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केदारनाथ

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: केदारनाथ, केदारखंड, केदार

शिवज्योतिर्लिंगचार धामहिमालय

केदारनाथ उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में, हिमालय में मंदाकिनी नदी के निकट स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में एक और चार धाम में शामिल है।

कथा है कि महाभारत युद्ध के पश्चात पांडव शिव से मिलने हिमालय आए; शिव से बचने के लिए वृषभ का रूप धारण कर भागे, पर भीम ने उन्हें पकड़ लिया। शिव यहाँ केदार रूप में प्रकट हुए; उनका पृष्ठ-भाग यहाँ प्रतिष्ठित हुआ, हाथ काठमांडू के पशुपतिनाथ और मुख तुंगनाथ में माना जाता है।

केदारनाथ मंदिर में शिव की अर्ध-गोलाकार शिला पूजित है। आदि शंकराचार्य ने इसकी व्यवस्था की। शीतकाल में पूजा ऊखीमठ में होती है।

प्रसिद्ध कथन

'केदारं हिमवत्प्रान्ते शिवः' — हिमालय प्रांत में केदार शिव विराजते हैं। (भावानुवाद)
'पश्चिम-मुखं केदारे' — शिव का पृष्ठ-भाग केदारनाथ में प्रतिष्ठित है। (भावानुवाद)

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स्रोत: स्कन्द पुराण (केदारखंड), महाभारत