मत्स्य अवतरण
कथाएँ एवं घटनाएँ
अन्य नाम: मत्स्य, मछली अवतार
मत्स्य अवतरण की कथा जल-प्रलय और वेद-रक्षा की कथा है। राजा मनु को स्नान करते समय एक छोटी मछली मिली, जिसने बढ़ने पर उन्हें प्रलय की चेतावनी दी।
यह कथा मत्स्य पुराण तथा श्रीमद्भागवत पुराण के अष्टम स्कन्ध में वर्णित है। कथा के मुख्य पात्र मत्स्य (विष्णु), मनु, सप्तर्षि और हयग्रीव दैत्य हैं।
मत्स्य ने मनु की नाव को प्रलय के जल में सुरक्षित रखा और हयग्रीव से वेदों को बचाया। मनु के वंश से नई सृष्टि हुई। यह कथा भगवान की रक्षा और ज्ञान-संरक्षण का प्रतीक है।
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स्रोत: मत्स्य पुराण