दमयंती
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: दमयंती
दमयंती विदर्भराज की पुत्री और राजा नल की पत्नी थीं। उनकी कथा नल-दमयंती की प्रसिद्ध कथा है।
स्वयंवर में दमयंती ने नल को वरा। देवताओं ने भी नल का रूप धारण किया था, पर दमयंती ने नल को ही पहचाना। कलि के प्रभाव से नल जुए में सर्वस्व हार गए और दोनों वन में अलग हो गए।
विरह में दमयंती ने नल को खोजा और अंत में वे पुनः मिले। दमयंती पातिव्रत, बुद्धि और धैर्य की प्रतीक मानी जाती हैं।
नाते-रिश्ते
- पति: राजा नल
- पिता: राजा भीम (विदर्भ)
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स्रोत: महाभारत – वन पर्व