शास्त्रज्ञशास्त्रों के ग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान और शब्द — एक जगह

चक्र

आयुर्वेद, ज्योतिष एवं योग

अन्य नाम: चक्र, पद्म, ऊर्जा केंद्र

योगतंत्रकुंडलिनी

चक्र सूक्ष्म शरीर में स्थित ऊर्जा-केंद्रों को कहते हैं। चक्र का शब्दार्थ है पहिया या कमल, इसलिए इन्हें कमल के रूप में दर्शाया जाता है।

हठयोग तथा तंत्र-ग्रंथों में चक्रों का वर्णन मिलता है। मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा तथा सहस्रार — ये सात प्रमुख चक्र माने जाते हैं।

चक्रों को प्राण तथा चेतना का केंद्र माना जाता है। कुंडलिनी-साधना में इन चक्रों का भेदन तथा जागरण महत्वपूर्ण माना जाता है।

संबंधित

कुंडलिनीमुद्राप्राणायामसुषुम्नाशिव

स्रोत: हठयोगप्रदीपिका