पंचांग
आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग
अन्य नाम: पंचांग, पञ्चाङ्ग
पंचांग का अर्थ है पाँच अंगों वाला। इसके पाँच अंग हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग तथा करण। ये पाँचों मिलकर किसी दिन के शुभ तथा अशुभ समय का निर्णय करते हैं।
पंचांग की गणना सूर्य तथा चंद्र की गति पर आधारित है। प्रत्येक दिन के पंचांग में इन पाँच अंगों का पृथक् विवरण दिया जाता है।
पंचांग व्रत, पर्व, मुहूर्त तथा शुभ कार्यों के निर्णय का मुख्य आधार है। दैनिक पूजा तथा धार्मिक कार्यों में पंचांग देखना परंपरा का अंग है।
प्रसिद्ध कथन
तिथि, वार, नक्षत्र, योग तथा करण — ये पंचांग के पाँच अंग हैं। (भावानुवाद)
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स्रोत: बृहत् संहिता