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ईशोपनिषद 1

रोज़ का श्लोक

अन्य नाम: ईशावास्यमिदं सर्वं

त्यागअपरिग्रहईश्वर

अर्थ — इस जगत में जो कुछ भी चराचर है, वह सब ईश्वर से व्याप्त है। इसलिए त्याग भाव से उसका उपभोग कर; किसी के धन का लोभ मत कर।

ईशोपनिषद का प्रथम मंत्र जीवन का आधार-सूत्र देता है — सब ईश्वर का है, इसलिए भोग में भी त्याग और अपरिग्रह रखो। यह भारतीय जीवन-दर्शन का प्रसिद्ध सूत्र है।

श्लोक

ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम्॥

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स्रोत: ईशोपनिषद