कुलार्णव तंत्र
ग्रंथ
अन्य नाम: कुलार्णवतंत्र, कुलार्णव
रचयिता / कर्ता: शिव (परंपरा-प्रसिद्ध)
कुलार्णव तंत्र तंत्र-साहित्य का एक प्रमुख और प्रसिद्ध ग्रंथ है। परंपरा के अनुसार यह भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद रूप में है, इसीलिए इसे शिव-कथित माना जाता है।
मुख्य विषय तांत्रिक साधना, कुल-आचार, दीक्षा, गुरु-महिमा, मंत्र-दीक्षा तथा शाक्त उपासना है। इसमें 'कुल' की अवधारणा और कुल-मार्ग का वर्णन है, जो शाक्त तंत्र की विशेष परंपरा है।
ग्रंथ में मंत्र, यंत्र, मुद्रा, चक्र, गुरु-शिष्य परंपरा तथा साधना की अनेक विधियाँ वर्णित हैं। इसमें ज्ञान और भक्ति के साथ तांत्रिक कर्मकांड का भी वर्णन है।
महात्मा: शाक्त तथा तंत्र परंपरा में इसका अत्यंत महत्त्व है और इसे तंत्र-शास्त्र का प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है।
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स्रोत: कुलार्णव तंत्र