त्रिदेव
शब्दावली
अन्य नाम: त्रिदेव, त्रिमूर्ति, ब्रह्मा विष्णु महेश
त्रिदेव अर्थात् तीन प्रमुख देव — ब्रह्मा (सृष्टि-कर्ता), विष्णु (पालक) और शिव या महेश (संहारक)। इन्हें 'त्रिमूर्ति' कहा जाता है।
शास्त्रीय आधार: पुराणों में सृष्टि-स्थिति-संहार के तीन कार्य इन तीन देवों को दिए गए हैं। ये एक ही परमेश्वर के तीन रूप माने जाते हैं; भिन्न संप्रदायों में अपने इष्ट को सर्वोच्च माना जाता है।
विस्तृत अर्थ: ब्रह्मा को वेदों का ज्ञाता और प्रजापति कहा गया; विष्णु धर्म-रक्षा हेतु अवतार लेते हैं; शिव आदि-योगी और संहारक हैं। त्रिदेव की स्तुतियाँ अनेक पुराणों में मिलती हैं।
उदाहरण: सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा, विष्णु और शिव के आपसी संवाद; अवतारों में विष्णु की भूमिका और प्रलय में शिव की भूमिका।
प्रसिद्ध कथन
'एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति।' — सत्य एक है, विद्वान उसे भिन्न नामों से कहते हैं। (ऋग्वेद 1.164.46)
'ब्रह्मा विष्णुश्च रुद्रश्च' — ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र। (भावानुवाद)
संबंधित
स्रोत: विष्णु पुराण, शिव पुराण, मार्कण्डेय पुराण