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गया

तीर्थ एवं स्थान

अन्य नाम: गया, गयाजी, पितृ तीर्थ

पितृविष्णुफल्गुमोक्ष

गया बिहार राज्य में फल्गु नदी के तट पर स्थित है। यह हिन्दुओं का प्रमुख पितृ-तीर्थ है, जहाँ पिंडदान और श्राद्ध किए जाते हैं।

कथा के अनुसार गयासुर नामक दैत्य के शरीर से यह क्षेत्र बना; उसने तपस्या से ऐसा वरदान पाया कि जो उसे देखे वह पवित्र हो जाए। विष्णु ने गयासुर के शरीर पर अपना चरण रखकर उसे पाताल भेजा; उसका शरीर तीर्थ बन गया। विष्णुपद मंदिर में विष्णु के चरण-चिह्न हैं।

फल्गु नदी में पिंडदान, अक्षयवट के निकट श्राद्ध तथा विष्णुपद दर्शन यहाँ के मुख्य कर्म हैं। पितरों के उद्धार हेतु यह तीर्थ विशेष माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

'गया पितॄणां तीर्थम्' — गया पितरों का तीर्थ है। (भावानुवाद)
'गयासुरस्य शरीरं तीर्थम् अभवत्' — गयासुर का शरीर ही तीर्थ बना। (भावानुवाद)

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स्रोत: गरुड़ पुराण, वायु पुराण, विष्णु पुराण