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विश्रवा

रामायण एवं रामचरितमानस

अन्य नाम: विश्रवा मुनि

ऋषिरावण के पितापुलस्त्य-पुत्र

विश्रवा (विश्रवा मुनि) महर्षि पुलस्त्य के पुत्र और ब्रह्मा के पौत्र थे। वे एक महान तपस्वी ऋषि थे।

विश्रवा की दो पत्नियाँ थीं—देववर्णिनी (इलविला) और कैकसी। देववर्णिनी से धन के देवता कुबेर का जन्म हुआ। कैकसी से रावण, कुंभकर्ण, विभीषण और शूर्पणखा उत्पन्न हुए।

विश्रवा ने कैकसी से विवाह इस शर्त पर किया था कि उसकी संतान उसके समान होगी, जिससे उसके पुत्र राक्षसी प्रवृत्ति के बने। उत्तरकांड में अगस्त्य ऋषि राम को रावण की उत्पत्ति बताते हुए विश्रवा की कथा सुनाते हैं। इस प्रकार विश्रवा कुबेर और रावण—दोनों के पिता होने के कारण महत्वपूर्ण हैं।

नाते-रिश्ते

  • पिता: पुलस्त्य
  • पत्नी: कैकसी, देववर्णिनी
  • पुत्र: कुबेर, रावण, कुंभकर्ण, विभीषण

संबंधित

रावणकुबेरकैकसीकुंभकर्णविभीषण

स्रोत: वाल्मीकि रामायण – उत्तरकाण्ड