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कैलाश

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: कैलाश पर्वत, कैलाश

तिब्बतशिवपर्वत

कैलाश तिब्बत में, ट्रांस-हिमालय श्रेणी में, समुद्रतल से लगभग 6,638 मीटर ऊँचा पर्वत है। इसे शिव का निवास माना जाता है और इसकी चार दिशाओं की चट्टानें चार भिन्न रंगों की मानी जाती हैं।

कथा: पुराणों में कैलाश को शिव-पार्वती का वास, कुबेर का निवास तथा देवताओं का दरबार बताया गया है। यहीं से चार नदियाँ निकलती मानी जाती हैं। कैलाश को 'स्फटिक के समान' श्वेत और अचल (स्थिर) माना जाता है।

महात्व: कैलाश-मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध (कांग रिनपोछे), जैन (अष्टापद) और बोन — चारों परंपराओं के अनुयायियों के लिए परम पवित्र है। कैलाश की परिक्रमा लगभग 52 किमी की होती है। परंपरा में कैलाश के शिखर पर चढ़ना वर्जित माना जाता है।

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शिवकुबेरमानसरोवरगंगा

स्रोत: शिव पुराण; स्कन्द पुराण