शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

काशी पंचकोशी यात्रा

तीर्थ यात्राएँ

अन्य नाम: पंचकोशी यात्रा, काशी परिक्रमा, पंचक्रोशी यात्रा

काशीशिवपरिक्रमावाराणसी

काशी पंचकोशी यात्रा काशी (वाराणसी) क्षेत्र की पाँच कोस की परिक्रमा है, जिसमें लगभग एक सौ आठ मंदिर-तीर्थ पड़ते हैं, जिनमें छत्तीस गंगा-तट पर हैं। यह परिक्रमा काशी-क्षेत्र की पवित्र सीमा का निर्धारण करती है।

परम्परा के अनुसार यह यात्रा ज्ञानवापी कूप के जल से संकल्प लेकर मणिकर्णिका घाट के चक्र-पुष्करिणी कुंड से आरम्भ होती है और पाँच पड़ावों पर विश्राम करते हुए पूरी होती है। शिवरात्रि से पूर्व और अधिकमास में इसका विशेष विधान है।

काशी खंड और काशी रहस्य में इस परिक्रमा का विस्तार से वर्णन मिलता है। मान्यता है कि इससे काशी के समस्त देवी-देवताओं के दर्शन का पुण्य मिलता है और मन के पाँचों विकार दूर होते हैं।

संबंधित

काशीशिवकर्णगंगा

स्रोत: काशी खंड (स्कन्द पुराण)