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रामचरितमानस (बालकाण्ड) 2

रोज़ का श्लोक

अन्य नाम: होइहि सोइ जो राम रचि राखा

तुलसीदासभाग्यसमर्पण

अर्थ — जो राम ने रच रखा है, वही होगा; कोई तर्क करके व्यर्थ शाखाएँ क्यों बढ़ाए ?

यह रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई है। यह भाग्य और ईश्वर-संकल्प के प्रति समर्पण का भाव सिखाती है — व्यर्थ की तर्क-वितर्क छोड़कर ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए।

श्लोक

होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा॥

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स्रोत: रामचरितमानस