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गोकुल

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: गोकुल, महावन, नंदगाँव क्षेत्र

कृष्णनंदयशोदायमुना

गोकुल उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना के तट पर, मथुरा से लगभग पंद्रह किलोमीटर दूर स्थित है। यह नंद और यशोदा का निवास-स्थल माना जाता है।

कथा के अनुसार कृष्ण का जन्म मथुरा की कारागार में हुआ और उसी रात वसुदेव उन्हें गोकुल में नंद-यशोदा के पास ले आए। कृष्ण का बाल्यकाल यहीं बीता; पूतना-वध तथा गोचारण आदि प्रसंग यहीं जुड़े हैं।

यहाँ छठी पालना मंदिर तथा चौरासी खंबा आदि स्थल हैं। गोकुल की यात्रा ब्रज-परिक्रमा का अंग है।

प्रसिद्ध कथन

'गोकुलं नन्दगोपालस्य स्थानम्' — गोकुल नंद-गोपाल का स्थान है। (भावानुवाद)
'गोकुले नन्दसद्मनि' — गोकुल में नंद का भवन। (भावानुवाद, भागवत)

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स्रोत: श्रीमद्भागवत पुराण (दशम स्कंध), विष्णु पुराण