शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

किष्किंधा

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: किष्किंधा, किष्किन्धा, वानर राजधानी

हनुमानसुग्रीववालीराम

किष्किंधा वानर-राज्य की राजधानी थी, जिसे वर्तमान कर्नाटक के हम्पी-क्षेत्र (तुंगभद्रा नदी के निकट) से जोड़ा जाता है।

रामायण के अनुसार सुग्रीव और वाली यहाँ के वानर राजा थे। राम ने सुग्रीव से मित्रता की और वाली का वध कर सुग्रीव को राज्य दिलाया। यहीं हनुमान राम से मिले और यहीं से सीता की खोज के लिए वानर-दल भेजे गए।

किष्किंधा का महत्व राम-सुग्रीव मैत्री तथा हनुमान के राम-भक्ति-आरंभ से है। हनुमान का जन्म-स्थल भी इसी क्षेत्र में माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

'किष्किन्धा वानरेन्द्राणां पुरी' — किष्किंधा वानरराजों की नगरी है। (भावानुवाद)
'राम-सुग्रीवयोः मैत्री किष्किन्धायाम्' — राम और सुग्रीव की मैत्री किष्किंधा में हुई। (भावानुवाद)

संबंधित

हनुमानश्रीरामसीतालंकापंचवटीरावण

स्रोत: वाल्मीकि रामायण (किष्किन्धा काण्ड)