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शतरूपा

स्त्री-रत्न एवं विदुषियाँ

अन्य नाम: शतरूपा, शतरूप

सृष्टिमनुपुराण

शतरूपा पुराणों की आदि नारी हैं, जिन्हें ब्रह्मा के शरीर के स्त्री-अंश से उत्पन्न माना जाता है।

विष्णु पुराण के अनुसार ब्रह्मा ने स्वयं को दो भागों में विभाजित किया—पुरुष भाग स्वायंभुव मनु और स्त्री भाग शतरूपा; तप से शुद्ध होकर शतरूपा मनु की पत्नी बनीं।

स्वायंभुव मनु और शतरूपा से प्रियव्रत, उत्तानपाद तथा प्रसूति और आकूति—दो पुत्र और दो पुत्रियाँ उत्पन्न हुईं; इन्हीं से आगे सृष्टि का विस्तार हुआ। कुछ पुराणों में शतरूपा को मानव-सृष्टि की आदि माता माना जाता है; ब्रह्मा के प्रति उनके संबंध की कथा प्रतीकात्मक रूप में भी समझी जाती है।

नाते-रिश्ते

  • पति: स्वायंभुव मनु
  • पिता: ब्रह्मा
  • पुत्र: प्रियव्रत
  • पुत्री: आकूति

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ब्रह्मासंध्याअदिति

स्रोत: विष्णु पुराण / श्रीमद्भागवत पुराण