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विवेकचूड़ामणि

ग्रंथ

अन्य नाम: विवेकचूडामणि

रचयिता / कर्ता: आदि शंकराचार्य

वेदांतअद्वैतआत्मज्ञानशंकराचार्य

विवेकचूड़ामणि अद्वैत वेदांत का प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसमें साधक को नित्य-अनित्य विवेचन के द्वारा आत्मज्ञान की ओर बढ़ने का मार्ग बताया गया है।

इसके रचयिता परंपरा से आदि शंकराचार्य माने जाते हैं। ग्रंथ में साधन-चतुष्टय, गुरु-शिष्य संवाद और ब्रह्म-जिज्ञासा आदि विषय काव्यमय श्लोकों में आए हैं।

विषय आत्मा और ब्रह्म की एकता, माया तथा मोक्ष है। विवेकचूड़ामणि अद्वैत वेदांत के अध्ययन का प्रमुख प्रवेश-ग्रंथ माना जाता है और साधकों में अत्यंत लोकप्रिय है।

प्रसिद्ध कथन

सर्ववेदान्तसिद्धान्तगोचरं तमगोचरम्। गोविन्दं परमानन्दमसद्गुरुमुपास्महे॥ (विवेकचूड़ामणि, प्रारंभिक श्लोक)

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स्रोत: विवेकचूड़ामणि (शंकराचार्य)