महामेला।त्रिवेणी संगमगंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन का पवित्र संगम।मदुरैतमिलनाडु में वैगई नदी के तट पर मीनाक्षी-सुंदरेश्वर का मंदिर-नगर।श्रीरंगमकावेरी-कोल्लिडम के द्वीप पर रंगनाथ (शयन विष्णु) का मंदिर।गंगासागरसागर द्वीप पर गंगा के बंगाल की खाड़ी में मिलन का तीर्थ।