बाष्कल शाखा
ग्रंथ
अन्य नाम: बाष्कला शाखा, वाष्कल शाखा
रचयिता / कर्ता: बाष्कल / परंपरा-प्रसिद्ध
बाष्कल शाखा ऋग्वेद की एक शाखा है, जिसे चरण-व्यूह में शाकल के बाद गिना जाता है।
इस शाखा की संहिता में 'खिलानि' नामक अतिरिक्त मन्त्र हैं जो शाकल पाठ में नहीं मिलते; इसका एक कश्मीर-पाण्डुलिपि में संरक्षण हुआ है।
बाष्कल शाखा से कौषीतकि ब्राह्मण जुड़ा माना जाता है; इसकी मौखिक परम्परा प्रायः लुप्त मानी जाती है।
संबंधित
स्रोत: Wikipedia (Shakha); sanskrit-lexicon (Caranavyuha)