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भरद्वाज

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: भरद्वाज ऋषि, भारद्वाज

सप्तर्षिद्रोणाचार्य के पिताप्रयागआयुर्वेद

भरद्वाज वर्तमान वैवस्वत मन्वंतर के सप्तर्षियों में से एक हैं। परंपरा में उन्हें बृहस्पति का पुत्र माना जाता है।

उनके पुत्र द्रोणाचार्य थे, जो महाभारत में कौरवों और पांडवों के गुरु हुए। भरद्वाज आश्रम प्रयागराज में था; वनवास जाते समय राम ने वहाँ उनके दर्शन किए और गंगा पार करने का मार्ग पूछा।

ऋग्वेद में भरद्वाज के नाम पर सूक्त हैं; विशेषकर मंडल 6 उन्हें समर्पित माना जाता है। वे आयुर्वेद और धनुर्विद्या दोनों से जुड़े ऋषि माने जाते हैं।

भरद्वाज वंश में अनेक आचार्य हुए; परंपरा में उन्हें यज्ञ-विधि और चिकित्सा-शास्त्र का ज्ञाता माना गया।

नाते-रिश्ते

  • पिता: बृहस्पति
  • पुत्र: द्रोणाचार्य
  • आश्रम: प्रयागराज

संबंधित

द्रोणाचार्यबृहस्पतिसप्तर्षिवसिष्ठविश्वामित्रप्रयागराज

स्रोत: वाल्मीकि रामायण, महाभारत, ऋग्वेद (मंडल 6)