अग्नि पुराण
ग्रंथ
अन्य नाम: अग्निपुराण
रचयिता / कर्ता: वेदव्यास
अग्नि पुराण अट्ठारह महापुराणों में से एक है, जिसे अग्निदेव द्वारा वशिष्ठ को कथित माना जाता है। परंपरा के अनुसार इसका संकलन वेदव्यास ने किया।
इसका सबसे बड़ा वैशिष्ट्य इसका विश्वकोश-स्वरूप है। इसमें व्याकरण, छंद, काव्य-अलंकार, ज्योतिष, राजनीति, धनुर्विद्या, आयुर्वेद, रत्न-परीक्षा, मंत्र-तंत्र, पूजा-विधि तथा दान-धर्म जैसे अनेक विषय हैं।
साथ ही इसमें विष्णु, शिव तथा देवी की स्तुतियाँ, अवतार-कथाएँ और मोक्ष-धर्म संबंधी उपदेश भी हैं। अध्यायों की संख्या लगभग तीन सौ अस्सी मानी जाती है।
महात्मा: यह पुराण प्राचीन भारतीय विज्ञान, कला और शास्त्र-ज्ञान का महत्त्वपूर्ण संदर्भ-ग्रंथ है।
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स्रोत: अग्नि पुराण